ePaper

अलीगढ़ में 1732 बच्चों को पिलाया गया सोना, क्यों पिलाई जाती हैं स्वर्ण प्राशन में गोल्ड की 2 बूंद

Updated at : 28 Sep 2022 8:36 AM (IST)
विज्ञापन
अलीगढ़ में 1732 बच्चों को पिलाया गया सोना, क्यों पिलाई जाती हैं स्वर्ण प्राशन में गोल्ड की 2 बूंद

अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बाल विकास परियोजना शहर के अन्तर्गत 5 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया, जिससे यशोदा कार्यक्रम का जनपद में श्रीगणेश हुआ. साथ ही 1727 बच्चों को जनप्रतिनिधियों ने स्वर्ण प्राशन कराया. स्वर्ण प्राशन के तहत देशी घी, शहद, ब्राह्मी और स्वर्ण भस्म के घोल दो ड्रॉप पिलाए गये.

विज्ञापन

Aligarh News: आपने सुना होगा ‘ दो बूंद जिंदगी की ‘, अलीगढ़ में 1732 बच्चों को ‘ दो बूंद सोने की ‘ पिलाई गई. यह सत्य है अलीगढ़ के डीएम ने कुपोषित बच्चों को स्वर्ण प्राशन में दो बूंद स्वर्ण यानी सोने की पिला करा ‘ यशोदा ‘ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया.

1732 बच्चों का हुआ स्वर्ण प्राशन

अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बाल विकास परियोजना शहर के अन्तर्गत 5 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया, जिससे यशोदा कार्यक्रम का जनपद में श्रीगणेश हुआ. साथ ही 1727 बच्चों को जनप्रतिनिधियों ने स्वर्ण प्राशन कराया. स्वर्ण प्राशन के तहत देशी घी, शहद, ब्राह्मी और स्वर्ण भस्म के घोल दो ड्रॉप पिलाए गये. जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयश कुमार ने बताया कि ’यशोदा’ एक बहु आयामी कार्यक्रम है, जिसमें सैम बच्चों के परिवार में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाएं एवं बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिये चिकित्सक नामित किए गए हैं.

स्वर्ण प्राशन क्या होता है?

ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने प्रभात खबर को बताया कि स्वर्ण प्राशन सनातन धर्म के 16 प्राचीन संस्कारों में से एक संस्कार है, जो बच्चे के जन्म से लेकर 16 वर्ष की आयु तक कराया जाता है. स्वर्ण प्राशन आयुर्वेद चिकित्सा की वह धरोहर है, जो बच्चों में होने वाली मौसमी बीमरियों से रक्षा करता है. स्वर्ण प्राशन से विभिन्न रोगों से लड़ने की क्षमता बच्चों पैदा होती है.

स्वर्ण प्राशन ऐसे बनता है…

स्वर्ण प्राशन संस्कार स्वर्ण यानी सोने के साथ शहद, ब्रह्माणी, अश्वगंधा, गिलोय, शंखपुष्पी, वचा आदि जड़ी बुटियों से बनाया हुआ एक रसायन है, जिसका सेवन पुष्य नक्षत्र के दौरान किया जाता है. स्वर्णप्राशन संस्कार से बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक गति में अच्छा सुधार होता है. यह इम्युनिटी बूस्टर होता है, जो बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता पैदा करता है.

स्वर्ण प्राशन के फायदे…

  • स्वर्ण प्राशन बच्चों के लिए बहुत ही लाभदायक है.

  • बालक की बुद्धि, मन, बल एवं पाचन शाक्ति सही होती है.

  • 6 माह तक नियमित सेवन से बच्चे में स्मरण शक्ति बढ़ोत्तरी होती है.

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है.

  • शारीरिक शाक्ति में वृद्धि होती है.

  • पाचन तंत्र मजबूत होता है.

  • बैक्टीरियल और वायरस संक्रमण से बचाव होता है.

  • महामारी एवं मौसमी बीमारियों से बचाव होता है.

Also Read: अलीगढ़ की रूबी खान ने रखे पूरे नवरात्रि के व्रत, करेंगी मां लक्ष्मी की पूजा और मनाएंगी करवाचौथ

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola