UP News: दिव्यांग दिवस पर बोले सीएम योगी - शारीरिक बनावट नहीं, संकल्प और आत्मबल तय करते हैं क्षमता का पैमाना
Published by : Pritish Sahay Updated At : 06 Dec 2025 11:14 AM
CM Yogi
UP News: सीएम योगी ने कहा कि भारत ही नहीं, पूरी दुनिया ने दिव्यांगजनों को अपने अद्भुत आत्मबल और संकल्प शक्ति से असाधारण उपलब्धियां हासिल करते हुए देखा है. उन्होंने अष्टावक्र ऋषि और संत सूरदास का उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि दिव्यांगता कभी भी प्रतिभा के रास्ते की बाधा नहीं बनी.
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसी व्यक्ति की शारीरिक बनावट उसकी क्षमता, प्रतिभा या भविष्य का निर्धारण नहीं करती। असली शक्ति मन, संकल्प और आत्मबल में होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषि परंपरा ने हमेशा यही सिखाया है कि मनुष्य की वास्तविक पहचान उसके आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और कर्म से होती है। मुख्यमंत्री यह बातें बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व दिव्यांग दिवस 2025 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कह रहे थे। इस अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति वितरण, सहायक उपकरण वितरण और उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांग व्यक्तियों व संस्थाओं का सम्मान किया गया.
दिव्यांगजन की संकल्प शक्ति पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा
सीएम योगी ने कहा कि भारत ही नहीं, पूरी दुनिया ने दिव्यांगजनों को अपने अद्भुत आत्मबल और संकल्प शक्ति से असाधारण उपलब्धियां हासिल करते हुए देखा है. उन्होंने अष्टावक्र ऋषि और संत सूरदास का उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि दिव्यांगता कभी भी प्रतिभा के रास्ते की बाधा नहीं बनी. उन्होंने कहा कि आज विश्व दिव्यांग दिवस के साथ-साथ देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती भी है, जिनके जीवन मूल्यों से हमें सदैव प्रेरणा मिलती है.
उपेक्षा नहीं, संबल से बदलती है दिव्यांग जीवन की दिशा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कई बार परिवार और समाज अनजाने में दिव्यांग बच्चों की उपेक्षा कर बैठता है, जिससे उनका मन कुंठित हो जाता है। अगर प्रारंभ से ही उन्हें सम्मान, मार्गदर्शन और संबल मिले तो वे समाज के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सिर्फ सहानुभूति नहीं, बल्कि सशक्तिकरण देना है.
पैरालंपिक मेडलिस्ट सचिव और दृष्टिबाधित मंडलायुक्त का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव स्वयं पैरालंपिक पदक विजेता हैं। इसके साथ ही चित्रकूट के मंडलायुक्त दृष्टिबाधित होते हुए भी पूरी निष्ठा और क्षमता के साथ प्रशासनिक दायित्व निभा रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि संकल्प शक्ति ही असली सामर्थ्य है.
दिव्यांगजन कल्याण में यूपी सरकार के बड़े कदम
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि:
- दिव्यांग पेंशन 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई.
- लाभार्थियों की संख्या 8 लाख से बढ़ाकर 11 लाख से अधिक हुई.
- अब तक 16.23 लाख से अधिक यूडीआईडी कार्ड जारी किए गए.
- 3.84 लाख से अधिक कृत्रिम उपकरण वितरित किए गए.
- कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए 6 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है.
- कृत्रिम अंग अनुदान 15 हजार रुपये किया गया.
- सरकारी सेवाओं में 4% और शिक्षण संस्थानों में 5% आरक्षण लागू किया गया.
18 मंडलों में बचपन डे केयर सेंटर, दो विशेष विश्वविद्यालय प्रदेश में
- 18 मंडलों में बचपन डे केयर सेंटर
- 21 विशेष विद्यालयों में 1,488 दिव्यांग बच्चे अध्ययनरत
- दिव्यांगजन के लिए दो विशेष विश्वविद्यालय
- डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय
जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांगजन विश्वविद्यालय
यहां दिव्यांग छात्रों को शिक्षा, आवास और भोजन की पूरी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। दिव्यांग विद्यार्थियों से संवाद, उपहार बांटे, सेल्फी भी ली कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांग विद्यार्थियों से संवाद किया, उन्हें चॉकलेट, मील बॉक्स, एमआर किट और अन्य उपहार दिए तथा बच्चों के अनुरोध पर उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। इसके बाद उन्होंने दिव्यांग उत्पादों की प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया.
राज्य स्तरीय पुरस्कारों से हुए दिव्यांगजन व संस्थाएं सम्मानित
कार्यक्रम में दिव्यांग कर्मचारियों, खिलाड़ियों, संस्थाओं, प्लेसमेंट एजेंसियों, पुनर्वास केंद्रों और उत्कृष्ट जनपद को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रयागराज को सर्वश्रेष्ठ जनपद का पुरस्कार मिला, वहीं राजकीय ब्रेल प्रेस, लखनऊ को भी विशेष सम्मान दिया गया.
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By Pritish Sahay
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