Purnia News: मोबाइल के झगड़े में दो सगी बहन ने दी जान, पुलिस के पहुंचने से पहले कर दिया गया दाह संस्कार

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Feb 2025 8:20 PM

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Purnia News: पूर्णिया जिले में दो बहनों ने मामूली झगड़े में अपनी जान दे दी. पुलिस के मुताबिक दोनों बहन रामलीला देखकर घर लौंटी और मोबाइल को लेकर उनमें बहस हुआ.

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Purnia News: पूर्णिया में मोबाइल को लेकर हुए झगड़े के बाद दो सगी बहन ने फंदे से लटककर जान दे दी. पूर्णिया के धमदाहा थानाक्षेत्र के तरौनी गांव में हुई इस घटना से सभी स्तब्ध रह गये. मृतकों में तरौनी के उमेश मेहता की दो बेटी नंदनी कुमारी( 18) एवं मिली कुमारी (16 ) शामिल हैं. इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष धमदाहा सरोज कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर धमदाहा थाना पुलिस तरौनी गांव गई थी. पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों का दाह संस्कार कर दिया गया था.

परिवार के लोगों ने क्या बताया

परिवार के लोगों ने दोनों बहनों के बीच बुधवार की रात किसी बात पर झगड़ा होने की बात बतायी है. परिवार के लोगों का कहना है कि दोनों के बीच हुए झगड़ा के कारण ही दोनों ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी है. जानकारी के अनुसार, दोनों बहन गांव के हटिया चौक पर विगत एक सप्ताह से चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम में रामलीला देखने गयी थी. रामलीला देखने के बाद बुधवार की रात 11 बजे के करीब घर वापस लौटी थी. इसके बाद मृतका दोनों बहन ऊपर के कमरे में चली गयी एव मां बाप नीचे के कमरे सो गये.

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परिजनों में मच गयी चीख पुकार

रात 3:30 बजे के करीब नीचे सो रहे मां-बाप को ऊपर के कमरे में कुछ हलचल को लेकर शक हुआ. कुछ देर बाद दोनों ऊपर के कमरे में दोनों बेटी को देखने गये तो दोनों के शव फंदे से लटके मिले. इसके बाद परिजनों में चीख पुकार मच गयी. हालांकि आनन फानन में परिजनों तथा रिश्तेदार दोनों के अंतिम संस्कार में जुट गए. धमदाहा थाना पुलिस दिन के 12:00 के करीब तरौनी गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंची. तब तक परिवार के लोग दाह संस्कार कर घर वापस लौट आए थे.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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