झारखंड में दूसरे विश्व युद्ध का दूसरा 227 किलो का बम भी डिफ्यूज, स्वर्णरेखा नदी के किनारे किया गया विस्फोट
Published by : Sameer Oraon Updated At : 22 Apr 2026 1:25 PM

World War ii Bomb: पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में बुधवार को भारतीय सेना ने एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. सुवर्णरेखा नदी के तट पर मिले द्वितीय विश्व युद्ध के 227 किलोग्राम वजनी जिंदा अमेरिकी बम को सेना के विशेषज्ञों ने नियंत्रित विस्फोट के जरिये निष्क्रिय कर दिया. 10 फीट गहरे गड्ढे और बालू की बोरियों के घेरे में किए गए इस धमाके की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई. देखिए कैसे 80 साल बाद खत्म हुआ यह बड़ा खतरा.
पूर्वी सिंहभूम, (राकेश सिंह की रिपोर्ट): पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा स्थित पानीपड़ा-नागुइसाई के समीप स्वर्णरेखा नदी तट पर मिला द्वितीय विश्व युद्ध का बम बरामद कर उसे डिफ्यूज कर दिया गया है. बुधवार को भारतीय सेना के विशेषज्ञों ने एक जटिल ऑपरेशन के तहत इस 227 किलोग्राम वाले बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया. इस बम के मिलने के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल था, जिसे सेना की सूझबूझ ने खत्म कर दिया है.
सुरक्षा घेरे में किया गया नियंत्रित विस्फोट
यूएसए एएनएम-64 (USA ANM-64) मार्का के इस अमेरिका निर्मित बम को निष्क्रिय करने के लिए सेना ने विशेष रणनीति अपनाई. बम को करीब 10 फीट गहरे गड्ढे में रखा गया और उसे बालू की बोरियों से पूरी तरह ढंक दिया गया ताकि विस्फोट का असर नियंत्रित रहे. सुरक्षा के मद्देनजर विस्फोट स्थल से एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह खाली करा दिया गया था और बंगाल-झारखंड सीमा पर लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी.
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कैप्टन आयुष सिंह के नेतृत्व में हुआ ऑपरेशन
इस संवेदनशील मिशन का नेतृत्व कैप्टन आयुष कुमार सिंह कर रहे थे, जबकि पूरी कार्रवाई लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशों में संपन्न हुई. कलाइकुंडा एयरबेस से तालमेल स्थापित करने के बाद, सेना ने करीब एक किलोमीटर की सुरक्षित दूरी से डेटोनेटर के माध्यम से बम में नियंत्रित विस्फोट किया. धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की धरती हिल गई और इसकी गूंज सुदूर ग्रामीण इलाकों तक सुनाई दी.
80 साल पहले गिराया गया था यह बम
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बम द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के दौरान गिराया गया होगा, जो दशकों से नदी की रेत में सुरक्षित दबा हुआ था. यह 15 अप्रैल को अचानक नदी तट पर दिखाई दिया था, जिसकी सूचना बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाह ने तत्काल वरीय अधिकारियों को दी थी. पिछले चार दिनों से सेना की टीम लगातार इस स्थल की रेकी और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही थी.
प्रशासन और जनता ने ली राहत की सांस
बम के सफलतापूर्वक नष्ट होने के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. इस इलाके में दूसरी बार इस तरह का युद्धकालीन बम मिला है, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और सामरिक महत्व को भी दर्शाता है. पुलिस ने फिलहाल लोगों को नदी तट के उस हिस्से की ओर अभी न जाने की सलाह दी है जब तक कि पूरी तरह जांच पूर्ण न हो जाए.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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