Dhiraj Sahu IT Raid Case: नोट गिनने की मशीन क्या होती है और यह कैसे काम करती है?

Updated at : 09 Dec 2023 10:29 AM (IST)
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Dhiraj Sahu IT Raid Case: नोट गिनने की मशीन क्या होती है और यह कैसे काम करती है?

Dhiraj Sahu IT Raid Case - खबर है कि पैसे इतनी बड़ी मात्रा में बरामद किये गए कि उन्हें गिनने वाली मशीन भी खराब हो गई. आपको बता दें कि नोटों की गिनती के लिए सॉफ्स्ट‍िकेटेड करेंसी वेरीफेकेशन एंड प्रॉसेसिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाता है. यह कैश काउंटिंग मशीन ज्यादा सुरक्ष‍ित और तेज है.

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Dhiraj Sahu IT Raid Case : झारखंड के राज्यसभा सांसद धीरज साहू से जुड़ी कंपनियों के अड्डों पर छापेमारी जारी है. बताया जा रहा है कि धीरज साहू के करीबियों के ठिकाने से 300 करोड़ रुपये से अधिक नकद मिले हैं. झारखंड के कांग्रेस नेता से जुड़े इस मामले में आयकर विभाग की छापेमारी तीसरे दिन भी जारी है और रेड के अभी दो दिन और जारी रहने की संभावना है.

नोट गिनने की मशीन क्या होती है और यह कैसे काम करती है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, 30 अलमारियों में भरे इन नोटों को गिनने लगी बड़ी मशीनों भी जवाब दे गईं. खबर है कि पैसे इतनी बड़ी मात्रा में बरामद किये गए कि उन्हें गिनने वाली मशीन भी खराब हो गई. आपको बता दें कि नोटों की गिनती के लिए सॉफ्स्ट‍िकेटेड करेंसी वेरीफेकेशन एंड प्रॉसेसिंग (सीवीपीएस) मशीन का इस्तेमाल किया जाता है. यह कैश काउंटिंग मशीन ज्यादा सुरक्ष‍ित और तेज है. यह मशीन नोटों की वैल्यू और असली व नकली की पहचान करने में माहिर है. आरबीआई ने बयान जारी कर कहा कि ये मशीन काउंटिंग मशीन से काफी ज्यादा बेहतर हैं.

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क्या हैं प्रावधान?

बताया जाता है कि छापेमारी में बरामद किये गए नोटों को गिनने में कम से कम तीन दिन लग जाएंगे. नोटों की गिनती के बाद इस व्यापारिक समूह द्वारा नकदी रखने की वैधानिक अधिकार से साथ मिलान करने के बाद अतिरिक्त नकदी को जब्त किया जाएगा. इसके बाद आयकर अधिनियम में निहित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

छह दिसंबर को हुई थी छापेमारी

ओडिशा आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने टैक्स चोरी के आरोप में छह दिसंबर को बीडीपीएल व्यापारिक समूह से जुड़ी कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी. बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड (बीडीपीएल) व्यापारिक समूह में चार कंपनियां-बीडीपीएल, बलदेव साहू इंफ्रा लि, क्वालिटी बॉटलर्स और किशोर प्रसाद-विजय प्रसाद बिवरेज लिमिटेड शामिल हैं. बलदेव साहू इंफ्रा फ्लाई ऐश ब्रिक्स का काम करती है, जबकि शेष सभी कंपनियां शराब के व्यापार से संबंधित हैं.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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