खेलों के वो पल जिन्होंने आंखों से छलकाए आंसू तो गर्व से चौड़ा किया सीना, इन पांच वजहों से याद रहेगा साल 2021

Best moments of Indian sports 2021: साल 2021 भारतीय खेल जगत के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक रहा. इस साल भारत ने कई ऐतिसाहिसक सफलताएं हासिल कीं, जानिए उनके बारे में.
Best moments of Indian sports 2021: साल 2021 खत्म होने में अब कुछ ही दिन बाकी है और साल 2022 के लिए लोगों का इंतजार जारी है. इस बीते हुए साल की यादें अब तक लोगों के जेहन में ताजा हैं और शायद हमेशा ताजा ही रहेंगी. साल 2021 की शुरुआत कोरोना वायरस के खतरे, जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच हुई तो अंत भी कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रोन के दस्तक के बीच हो रही है. लेकिन इसी दौर में अगर लोगों के दर्द पर मरहम लगाने का काम किसी ने किया तो वो थे भारतीय खिलाड़ी. भारतीय खिलाड़ियों ने दुनियाभर में बड़ी उपलब्धियां हासिल की और देशवासियों को खुश होने का मौका दिया. आइए नजर डालते हैं साल 2021 के ऐसे ही कुछ लम्हों पर …
साल 2021 की शुरुआत भारतीय क्रिकेट के लिए काफी खास रही. भारत ने लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में ही मात दी. अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हरा कर टेस्ट सीरीज अपने नाम किया. विराट कोहली की गैरमौजूदगी में भारत के युवा खिलाड़ियों ने जो कारनामा कर दिखाया उसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा. एडिलेड टेस्ट में महज 36 रन पर भारतीय टीम ढेर हो गई थी, लेकिन इसके बाद टीम इंडिया ने जो वापसी की और 2-1 के अंतर से सीरीज अपने नाम किया. टीम इंडिया की जीत की कहानी युवा खिलाड़ियों ऋषभ पंत, शार्दुल ठाकुर, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज और नवदीप सैनी ने लिखी थी. इस जीत को भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा.
खेलों में भारत के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी अगस्त में आया जब देश का तिरंगा सबसे उपर लहराया. टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा (Niraj Chopra Olympic gold) ने गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए अमर करा लिया. नीरज चोपड़ा ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने. नीरज ने 87 मीटर से ज्यादा दूरी तक भाला फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. वो ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा के बाद व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बने.
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चार दशक से भारतीय पुरुष हॉकी टीम ओलिंपिक पदक नहीं जीत पा रही थी, लेकिन इस साल कहानी बदल गई. मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने इस बार टोक्यो ओलिंपिक-2020 में कांस्य पदक जीता और भारत के चार दशक से चले आ रहे ओलिंपिक पदक के सूखे को खत्म किया. कांस्य पदक के मैच में भारत ने करीबी मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से हराया तो पूरा देश इस पल से भावुक और जोश से लबरेज था. वहीं पुरुषों की टीम ने जहां इतिहास रचा तो महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं. भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची. सेमीफाइनल में पहुंचना ही भारत के लिए बड़ी उपलब्धि थी. क्योंकि इससे पहले ये कभी नहीं हुआ था.
टोक्यो पैरालिंपिक में भी भारतीय खिलाड़ियों ने सारी अड़चनों को पीछे छोड़ते हुए अपना अभी तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कर इतिहास रच दिया. भारत ने इन खेलों में कुल 19 पदक अपने नाम किए जिनमें से पांच गोल्ड, आठ सिल्वर और छह कांस्य पदक शामिल रहे. इनमें कुछ पदक भारत को पहली बार मिले. शूटर अवनी लखेरा ने एक गोल्ड और एक ब्रान्ज मेडल अपने नाम कर इतिहास रचा.
वहीं इस साल के जाते-जाते भारतीय क्रिकेट में एक बवाल भी देखने को मिला. BCCI ने विराट कोहली (virat kohli) को वनडे की कप्तानी से हटाकर रोहित शर्मा को टीम की कमान सौंपी. विराट को वनडे की कप्तानी से हटाए जाने के बाद टीम में काफी बवाल देखने को मिला. रोहित-शर्मा और विराट के बीच मनमुटाव की खबरें भी सामने आयीं, हांलाकि कोहली ने इसे सिरे से नकार दिया पर विराट और BCCI के बीच एक अलग ही जंग देखने को मिली. एक तरफ बोर्ड प्रेसिडेंट सौरव गांगुली ने बताया कि उन्होंने विराट से टी20 की कप्तानी ना छोड़ने की अपील की थी तो दूसरी तरफ कोहली ने ऐसे किसी भी बात से इनकार किया. चाहे जो भी हम उम्मीद करते हैं आने वाला साल भारतीय खेलों के लिए एक नया सवेरा लेकर आए.
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