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Teacher's Day 2022 : CCL की नौकरी छोड़ गुरुजी बने नारायण राम के पढ़ाने का अंदाज है निराला, छात्र हैं कायल

Updated at : 04 Sep 2022 8:01 PM (IST)
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Teacher's Day 2022 : CCL की नौकरी छोड़ गुरुजी बने नारायण राम के पढ़ाने का अंदाज है निराला, छात्र हैं कायल

Teacher's Day 2022: शिक्षक छात्रों को कई माध्यम से पढ़ाते हैं. चाहे वो खेल-खेल में पढ़ाने की बात हो या फिर किसी और तरीके से, ताकि बच्चों को पढ़ाई बोझिल नहीं लगे. ऐसे ही शिक्षकों में से एक हैं गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के आदर्श मध्य विद्यालय, औरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक नारायण राम.

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Teacher’s Day 2022: गिरिडीह (कुमार गौरव): शिक्षक छात्रों को कई माध्यम से पढ़ाते हैं. चाहे वो खेल-खेल में पढ़ाने की बात हो या फिर किसी और तरीके से, ताकि बच्चों को पढ़ाई बोझिल नहीं लगे. ऐसे ही शिक्षकों में से एक हैं गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के आदर्श मध्य विद्यालय, औरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक नारायण राम, जो बच्चों को गीत के माध्यम से शिक्षा देते हैं. इनमें शिक्षक बनने का इतना जुनून था कि इन्होंने झारखंड के हजारीबाग जिले के चरही में सीसीएल की ऐशो-आराम की नौकरी छोड़ दी थी और टीचर बन गए.

गीत के जरिए पढ़ाई

सीसीएल की नौकरी छोड़ने के बाद नारायण राम ने वर्ष 2000 में प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए गोपालडीह मिडिल स्कूल में पहला योगदान दिया था. फिर उसके छह माह बाद आदर्श मध्य विद्यालय औरा में वर्ष 2001 से बच्चों को शिक्षा देना शुरू किया. फिलहाल प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं. नारायण राम का बच्चों को पढ़ाने का अंदाज चर्चा में रहता है. ये स्कूल के बच्चों को गीत के माध्यम से पढ़ाते हैं. गणित विषय के शिक्षक होने के कारण वे गणित विषय को गीतों में पिरोकर पढ़ाते हैं. इसके अलावा हिंदी विषय की कविताओं को भी गाना (गीत) के माध्यम से गाकर बच्चों को पढ़ाते हैं. इससे बच्चे जल्दी सीख जाते हैं.

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हिंदी व गणित को बना देते हैं रोचक

शिक्षक नारायण राम अपनी कला के माध्यम से बच्चों को पढ़ाते हैं. पढ़-पढ़ लो गणित, इसकी बहुत है मांग, पढ़-पढ़ लो गणित, इसका बड़ा है काम. इसके बिना नहीं चलेगा काम. स्वरचित गीत को गाकर स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं. बच्चे बताते हैं कि नारायण सर के द्वारा खेल और गीत के माध्यम से पढ़ाने का तरीका बहुत अच्छा है. इससे हमलोग जल्दी सीखते हैं. इसके अलावा हिंदी में वीर तुम बढ़े चलो, बढ़े चलो, हाथ में ध्वजा रहे, बाल दल सजा रहे, ध्वजा कभी झुके नहीं, दल कभी रुके नहीं, जैसी कविताओं को भी गाना के बोल पर बच्चों को पढ़ाते हैं. इसे लेकर बच्चे भी काफी उत्साहित रहते हैं.

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क्या कहते हैं टीचर नारायण राम 

नारायण राम ने कहा कि बच्चे कल के भविष्य हैं. यदि ये जिम्मेदार नागरिक बनेंगे, तभी तो मेरा देश महान बनेगा. ये तभी हो सकता है, जब बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे. अच्छी शिक्षा तभी प्राप्त करेंगे, जब अनुशासन में रहकर नियमित रूप से पढ़ाई पूरी करेंगे. दिल से किया गया कोई भी कार्य विफल नहीं होता.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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