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सुप्रीम कोर्ट से तृणमूल नेता माणिक भट्टाचार्य को लगा झटका, कोर्ट ने गिरफ्तारी को सही ठहराया

Updated at : 20 Oct 2022 8:21 PM (IST)
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सुप्रीम कोर्ट से तृणमूल नेता माणिक भट्टाचार्य को लगा झटका, कोर्ट ने गिरफ्तारी को सही ठहराया

माणिक भट्टाचार्य ने अपनी याचिका में अदालत से इसीआइआर के आधार पर शुरू की गयी कार्रवाई के बाद गिरफ्तारी को अवैध घोषित कर उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश देने का अनुरोध किया था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उन्हें किसी भी प्रकार का राहत देने से इनकार कर दिया.

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तृणमूल कांग्रेस के विधायक व पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा पर्षद के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है.

माणिक भट्टाचार्य की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

गुरुवार को न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस एवं न्यायाधीश विक्रमनाथ की बेंच ने माणिक भट्टाचार्य की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ईडी द्वारा माणिक भट्टाचार्य को गिरफ्तार करने में कोई गलती नहीं की गयी है.

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सुप्रीम कोर्ट ने माणिक भट्टाचार्य को राहत देने से किया इनकार

बता दें कि माणिक भट्टाचार्य ने अपनी याचिका में अदालत से इसीआइआर के आधार पर शुरू की गयी कार्रवाई के बाद गिरफ्तारी को अवैध घोषित कर उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश देने का अनुरोध किया था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उन्हें किसी भी प्रकार का राहत देने से इनकार कर दिया.

जेल में बीतेगी माणिक भट्टाचार्य की दिवाली

इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि माणिक भट्टाचार्य को 25 अक्तूबर 2022 तक ईडी की हिरासत में ही रहना होगा. गौरतलब है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में आरोपी माणिक भट्टाचार्य को ईडी ने आर्थिक गबन के आरोप में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के फैसले को चुनौती देते हुए माणिक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

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माणिक की उम्मीदों के विपरीत आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला

माणिक भट्टाचार्य को उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनका पक्ष सुनने के बाद कोर्ट उनकी दलीलों से संतुष्ट होकर उन्हें ईडी की हिरासत से राहत दिलवा सकता है. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी उम्मीदों के विपरीत फैसला दिया. कोर्ट ने साफ कर दिया कि ईडी ने कोई गलती नहीं की है.

पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई का खूब हुआ विरोध

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता जोरदार विरोध करते हैं. केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसी के दुरुपयोग के भी खूब आरोप लगाये गये. हालांकि, हाल के दिनों में तृणमूल के शीर्ष नेताओं ने सीधे तौर पर इस मुद्दे पर केंद्र पर हमला बोलना बंद कर दिया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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