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Exclusive:शाहरुख के स्टंट बॉडी डबल अनीश मिर्जा ने बताई, Jawan के मुकम्मल जवान विक्रम राठौड़ बनने की पूरी कहानी

Updated at : 15 Sep 2023 11:34 AM (IST)
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Exclusive:शाहरुख के स्टंट बॉडी डबल अनीश मिर्जा ने बताई, Jawan के मुकम्मल जवान विक्रम राठौड़ बनने की पूरी कहानी

जवान मैं शाहरुख़ खान का बॉडी डबल बनने का मौका अनीश मिर्जा को कैसे मिला. इसपर लेकर अनीश ने कहा, उनके साथ पहले मैंने थम्स का शूट किया था. उसमें मैंने उनका बॉडी डबल किया था. इसके अलावा स्टंट मैन के तौर पर भी उसमे काम किया था. सीन में शाहरुख़ मुझे उठाकर एक टेबल पर पटकते हैं.

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शाहरुख खान की फ़िल्म जवान इनदिनों टिकट खिड़की पर सफलता की नयी कहानी लिख रही है. इस फ़िल्म में शाहरुख़ खान दोहरी भूमिका में हैं. फ़िल्म में पिता वाली भूमिका यानी विक्रम सिंह राठौड़ के किरदार ने वह सबसे ज़्यादा वाहवाही बटोर रहे हैं. ऐसे में दर्शकों के लिए यह जानना भी दिलचस्प होगा कि हैरान कर देने वाले शाहरुख खान के स्टंट में उनके इस किरदार के लिए शाहरुख़ खान के बॉडी डबल स्टंट मैन अनीश मिर्जा ने अहम योगदान दिया है. अनीश के इस फ़िल्म से जुड़ाव,अनुभवों और चुनौतियों पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत .

जवान मैं शाहरुख़ खान का बॉडी डबल बनने का मौका कैसे आपको मिला?

उनके साथ पहले मैंने थम्स का शूट किया था. उसमें मैंने उनका बॉडी डबल किया था. इसके अलावा स्टंट मैन के तौर पर भी उसमे काम किया था. सीन में शाहरुख़ मुझे उठाकर एक टेबल पर पटकते हैं. उस एड की शूटिंग को कई महीने बीत चुके थे. एक दिन जवान की प्रोडक्शन टीम से कॉल आया कि शाहरुख़ खान सर आपसे मिलना चाहते हैं. उनसे मिलने के लिए मैं उनके बंगले मन्नत गया. उन्होंने मुझे देखा और कहा कि हां मैं इसे जानता हूं, मैंने इसके साथ काम किया है. हां इसे लॉक कर दो. प्रोडक्शन टीम ने कहा कि आप लॉक हो गए हैं, तो अब आपको रिहर्सल शुरू कर दी. वैसे 18 सितम्बर को मैं सीएमटी सरिया की एड फ़िल्म शाहरुख़ खान के साथ फिर से शूट कर रहा हूं.

किस तरह की रिहर्सल की थी आपने?

सबसे पहले मुझे अपना वजन बढ़ाना पड़ा. उन्हें ऐसा चाहिए था, जो बेटे से बड़ा लगे. विक्रम राठौड़ बनने के लिए मुझे अपना सात से आठ किलो वजन बढ़ाना पड़ा. जवान के हर एक्शन सीक्वेन्स से पहले हम रिहर्सल करते थे. जिसमें सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए हम स्टंट को करते हैं. पूरा स्टंट स्टेप बाय स्टेप स्टंट को कोरियोग्राफ करते हैं. हम लोग वो सब शूट करते हैँ। एक मिनट का प्रीव्यू टाइप रहता है. हमलोग उसे डायरेक्टर को दिखाते हैं. इससे डायरेक्टर और डीओपी का काम आसान हो जाता है. उन्हें समझ आ जाता है कि यह कैसे होगा.

फ़िल्म में आपका पहला सीन कौन सा था?

इंटरवल के पहले, जिसमें विक्रम राठौड़ की एंट्री होती है. वो मेरा पहला सीन था. सच कहूं तो साउथ इंडिया के एक्शन डायरेक्टर थे, उनका स्टाइल थोड़ा टफ था, जिस तरह से उन्होंने मुझे परफॉर्म करने बोला था. इसके अलावा दूसरी दिक्कत शाहरुख़ सर के अंदाज में उसे परफॉर्म करना था और मैंने शाहरुख सर को उस अंदाज में परफॉर्म करते हुए इससे पहले देखा नहीं था, लेकिन शाहरुख़ सर ने पूरी मदद की. उन्होंने उस किरदार पर मुझे पांच मिनट का ब्रीफ दिया था कि ये ऐसे चलकर आएगा. पंच ऐसे मारेगा, तो उससे बहुत मदद मिल गयी. वैसे मैं शाहरुख़ सर को बॉडी डबल परफेक्ट लगूं, इसका वे खुद भी बहुत ध्यान रखते थे. मॉनिटर पर वह मेरे बालों से लेकर बॉडी लैंग्वेज तक पर पूरा ध्यान रखते थे. मैंने विग पहनी हुई थी. यह फ़िल्म का सबसे लम्बा शूट होने वाला भी सीन था. इस सीक्वेन्स में पूरे 15 दिन गए थे.

कोई खास सीन जिसकी शूटिंग मुश्किल थी?

फ़िल्म के फ़्लैशबैक में एक कुश्ती वाला सीन था. कीचड़ जो परदे पर नज़र आ रहा है. वह असल में मुल्तानी मिट्टी थी, लेकिन शूटिंग के वक़्त सीन को प्रभावी बनाने के लिए वे भर भर के मुल्तानी मिट्टी फेंक रहे थे, जिससे आंख खोलना भी मुश्किल हो रहा था. उसपर सीन परफॉर्म करना मुश्किल था?

आपके परफॉरमेंस पर शाहरुख़ खान का कुछ खास रिएक्शन था?

सर खुश थे. एटली सर को भी मेरा काम पसंद आया. शुरुआत में मैं बहुत नर्वस था कि मैं कर पा रहा हूं या नहीं. शुरुआत के दो से तीन दिन परेशान था, लेकिन सभी की मदद से चीजें आसान हो गयी.

शाहरुख़ खान का बाइक वाला स्टंट आपने किया था?

नहीं, विदेशी स्टंट मैंन खासकर उस स्टंट सीन को परफॉर्म करने के लिए लाया गया था.

जवान की शूटिंग क्या चेन्नई में ही हुई है?

नहीं, चेन्नई के साथ मुंबई में भी शूटिंग हुई है. आप जो कार चेजिंग वाला सीन देख रहे हैं. वह औरंगाबाद में हुआ था. चेन्नई में मेरा 25 दिनों का शेड्यूल था. मुंबई में भी उतना समय गया था. फिल्मसिटी के लेक्स और खंडाला घाट पर शूटिंग हुई. यशराज स्टूडियो के पास एक स्टूडियो में भी शूटिंग हुई है.

अपने बैकग्राउंड के बारे में कुछ बताइए?

मैं मुंबई में ही पला – बढ़ा हूं. आठ साल से इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. शमशेरा में रणबीर का बॉडी डबल था. घुड़सवारी का सारा स्टंट मैंने किया था. वॉर में टाइगर का बॉडी डबल किया था. इसके अलावा उनकी फ़िल्में हीरोपंती और बागी 2 में भी बॉडी डबल था.

क्या कभी लगा नहीं कि मैं खुद एक्टिंग में हाथ आजमाऊं?

शुरुआत एक्टर के तौर पर ही की थी. एक्टिंग का कोर्स भी किया है. कुछ विज्ञापन फ़िल्में की हैं.एक दो फिल्मों में छोटा मोटा काम भी किया है. मेरे पिता इसी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं रफीक मिर्जा वे एक्शन से जुड़े हैं।90 के दशक में सुनील शेट्टी, गोविंदा और सलमान खान के वे बॉडी डबल रहे थे. उन्होंने बोला एक्टिंग में संघर्ष करना है कर लेकिन स्टंट मैंन का कार्ड भी बना लें. जैसे ही मेरा कार्ड बना मुझे लोगों ने बुलाना शुरू कर दिया क्योंकि मेरी हाइट और बॉडी अच्छी थी. सभी को लगा कि ये हीरो लोगों का बॉडी डबल बन सकता है. फ़िल्म हीरो में मैं सूरज पंचोली का बॉडी डबल बना था. उसके बाद मेरी जर्नी शुरू हो गयी.

आपके पिता ज़ब बॉडी डबल थे और अब जब आप हैं तो कितना फर्क पाते हैं?

अभी स्टंट मैन का काम बहुत सुरक्षित हो गया है. मेरे डैड ने दस फ्लोर की बिल्डिंग से बिना किसी वायर के सहारे के जम्प किया है. नीचे सिर्फ गद्दे होते थे. मेरे डैड को बहुत चोटें आयी हैं. अभी के वक़्त में सुरक्षा का बहुत ख्याल रखा जाता है. सबकुछ बहुत अच्छी क्वालिटी का होता है. अभी सिर्फ कटना, छिलना यही चोट के नाम पर लगता है. वो भी ग्लास तोड़ते हुए। (हंसते हुए ) वैसे इइंडस्ट्री में यह कहा जाता है कि ग्लास तोड़ते हुए अगर खून थोड़ा नहीं निकला मतलब ग्लास अच्छा नहीं था.

आपने स्टंट में कुछ खास ट्रेनिंग भी ली है?

मेरे पिता के साथ बचपन मे मैं सेट पर जाता था तो डैड को स्टंट करते हुए देखता था, तो थोड़ा वहां से अपने आप आ गया. मुझे डांस का भी बहुत शौक है. बी बॉइंग मैंने डांस फॉर्म सीखा है, तो उसने मुझे स्टंट में भी मदद करता है. जुहू बीच में एक्शन असिस्टेंट से ट्रेनिंग ली है. ये सबसे मैंने अपनी एक स्टाइल बनायीं.

आप एक्टर बनना चाहते थे, ऐसे में बॉडी डबल की पहचान से कितने खुश हैं?

ख्वाहिश तो एक्टिंग की है, मौका मिलेगा तो करना चाहूंगा, लेकिन फिलहाल स्टंट मैन वाली पहचान से खुश हूं क्योंकि बड़े – बड़े एक्टर, डायरेक्टर मुझे नाम से जानते हैं. सम्मान देते हैं. क्या पता एक्टिंग में संघर्ष कर रहा होता तो इस मुकाम पर पहुंच भी पाता था या नहीं. हो सकता था कि एक सीरियल ही कर पाता था.

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By कोरी

कोरी is a contributor at Prabhat Khabar.

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