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Rama Ekadashi 2021: आज है रमा एकादशी, जानें पूजन और पारण का शुभ मुहूर्त, इसके बिना अधूरा है व्रत

Updated at : 01 Nov 2021 11:43 AM (IST)
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Rama Ekadashi 2021: आज है रमा एकादशी, जानें पूजन और पारण का शुभ मुहूर्त, इसके बिना अधूरा है व्रत

Rama Ekadashi 2021 Significance vrat vidhi and pujan samagri list: इस साल रमा एकादशी व्रत आज यानी 1 नवंबर को रखा गया है, रमा एकादशी की पूजा करने से जीवन की सभी विघ्न-बाधाएं दूर हो जाती हैं.जानें इसकी व्रत कथा और पूजा वि.

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Rama Ekadashi 2021: आज (सोमवार) के दिन मां लक्ष्मी के रमा स्वरूप की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है और साथ-साथ भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार केशव स्वरूप की भी पूजा करने का विधान है. शास्त्र के अनुसार दीपावली से पहले मां लक्ष्मी की पूजा रमा एकादशी को करने से माता बहुत प्रसन्न होती हैं. हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को रमा के नाम से भी पुकारा जाता है. रमा एकादशी की पूजा करने से जीवन की सभी विघ्न-बाधाएं दूर हो जाती हैं.

रमा एकादशी पर विशेष प्रयोग

मानसिक तनाव और स्वास्थ्य की समस्या को दूर करने के उपाय. एकादशी के दिन उपवास रक्खें तो उत्तम होगा. रात्रि के समय में श्री हरि के केशव स्वरुप की पूजा करें. उनके सामने श्री गोपाल स्तुति का पाठ करें. इसके बाद अच्छे स्वास्थ्य तथा अच्छी मानसिक स्थिति की प्रार्थना करें.

रमा एकादशी के पूजा की विधि

रमा एकादशी व्रत के नियम व्रत के 1 दिन पहले यानी दशमी के दिन से ही शुरू हो जाते हैं. यानी जो लोग रमा एकादशी का व्रत रखते हैं वो दशमी के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन ग्रहण नहीं कर सकते. रमा एकादशी पर महालक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है.

1. रमा एकादशी का व्रत शुरू करने से पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.

2. स्नान करने के बाद रमा एकादशी व्रत का संकल्प लें और मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की आराधना करें.

3. रमा एकादशी की पूजा करते हुए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को तुलसी, दीप, नैवेद्य, धूप, और फल-फूल अर्पित करें.

4. रात में भगवान विष्णु का भजन-कीर्तन करना चाहिए या फिर रात्रि जागरण करना चाहिए.

5. एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी पर पूजा के बाद गरीब जरूरतमंद लोगों को या फिर ब्राह्मणों को भोजन करा कर उन्हें दान दक्षिणा दें.

6. ऐसा करने के बाद आप भोजन कर अपना व्रत खोल सकते हैं.

रमा एकादशी 2021 शुभ मुहूर्त-

एकादशी तिथि 31 अक्टूबर की सुबह 02 बजकर 27 मिनट से प्रारंभ होकर 1 नवंबर की दोपहर 1 बजकर 21 मिनट तक रहेगी. व्रत पारण का शुभ समय 2 नवंबर, मंगलवार को सुबह 06 बजकर 39 मिनट से सुबह 08 बजकर 56 मिनट तक है.

Posted By: Shaurya Punj

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