जामताड़ा की राह पर नवादा, पढ़ाई से ज्यादा साइबर क्राइम में युवाओं की दिलचस्पी, नहीं थम रही घटनाएं

दशक भर पहले वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के गिने-चुने गांव में बहुत कम लोग ठगी के धंधे से जुड़े थे. लेकिन, एक दशक के अंदर साइबर क्राइम का मानों प्रचलन बन गया हो. यही कारण है कि आज क्षेत्र का एक भी वैसा गांव व टोला साइबर क्राइम से अछूता नहीं बचा है.
नवादा जिले के वारिसलीगंज क्षेत्र पिछले कई महीनों से साइबर क्राइम के मामले में सुर्खियों में है. यहां के साइबर बदमाशों का आतंक देशभर में फैल चुका है. देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के कई गांवों से ठगों की गिरफ्तारी भी कर चुकी है. बताया जाता है कि ठग गिरोह के झांसे में आकर बिहार ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना समेत अन्य राज्य के लोग भी ठगे जा रहे हैं.
ठग गिरोह के सदस्य पहले लोगों के मोबाइल पर इनाम पाने की सूचना शेयर करता है. इसके बाद मीठी-मीठी वाणी बोल कर अपना बैंक का खाता नंबर देता है. उस खाते पर रजिस्ट्रेशन व अन्य कागजात दुरुस्त करने के नाम पर रकम भेजने को कहता है. कम लागत में ज्यादा पाने के लालच में आकर ठगे गये लोग उसके खाते पर बिना समय गंवाए मांगी गयी रकम भेज देते हैं. जैसे ही ठग के खाते में राशि पहुंचती है, वैसे ही गिरोह के सदस्य फटाफट वारिसलीगंज समेत जिले के अन्य शहरों में एटीएम से रुपये की निकासी कर लेते हैं. हालांकि, अब ठग गिरोह के सदस्य दूसरे जिले नालंदा, शेखपुरा आदि में लगी एटीएम से रुपये निकाल रहे हैं.
पुराने जमाने की एक कहावत है, देखा-देखी पाप और देखा-देखी पुण्य. आज से दशक भर पहले वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के गिने-चुने गांव में बहुत कम लोग ठगी के धंधे से जुड़े थे. लेकिन, एक दशक के अंदर साइबर क्राइम का मानों प्रचलन बन गया हो. यही कारण है कि आज क्षेत्र का एक भी वैसा गांव व टोला साइबर क्राइम से अछूता नहीं बचा है. हालांकि, ठगी के धंधे में अल्पावधि में धनवान बनने की सोच के कारण दिन-प्रतिदिन काफी संख्या में लोग जुटते जा रहे हैं.
पहले ठग गिरोह के सदस्य अपने-अपने घर से साइबर क्राइम का काम किया करता था. लेकिन, लगातार हो रही गिरफ्तारी के भय से ठग गिरोह के सदस्य घर छोड़कर अब खेत-बधार में हाय-हेल्लो कर भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. हाल के दिनों में खेतों से की गयी साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी भी सबूत को पुख्ता करता है कि ठगी का कार्य अब खेतों से किया जा रहा है.
बिना मेहनत और बगैर डिग्री के ही युवक ठगी के धंधे से प्रतिदिन अच्छा-खासा रुपये की कमाई कर रहा है. यह देख आसपास के युवा भी ठगी के धंधे में ही जुड़ना उचित समझने लगे हैं. तेजी से धंधे में खासकर कम उम्र के युवाओं का जुड़ाव हो रहा है. इस कारण अधिकतर युवकों की पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं रह गयी है. युवक ठगी के धंधे को ही अपनाकर बिना मेहनत किये लाखों रुपये कमाने का सपना पाल रखे हैं. यही कारण है कि पढ़ाई के प्रति युवकों में दिलचस्पी नहीं देखी जा रही है.
पांच साल पहले आर्थिक अपराध थाना व एसटीएफ पटना की टीम ने वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अपसढ़ गांव में छापेमारी कर ठग गिरोह के चार सदस्यों को नकदी समेत अवैध कागजात के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिसिया पूछताछ में गिरफ्तार चारों साइबर बदमाशों ने प्रखंड की चकवाय पंचायत के मुखिया जितेंद्र कुमार उर्फ जालो को गिरोह का संचालनकर्ता बताया था. उस समय इस मामले में एसटीएफ के एसआइ विकास कुमार के आवेदन पर आर्थिक अपराध थाना पटना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. उसमें छह लोगों को आरोपित बनाया गया था, जिसमें पुलिस ने मुखिया जालो समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी.
थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में साइबर बदमाशों की संख्या में इस कदर इजाफा हुआ है कि माननीय न्यायालय को भी हस्तक्षेप करने पर विवश होना पड़ा. यहां के जनप्रतिनिधि भी साइबर मामले से जुड़े हैं. यही कारण है कि थाना क्षेत्र की चकवाय पंचायत के मुखिया क्रमशः जितेंद्र कुमार उर्फ जालो व मृत्युंजय कुमार उर्फ मिथुन को शपथ ग्रहण के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार किया था. बताया गया कि जितेंद्र की गिरफ्तारी 24 जून 2016 एवं मृत्युंजय की गिरफ्तारी 14 फरवरी 2022 को की गयी थी. हालांकि, कुछ दिनों के बाद दोनों मुखिया बेल पर जेल से बाहर निकले थे.
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29 जनवरी 2020 को हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने पतंजलि कंपनी की एजेंसी देने के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी के मामले में भवानी विगहा गांव से दो साइबर अपराधियों को नौ लाख 97 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया था.
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04 फरवरी 2020 को हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने लॉटरी का झासा देकर धोखाधड़ी के आरोप में मकनपुर गांव से एक साइबर बमदाश को गिरफ्तार किया था.
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05 जून 2020 को थाना क्षेत्र की चकवाय पंचायत स्थित बाघी गांव से छह साइबर बदमाश गिरफ्तार किये गये थे.
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04 जुलाई 2022 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने कांधा गांव से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया था. उनके विरुद्ध यूपी के फैजाबाद जिले के अयोध्या नगर थाना सहित अन्य थानों में ऑनलाइन धोखाधड़ी कर लाखों की हेराफेरी का मामला दर्ज है.
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30 अगस्त 2020 को छत्तीसगढ़ पुलिस ने डीआरडीओ के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक से 14 लाख 50 हजार रुपये ठगी के मामले में चकवाय, बलवापर, मीरविगहा गांव में छापेमारी कर पांच साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया. उनके पास से पांच लाख 23 हजार रुपये नकदी समेत अन्य सामान जब्त किया.
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19 दिसंबर 2020 को तेलंगाना पुलिस ने पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधी को जलालपुर गांव से गिरफ्तार किया था. इनके विरुद्ध 13 लाख 30 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गुदड़ी पल्ली थाना में कांड संख्या 103/20 दर्ज करायी गयी.
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22 दिसंबर 2020 को गंभीरपुर गांव में छापेमारी कर पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को चार लाख रुपये के अलावा अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया था.
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24 जून 2021 को मुंबई पुलिस ने मीरबिगहा से दो साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया.
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09 जुलाई 2021 हरियाणा पुलिस ने अपसढ़ गांव से दो साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया था. इनके विरुद्ध हरियाणा के रोहतक सोनीपत थाने में लग्जरी वाहन के नाम पर 15 लाख रुपये ठगी का मामला दर्ज है.
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26 अक्तूबर 2021 को महाराष्ट्र के नासिक की पुलिस ने भवानीविगहा गांव से दो साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया.
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31 दिसंबर 2021 को झारखंड साइबर सेल की लातेहार पुलिस ने कोंचगांव व बाघी गांव से दो साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया.
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23 दिसंबर 2021 को चकवाय गांव से 17 साइबर अपराधियों को एक लाख 35 हजार 716 रुपये व अन्य सामानों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
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24 दिसंबर 2021 को अरवल जिले के कुर्था थाने की पुलिस ने भेड़िया-फतहा गांव से एक साइबर बदमाश को ढ़ाई लाख रुपये नकदी के साथ गिरफ्तार किया था.
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17 फरवरी 2022 को राजस्थान पुलिस ने मोसमा पंचायत स्थित कोरमा गांव से एक साइबर बदमाश को गिरफ्तार किया था.
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18 फरवरी 2022 को तेलंगाना पुलिस ने कोंच गांव से एक साइबर बदमाश को 03 लाख 50 हजार रुपये नकदी व अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया था.
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19 अप्रैल 2022 को स्थानीय पुलिस ने बेलदरिया गांव से नौ साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया था.
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25 मई 2022 को उत्तराखंड पुलिस ने धनबिगहा गांव से एक ठग को एक लाख 25 हजार रुपये व अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया.
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29 मई 2022 को स्थानीय पुलिस ने मोहिउद्दीनपुर गांव से एक ठग को गिरफ्तार किया था.
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01 जून 2022 को हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने कोंचगांव पंचायत स्थित झौर गांव से एक साइबर क्राइमर को गिरफ्तार किया था.
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08 जून 2022 को स्थानीय पुलिस ने मंजौर गांव के एक बगीचा से एक ठग को गिरफ्तार किया था.
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14 अगस्त 2022 को हैदराबाद के साइराबाद की पुलिस ने भवानी विगहा गांव से चार साइबर अपराधी को एक करोड़ 22 लाख 77 हजार रुपये नकदी व तीन कीमती लग्जरी गाड़ी व अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया था.
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03 अक्तूबर 2022 को नालंदा पुलिस ने सोरहीपुर गांव से 17 लाख तीन हजार रुपये के साथ महिला समेत युवक को गिरफ्तार किया था.
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30 नवंबर 2022 को राजस्थान व स्थानीय पुलिस ने मकनपुर पंचायत स्थित मसुदा गांव से एक लाख रुपये व अन्य सामान के साथ छह साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया था.
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01 दिसंबर 2022 को जहानाबाद पुलिस ने कोंच गांव पंचायत स्थित कांधा गांव से एक साइबर बदमाश को गिरफ्तार किया था.
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वारिसलीगंज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डाॅ गोविंद तिवारी कहते हैं कि साइबर क्राइम रोकने के लिए पुलिस प्रशासन अपने स्तर से कार्य कर रहा है. लेकिन, साइबर क्राइम घटने के बजाय पनप रहा है. इसमें सबसे ज्यादा दोषी परिवार व समाज है. क्योंकि, उन्हें उसका लाभ मिल रहा है. इसीलिए परिवार के लोगों का मौन समर्थन प्राप्त हो रहा है. यही नहीं, साइबर बदमाश के जेल जाने के बाद पैरवी कर छुड़वाने में भी परिवार के लोग का हाथ है. यदि परिवार, समाज व संबंधी इस गलत कार्य को करनेवाले को हतोत्साहित करें, संरक्षण न दें, उनका सहयोग न करें, तो निश्चित रूप से इस अपराध से समाज मुक्त हो जायेगा.
नवादा जिले के एसडीपीओ पकरीबरावां महेश चौधरी ने बताया कि साइबर बदमाशों के विरुद्ध पुलिस पूरी तत्परता व तन्मयता के साथ कार्रवाई कर रही है. चाहे गुप्त सूचना पर हो या गिरफ्तार ठग के बयान के आधार पर, यथाशीघ्र पुलिस कार्रवाई करती है. इस कड़ी में काफी संख्या में साइबर बदमाशों की गिरफ्तारी भी हुई है. क्षेत्र के लोगों से अपील है कि किसी भी व्यक्ति को साइबर बदमाशों के बारे में जानकारी हो, तो हमें सूचना दें. उनका नाम गुप्त रखा जायेगा.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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