ओडिशा के सीएम की कुर्सी छोड़ने को तैयार थे नवीन पटनायक, वीके पांडियन का बड़ा खुलासा

बीजद नेता ने कहा कि श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प की सफलता के पीछे मुख्यमंत्री का दृढ़ विश्वास ही था. वह ओडिशा के लोगों का भला करने के लिए सरकार छोड़ने के लिए भी तैयार हैं.
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक सीएम की कुर्सी तक छोड़ने के लिए तैयार थे. बीजू जनता दल (बीजद) के नेता वीके पांडियन ने यह खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि ओडिशा के पांच बार के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पुरी में श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प और पुरी विरासत गलियारा परियोजना के लिए दृढ़ संकल्पित थे, फिर चाहे उन्हें अपनी 24 साल पुरानी सरकार ही क्यों ना छोड़नी पड़े. नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी और नौकरशाह से नेता बने पांडियन ने ये बातें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं. इस कार्यक्रम में 11 देशों और 20 भारतीय राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था. पांडियन ने पटनायक के हवाले से कहा, ‘मैं जोखिम लूंगा, मैं अपनी सरकार छोड़ दूंगा, लेकिन मैं यह (परियोजना) पूरा करूंगा.’
वीके पांडियन 800 करोड़ रुपए के श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प और पुरी के जगन्नाथ मंदिर के आसपास विरासत गलियारे पर दर्शकों को संबोधित कर रहे थे. इस परियोजना का वर्ष 2021 में शुरुआत से ही कई लोगों ने विरोध किया था. हालांकि, नवीन पटनायक अड़े रहे और इसे दृढ़ संकल्प के साथ पूरा किया. हाल के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पांडियन ने कहा, ‘किसी बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से पूछा था कि क्या वह इसे (परियोजना) करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं? क्योंकि इतने सालों में, कई लोगों ने कुछ भी नहीं किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इसे पूरा करने को लेकर काफी गंभीर हूं.’
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पांडियन ने वहां मौजूद लोगों से उस व्यक्ति का हवाला देते हुए कहा, ‘उस व्यक्ति ने कहा कि इसमें बहुत बड़ा राजनीतिक जोखिम है, क्योंकि मैंने, ऐसे मुख्यमंत्रियों को देखा है, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ परियोजना शुरू की और फिर 15 दिन या एक महीने बाद बंद कर दिया, क्योंकि वे जानते थे कि वे मुश्किल में फंस रहे हैं, जिससे उनका राजनीतिक करियर खत्म हो सकता है और सरकार गिर भी सकती है.
वीके पांडियन के अनुसार, नवीन पटनायक ने उस व्यक्ति से कहा, ‘यह मेरा पांचवां कार्यकाल है. लोगों ने मुझे बहुत प्यार और स्नेह दिया है. उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया है. लोग भगवान जगन्नाथ से भी बहुत प्यार करते हैं और उनके प्रति बहुत सम्मान रखते हैं, अगर मैं उन लोगों के लिए ऐसा नहीं करता हूं, जिन्हें मुझ पर भरोसा है, तो मुझे लगता है कि इतिहास मेरे बारे में बहुत गलत आकलन कर सकता है. मैं जोखिम लूंगा, मैं अपनी सरकार छोड़ दूंगा, लेकिन यह काम अवश्य करवाऊंगा.’
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बीजद नेता ने कहा कि श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प की सफलता के पीछे मुख्यमंत्री का दृढ़ विश्वास ही था. वह ओडिशा के लोगों का भला करने के लिए सरकार छोड़ने के लिए भी तैयार हैं. पांडियन ने कहा कि पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 12वीं शताब्दी के मंदिर के लिए 700 वर्ष के बाद कुछ किया गया है. पांडियन ने कहा, ‘गजपति को पुरी का राजा माना जाता है और वह मंदिर के ‘कर्ता’ भी हैं.’
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