Garhwa: कब्रिस्तान को बचाने के लिए सड़क पर उतरा मुस्लिम समुदाय, तीन घंटे तक किया प्रदर्शन, जताया आक्रोश

सिराज अहमद अंसारी ने कहा कि कब्रिस्तान के बगल से रास्ता निकालने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं है, क्योंकि एक तो दूसरी तरफ के लोग इसके लिए राजी हैं और वहां कोई धार्मिक स्थल भी नहीं है. उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज कब्रिस्तान में सो रहे हैं, उनकी नींद में खलल डालना धर्म विरुद्ध है.
गढ़वा, पीयू्ष तिवारी. गढ़वा जिला में एनएच-75 बाईपास निर्माण के रास्ते में गढ़वा प्रखंड के अंचला-नावाडीह गांव में पड़ने वाले कब्रिस्तान को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए सोमवार को विशाल जनआक्रोश रैली हुई. कब्रिस्तान बचाओ अभियान के बैनर तले आयोजित इस जनआक्रोश रैली में गढ़वा जिले के विभिन्न प्रखंडों से मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए. गोविंद उच्च विद्यालय मैदान से निकली रैली में लोगों ने बैनर व तख्तियां ले रखी थी. रैली समाहरणालय तक गयी. वहां आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया.
रैली के बाद समाहरणालय में एक सभा हुई. इसकी अध्यक्षता कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव मो आशिक अंसारी तथा संचालन झालको के पूर्व चेयरमैन सिराज अहमद अंसारी ने की. इस मौके पर आशिक अंसारी ने कहा कि वे एनएच-75 के निर्माण के लिए सर्वे के समय से ही कब्रिस्तान के बगल से रास्ता बनाने की मांग करते आ रहे हैं. लेकिन उनकी मांगों पर प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई सुनवाई नहीं की गयी.
उन्होंने कहा कि अब जब अन्य सभी तरफ की सड़कें बन गयीं हैं और कब्रिस्तान व कर्बला तोड़ने की नौबत आन पड़ी है, तब भी किसी तरह की पहल नहीं की जा रही है. यहां के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सभी लोग निराश हो चुके हैं. वे सरकार में शामिल हैं. लेकिन, परिस्थिति ऐसी बन गयी है कि उन्हें इस प्रकार का आंदोलन करना पड़ रहा है.
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इस मौके पर सिराज अहमद अंसारी ने कहा कि कब्रिस्तान के बगल से रास्ता निकालने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं है, क्योंकि एक तो दूसरी तरफ के लोग इसके लिए राजी हैं और वहां कोई धार्मिक स्थल भी नहीं है. उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज कब्रिस्तान में सो रहे हैं, उनकी नींद में खलल डालना धर्म विरुद्ध है. उन्होंने कहा कि जब समस्याओं को सुननेवाला कोई नहीं रह गया है, तो मुस्लिम समाज के लोगों को स्वयं ही आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा है.
बीस सूत्री उपाध्यक्ष नीतेश सिंह ने कहा कि जब एनएच-75 की जमीन के लिए सर्वे हो रहा था, उस समय भाजपा की सरकार थी. सर्वे के दौरान अपनी जमीन को बचाने के लिए इससे संबंधित लोगों ने एनएच-75 को कब्रिस्तान की ओर धकेल दिया. उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान बचाने के लिए मंत्री मिथलेश ठाकुर प्रयासरत हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भी भेजा है.
इस मौके पर पूर्व सांसद घुरन राम, राजद के जिलाध्यक्ष सूरज सिंह, पूर्व मुखिया विनोद चंद्रवंशी, पीयूसीएल के संजय तिवारी ने कहा कि वे मुस्लिमों के इस आंदोलन का पूरी तरह से समर्थन करते हैं. जो काम सरकार को करना चाहिए, उसे अब जनता को स्वयं करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए.
राजद नेता फरीद खान, झामुमो जिलाध्यक्ष तनवीर आलम, ताहिर अंसारी, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओबैदुल्ला हक अंसारी, भासपा के केंद्रीय अध्यक्ष याकूब इकबाल, राजद नेता जमीरूद्दीन अंसारी, डॉ मकबूल आलम, सलीम जाफर, शरीफ अंसारी, मोजिब अंसारी, धीरज दूबे, मदनी खान, हाजी मोईनुद्दीन, नवादा मुखिया सुरेंद्र यादव आदि ने भी विचार रखे.
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करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के पश्चात प्रतिनिधिमंडल की ओर से उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा गया. इसमें कब्रिस्तान व कर्बला क्षतिगस्त होने से बचाने के लिए रास्ता बचाने की अपील की गयी. प्रदर्शन की वजह से तीन घंटे तक समाहरणालय गेट पूरी तरह से जाम रहा. मुख्य गेट को जाम किये जाने की वजह से आम लोगों एवं सरकारी कर्मियों का आना-जाना बंद रहा. इस प्रदर्शन को लेकर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल गोविंद इंटर कॉलेज के मैदान से लेकर समाहरणालय तक तैनात किये गये थे.
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