Kanpur News: गैंगेस्टर विकास दुबे के रायफल रिन्यूवल का फाइल गायब, डीएम ने दिए जांच के आदेश
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Jul 2022 1:28 PM
Kanpur News: वहीं पूरे मामले में जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर का कहना है कि एसआईटी की संस्तुतियों पर जांच और कार्रवाई हो रही है. विकास दुबे के असलहे की फाइलें गायब होने पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है.
Kanpur News: बिकरु कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की एडीएम फाइनेंस कार्यालय से राइफल रिन्यूवल का रजिस्टर गायब हो गया है. 2005 के असलहा नवीनीकरण रजिस्टर गायब होने के बावजूद अफसरों ने रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई. जिससे फर्जी तरीके से असलहे का रिन्यूवल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं हो सकी. इसलिए असलहा लाइसेंस नवीनीकरण व रजिस्टर गायब करने वाले बेखौफ काम कर रहे हैं.
बताते चले कि विकास दुबे की बंदूक का लाइसेंस 27 फरवरी 2004 को निरस्त कर दिया गया था. एडीएम फाइनेंस ने तीन जनवरी 2005 को निरस्त लाइसेंस का नवीनीकरण 31 दिसंबर 2007 तक के लिए कर दिया था वही पूरे घटना क्रम में वरिष्ठ आईएएस अफसर संजय आर भूसरेड्डी की अगुवाई में जांच कर रही एसआईटी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे जब जांच की गई तो पता चला कि एडीएम फाइनेंस कार्यालय से असलहा के नवीनीकरण का वर्ष 2005 रजिस्टर ही गायब है. उस रजिस्टर में नवीनीकरण करने के बाद लाइसेंसधारी का नाम- पता पूरे ब्योरे के साथ दर्ज होता है. वहीं, विकास दुबे के बंदूक लाइसेंस रिन्यूवल रजिस्टर के साथ ही असलहा लाइसेंस की फाइल भी गायब है. इसका खुलासा एसआईटी की जांच में हो पहले ही चुका है.
वहीं पूरे मामले में जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर का कहना है कि एसआईटी की संस्तुतियों पर जांच और कार्रवाई हो रही है. विकास दुबे के असलहे की फाइलें गायब होने पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है. रजिस्टर गायब होने की जानकारी नहीं है. अगर ऐसा हुआ है तो जांच कराकर कार्रवाई होगी.
बता दें कि 2 3 जुलाई 2020 को कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में बिकरु गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर कुख्यात बदमाश विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ जानलेवा हमला कर दिया था जिसमे डिप्टी एसपी समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे जबकि आधा दर्जन से ज्यादा घायल थे.बता दे कि विकास दुबे के खिलाफ 62 मुकदमे दर्ज थे.विकास पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद फरार हो गया था.जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी.8 जुलाई 2020 को विकास ने नाटकीय ढंग से मध्यप्रदेश पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया था .जिसके यूपी पुलिस को उसे सौप दिया गया.
जिसके बाद यूपी पुलिस ने उसे कानपुर ले कर आ रही थी तभी कानपुर के भौति इलाके में गाड़ी के आगे अचानक मवेशियों के झुंड आ गया.और गाड़ी पलट गई.गाड़ी पलटने के बाद विकास दरोगा की पिस्टल लेकर भागने लगा.जिसे एसटीएफ ने आत्मसमर्पण करने को लेकिन उसने नही किया और पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा जिसके बाद उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया.हालाकि विकास के एनकाउंटर से शियासत नही गर्मा गई थी.जिसके बाद पूरे मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ और लगातार 2 साल से जांच प्रचलित है.
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