प्रयागराज: अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर केस की जांच के लिए आज पहुंचेगी आयोग की टीम, बयान होंगे दर्ज

अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और अन्य तीन शूटर्स के एनकाउंटर को लेकर न्यायिक आयोग की टीम प्रयागराज में बयान दर्ज करेगी. टीम के सदस्य दो दिन प्रयागराज में डेरा डालेंगे. इस दौरान संबंधित लोगों से मामले की पूरी जानकारी की जाएगी और सवाल पूछे जाएंगे.
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद (Asad Ahmed) और तीन अन्य शूटर के एनकाउंटर की जांच कर रहा न्यायिक आयोग दो दिनों तक प्रयागराज (Prayagraj) में कैंप करेगा. इसके लिए दो सदस्यीय न्यायिक आयोग की टीम बुधवार को प्रयागराज पहुंचेगी.
इस दौरान प्रयागराज सर्किट हाउस में संबंधित लोगों का बयान लिया जाएगा. उमेश पाल हत्याकांड मामले में (Umesh Pal Shootout Case) दो आरोपी अरबाज और विजय चौधरी प्रयागराज पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए थे. 27 फरवरी को क्राइम ब्रांच और धूमनगंज पुलिस के साथ मुठभेड़ में नेहरू पार्क में अरबाज मारा गया था.
इसके बाद 6 मार्च को को कौंधियारा थाना क्षेत्र में शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान एनकाउंटर में मारा गया था. इसके बाद माफिया अतीक अहमद का बेटा असद और शूटर गुलाम का 13 अप्रैल को झांसी में एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया था.
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एसटीएफ ने दावा किया था कि झांसी में असद औ गुलाम की लोकेशन मिलने पर उनकी घेराबंदी की गई. इस दौरान दोनों पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगे. एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में दोनों मारे गए. यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने आरोपियों के पास से विदेशी हथियार बरामद होने की बात कही थी.
उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद का बेटा असद और गुलाम वांछित थे. दोनों पर पुलिस की तरफ से 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था. मुठभेड़ों की जांच के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है. आयोग के सदस्य 2 और 3 अगस्त को संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेंगे.
इस दौरान उनसे घटनाक्रम को लेकर सभी जानकारी की जाएगी और सवाल पूछे जाएंगे. न्यायिक आयोग के दौरे से पहले सर्किट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद किया गया है. उमेश पाल हत्याकांड के बाद सभी पुलिस मुठभेड़ की जांच की जा रही है.
इस बीच अतीक अशरफ हत्याकांड में तीनों शूटर्स पर आरोप तय करने की कार्रवाई के लिए 10 अगस्त की तिथि तय की गई है. सत्र न्यायालय में इस केस का परीक्षण शुरू हो चुका है. 13 जुलाई को विशेष जांच दल ने इस केस में तीनों आरोपी लवलेश तिवारी, सनी सिंह व अरुण मौर्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) के गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना को उस समय अंजाम दिया गया जब अतीक और अशरफ को पुलिस ने रिमांड पर लिया था.
मेडिकल परीक्षण के लिए उन्हें कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया था. गाड़ी से उतरने के बाद जैसे ही दोनों अस्पताल के गेट पर पहुंचे थे कि मीडिया कर्मियों के वेश में पहुंचे हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी.
इससे पहले विधायक राजू पाल हत्याकांड के चश्चमदीद गवाह उमेश पाल की हत्या 24 फरवरी को उनके घर के सामने कर दी गई थी. कचहरी से ही पीछा कर रहे बदमाशों ने सुलेमसराय में उमेश पाल को उनके घर के गेट पर ही गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया.
पूरी घटना का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया. इसमें माफिया अतीक अहमद का तीसरे नंबर का बेटा असद अहमद भी गोली चलाते दिखा था, जिसे पुलिस ने 13 अप्रैल को झांसी में एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया था. उसके साथ हत्याकांड में शामिल गुलाम हसन को भी पुलिस ने मार गिराया था.
इस बीच आईएस-227 गैंग के सरगना अतीक अहमद की अवैध संपत्ति प्रयागराज पुलिस कुर्क करने की तैयारी में है. संपत्ति की कीमत 12.42 करोड़ बताई जा रही है. मामले में गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) की धारा 14(1) के तहत कुर्की की कार्रवाई की जाएगी. अतीक अहमद के खिलाफ खुल्दाबाद थाने में वर्ष 2020 में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था. मुकदमे की विवेचना के दौरान कटहुला गौसपुर में अवैध संपत्ति का पता चला. माफिया अतीक अहमद ने 14 अगस्त 2015 को 14 गरीब लोगों से कुल 23447 वर्ग मीटर जमीन जबरन ली थी.
बताया जा रहा है कि एक गरीब शख्स के नाम पर खरीदी गई जमीन की राजस्व विभाग में रजिस्ट्री को पुलिस ने चिह्नित करा लिया है. जल्द पुलिस करोड़ों की जमीन को जब्त करने की कार्रवाई शुरू करेगी. पुलिस सूत्रों ने बताया कि माफिया अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा से भी पूछताछ में जमीन का खुलासा हुआ था. रविवार को उमेश पाल शूटआउट केस में अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा को जेल भेजा गया है. जेल भेजने से पहले पूछताछ में विजय मिश्रा ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं.
अब अतीक अहमद की कई अन्य संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है. बता दें कि विजय मिश्रा को खान सौलत हनीफ के बयान और मोबाइल डिटेल के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. विजय मिश्रा पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने और लोकेशन देने का आरोप है. आरोपी वकील विजय मिश्रा माफिया ब्रदर्स का करीबी रहा है. अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा को प्रयागराज पुलिस ने एसटीएफ की मदद से गिरफ्तार किया. विजय मिश्रा लखनऊ के हयात होटल में ठहरा हुआ था.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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