झारखंड : सड़क पर उतरीं शराबबंदी की मांग कर रही महिलाएं, सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग को दो घंटे किया जाम

महिलाएं बुरुडीह गांव के बीच में खोली गई अंग्रेजी शराब की दुकान को बंद करने तथा बुरुडीह व आसपास के गांवों में विभिन्न स्थानों पर बेची जा रही अवैध महुआ शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर रहीं थीं.

सरायकेला-खरसावां, शचिंद्र दास : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में शराब की बिक्री पर रोक लगाने व नशाबंदी की मांग करते हुए खरसावां के बुरुडीह गांव की महिलाएं बुधवार 27 सितंबर को सड़क पर उतर गईं. ‘आजीविका महिला ग्राम संगठन’ से जुड़ी महिलाओं ने शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए बुरुडीह गांव के पास सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग को जाम कर दिया.

महिलाएं बुरुडीह गांव के बीच में खोली गई अंग्रेजी शराब की दुकान को बंद करने तथा बुरुडीह व आसपास के गांवों में विभिन्न स्थानों पर बेची जा रही अवैध महुआ शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर रहीं थीं. बाद में पुलिस की टीम ने पहुंच कर लोगों को समझाया और सड़क को खाली करवाया. इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

‘आजीविका महिला ग्राम संगठन’ से जुड़ी महिलाओं ने पहले बुरुडीह गांव में खोली गई अंग्रेजी शराब की दुकान को बंद करने की मांग की. महिलाओं ने शराब दुकान के कर्मियों को गांव में शराब की बिक्री बंद करने की हिदायत दी और दुकान को बंद करवा दिया. इसके साथ ही बुरुडीह समेत आस-पास के गांव के गांवों में हो रही अवैध शराब की बिक्री बंद करने की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी.
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महिलाओं ने बताया कि शराब के सेवन से क्षेत्र में अक्सर झगड़ा होने के साथ-साथ गांव का माहौल भी खराब हो रहा है. महिलाओं ने घरों में कलह का मुख्य कारण शराब के सेवन को बताया. उन्होंने कहा कि शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर होने देंगे. बुरुडीह को पूरी तरह से नशामुक्त गांव बनाया जाएगा.

बुधवार को दोपहर करीब दो घंटे तक सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग जाम रहा. सरायकेला के सर्किल इंस्पेक्टर राम अनूप महतो, खरसावां थाना प्रभारी पिंटू महथा पहुंचे और महिलाओं को समझा-बुझाकर सड़क को खाली कराया. उन्होंने आश्वासन दिया कि अवैध शराब के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी.
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दूसरी ओर आजीविका महिला ग्राम संगठन से जुड़ी महिलाओं ने बुरुडीह गांव में नशामुक्ति रैली निकाली. गांव में भ्रमण कर लोगों को नशा से दूर करने के लिए प्रेरित किया. बताया कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ जो मुहिम शुरू हुई है, वह जारी रहेगी. गांव के चौक-चौराहे पर अवैध शराब की बिक्री बंद नहीं हुई, तो आगे भी आंदोलन किया जाएगा. साथ ही अंग्रेजी शराब दुकान को बंद करने की हिदायत भी दी.
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By Mithilesh Jha
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