धनबाद नगर निगम के 18,400 होल्डिंग नंबर निकले फर्जी, कई उपभोक्ताओं के पास तो दो-दो नंबर

Published at :04 Apr 2022 11:36 AM (IST)
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धनबाद नगर निगम के 18,400 होल्डिंग नंबर निकले फर्जी, कई उपभोक्ताओं के पास तो दो-दो नंबर

धनबाद नगर निगम में होल्डिंग का फर्जावाड़ा सामने आया है, जहां 72000 होल्डिंग में से 18,400 फर्जी निकली है. इनमें से लगभग 9000 उपभोक्ताओं का दो-दो होल्डिंग नंबर है. नगर निगम क्षेत्र में 2700 अपार्टमेंट हैं

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धनबाद : नगर निगम में होल्डिंग में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. यहां 72000 होल्डिंग में से 18,400 फर्जी निकली है. नगर निगम की कार्य एजेंसी श्रीपब्लिकेशन के सर्वे में यह खुलासा हुआ है. एजेंसी ने दावा किया है कि नगर निगम ने 72000 होल्डिंग धारकों की सूची सौंपी थी. सर्वे में 18,400 होल्डिंग फर्जी निकली. 48000 उपभोक्ता होल्डिंग टैक्स दे रहे हैं. नगर निगम व नगर विकास विभाग को इसकी सूची सौंप दी गयी है.

फर्जी होल्डिंग के कारण वित्त वर्ष 2021-22 में वसूली प्रभावित हुई है. 23 करोड़ रुपये लक्ष्य के विरुद्ध 19 करोड़ 16 लाख रुपये की ही वसूली हो पायी है. फर्जी होल्डिंग के कारण लगभग 10 करोड़ का टैक्स प्रभावित हुआ.

निगम क्षेत्र में 2700 अपार्टमेंट:

नगर निगम क्षेत्र में 2700 अपार्टमेंट हैं. एजेंसी का कहना है कि जो 9000 खाली जमीन का होल्डिंग नंबर जनरेट किया गया था, उसमें 2700 अपार्टमेंट बन गये हैं. कुछ अपार्टमेंट की होल्डिंग आ रही है. 2017 में सरकार ने फ्लैट की रजिस्ट्री में होल्डिंग नंबर को अनिवार्य कर दिया था. लिहाजा अपार्टमेंट का होल्डिंग शुल्क अब आने लगा है.

16 हजार ट्रेड लाइसेंस का नवीकरण नहीं :

ट्रेड लाइसेंस में होल्डिंग नंबर की अनिवार्यता के कारण 16000 उपभोक्ताओं के ट्रेड लाइसेंस का नवीकरण नहीं हुआ है. नगर निगम से 28000 उपभोक्ताओं ने ट्रेड लाइसेंस लिया है. चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 12000 उपभोक्ताओं से नगर निगम को 48 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है. 12000 उपभोक्ताओं में कुछ नये ट्रेड लाइसेंस हैं, तो कुछ का होल्डिंग नंबर होने के कारण उनका नवीकरण किया गया है.

नौ हजार उपभोक्ताओं के नाम पर दो-दो होल्डिंग नंबर

लगभग 9000 उपभोक्ताओं का दो-दो होल्डिंग नंबर है. श्रीपब्लिकेशन के अधिकारियों का कहना है कि साल 2017 से पहले खाली जमीन पर 9000 होल्डिंग नंबर जनरेट कर दिया गया था. 2017 से पहले रितिका एजेंसी ने खाली जमीन का होल्डिंग नंबर जनरेट किया था. उसके बाद नगर निगम ने उसी प्रॉपर्टी का दोबारा होल्डिंग नंबर जनरेट कर दिया.

लिहाजा कई प्रॉपर्टी का दो बार होल्डिंग नंबर जनरेट हो गया. जिस प्रॉपर्टी का दो बार होल्डिंग नंबर जनरेट हो गया है, उसका नये सिरे से होल्डिंग नंबर जनरेट किया जा रहा है. कुछ ऐसे होल्डिंग नंबर जनरेट कर दिये गये हैं, जिसका एड्रेस सही नहीं था. कुल मिलाकर 18,400 होल्डिंग नंबर फर्जी हैं.

श्रीपब्लिकेशन का क्या डाटा है, इसकी जानकारी नहीं है. एजेंसी से डाटा मांगा जायेगा. इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है. अगर एक ही प्रॉपर्टी का दो बार होल्डिंग नंबर जनरेट किया गया है, तो मामले की जांच की जायेगी. जो दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई होगी.

प्रकाश कुमार, सहायक नगर आयुक्त

Posted By: Sameer Oraon

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