ePaper

भारत में बढ़ेंगे निवेश के मौके, रेटिंग सुधारने के लिए सरकार ने झोंकी ताकत

Updated at : 16 Jun 2023 7:06 PM (IST)
विज्ञापन
भारत में बढ़ेंगे निवेश के मौके, रेटिंग सुधारने के लिए सरकार ने झोंकी ताकत

भारत की रेटिंग में सुधार होता है तो इसका यह मतलब होगा कि देश कम जोखिम वाला है लिहाजा उसे उधारी पर कम ब्याज देना होगा. एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद एक अधिकारी ने कहा, मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था की सकारात्मकता को स्वीकार किया है.

विज्ञापन
undefined

भारत ने आज यानी शुक्रवार को अमेरिकी एजेंसी मूडीज से अपनी सॉवरेन रेटिंग को बढ़ाने की पुरजोर वकालत की है. इसके साथ ही भारत ने उन मापदंडों पर सवाल उठाए जिनके आधार पर एजेंसी विभिन्न देशों को क्रेडिट रेटिंग देती है. सूत्रों के मुताबिक, सॉवरेन रेटिंग की वार्षिक समीक्षा से पहले क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस के प्रतिनिधियों ने भारत सरकार के अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान अधिकारियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सुधारों और मजबूत बुनियादी बातों पर प्रकाश डाला.

undefined

भारत की रेटिंग में सुधार होता है तो इसका यह मतलब होगा कि देश कम जोखिम वाला है लिहाजा उसे उधारी पर कम ब्याज देना होगा. एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद एक अधिकारी ने कहा, मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था की सकारात्मकता को स्वीकार किया है.

undefined

हम मूडीज की तरफ से रेटिंग में सुधार को लेकर आशान्वित हैं. मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने स्थिर दृष्टिकोण के साथ भारत को बीएए3 सॉवरेन साख रेटिंग दी हुई है. निवेश-योग्य श्रेणी में ‘बीएए3’ सबसे निचली रेटिंग है.

undefined

सरकारी अधिकारियों ने बैठक में भारत में जारी आर्थिक सुधारों के अलावा बुनियादी ढांचे के विकास और 600 अरब अमेरिकी डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार का भी जिक्र किया. साथ ही अधिकारियों ने मूडीज से उसके रेटिंग मापदंडों पर भी सवाल उठाए.

undefined

इस बैठक में अर्थव्यवस्था से जुड़े सभी मंत्रालयों के अलावा नीति आयोग के अधिकारी भी शामिल हुए. पिछले महीने दो अन्य रेटिंग एजेंसियों फिच और एसएंडपी ने स्थिर परिदृश्य के साथ भारत की रेटिंग को ‘बीबीबी-‘ पर अपरिवर्तित रखा था.

undefined

रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस का अनुमान है कि भारत के कर्ज के बोझ में कमी आएगी. मूडीज ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत की राजकोषीय मजबूती के लिए कर्ज का सस्ता होना जरूरी है.

undefined

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में तेजी से वृद्धि देश के कर्ज बोझ में गिरावट के अनुमानों का एक प्रमुख बिंदु है. वर्तमान मूल्य पर जीडीपी वृद्धि दर 11 फीसदी रहने का अनुमान है.

undefined

बता दें, भारत में सामान्य सरकारी कर्ज अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर है. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए यह जीडीपी का लगभग 81.8 फीसदी रहा है जबकि बीएए-रेटिंग के लिए इसका औसत लगभग 56 फीसदी है.

undefined

मूडीज ने भारत को स्थिर परिदृश्य के साथ ‘बीएए3’ की क्रेडिट रेटिंग दी हुई है. बीएए3 निवेश योग्य सबसे निचली रेटिंग है. मूडीज के प्रतिनिधि रेटिंग में सुधार के मसले पर शुक्रवार को सरकार के अधिकारियों से भी मिलने वाले हैं. इस मुलाकात को रेटिंग में सुधार की पहल के तौर पर देखा जा रहा है.

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola