हजारीबाग में व्यापारी की मौत से भड़का गुस्सा, टायर जलाकर रोड को किया जाम, दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड, देखें PICS

रविवार की सुबह सुनील की मौत की खबर मिलते ही मुहल्ले के लोगों एवं शहर के कुछ व्यवसायियों ने मेन रोड झंडा चौक पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी सुनील की मौत के लिए पुलिस को दोषी मान रहे थे. ऐसे पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की.
हजारीबाग, शंकर प्रसाद. झारखंड की राजधानी रांची से 90 किलोमीटर दूर स्थित हजारीबाग शहर के काजीमुहल्ला स्थित हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड एजेंसी के संचालक सुनील गुप्ता की 14 जनवरी की देर रात संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गयी. मृतक की पत्नी माला देवी ने सदर थाना की पुलिस पर सदर थाना में हत्या का मामला दर्ज कराया. घटना के बाद एसपी मनोज रतन चोथे ने सदर थाना के एएसआई नसीम अख्तर सिद्दीकी और एएसआई सीमा हेम्ब्रम को तत्काल निलंबित कर दिया.
सुनील गुप्ता अपने परिवार के साथ खजांची तालाब स्थित शुभम अपार्टमेंट में रहता था. रविवार की सुबह सुनील की मौत की खबर मिलते ही मुहल्ले के लोगों एवं शहर के कुछ व्यवसायियों ने मेन रोड झंडा चौक पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी सुनील की मौत के लिए पुलिस को दोषी मान रहे थे. ऐसे पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की.
सुनील गुप्ता के शव का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों की टीम से कराया गया. टीम में डॉ सुभाष प्रसाद, डॉ अजय भेंगरा और डॉ अहमद अली शामिल थे. पोस्टमार्टम के बाद शव को सुनील के परिजनों को सौंप दिया गया.
Also Read: हजारीबाग के पुलिस लाइन क्वार्टर में युवती की हत्या का खुलासा, पुलिस कर्मी का बेटा और दोस्त निकला आरोपीघटना की जानकारी मिलते ही सदर विधायक मनीष जायसवाल और बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद सदर थाना पहुंचकर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की. दोनों विधायकों ने मृतक के परिजनों को अश्वासन दिया कि सुनील की मौत की गहन जांच करायी जायेगी. जो भी दोषी पाये जायेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा.

सदर इंस्पेक्टर गणेश कुमार सिंह ने बताया कि 7 जनवरी को छतीसगढ़ के रायपुर से रांची के लिए घड़ी डिटर्जेंट पावडर लोड एक ट्रक (CG-04 HZ-5088) चली. 12 जनवरी को ट्रक सहित चालक गायब हो गया. इस मामले में रायपुर में डिटर्जेंट कंपनी की ओर से एक केस दर्ज कराया गया. कंपनी को सूचना मिली कि का सामान हजारीबाग के महेश सोनी चौक में किसी को बेचा गया. इसी के आधार पर कंपनी के अधिकारी मनोज सेठी ने हजारीबाग सदर थाना में चोरी की प्राथमिकी दर्ज करायी.
केस दर्ज होने के बाद सदर पुलिस और कंपनी के कर्मी काजी मुहल्ला स्थित हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड एजेंसी पहुंचे. एजेंसी के संचालक सुनील गुप्ता से पूछताछ की. सुनील ने स्वीकार किया कि उसने डिटर्जेंट खरीदी है. सुनील ने पुलिस को यह भी बताया कि बड़कागांव के किसी शुभम नामक व्यक्ति से उसने डिटर्जेंट खरीदी थी. उसकी निशानदेही पर पुलिस उसे साथ लेकर आशीष अग्रवाल की दुकान पर पहुंची.
Also Read: Jharkhand Breaking News: हजारीबाग पुलिस लाइन में महिला की हत्या, जांच में जुटी पुलिसपुलिस जब आशीष से पूछताछ कर रही थी, तभी सुनील गुप्ता वहां से भाग गया. इसके बाद सदर पुलिस ने सुनील गुप्ता के पुत्र सुमित को उठा लिया. उसे सदर थाना लाया गया. पुलिस ने सुनील गुप्ता की तालाश शुरू कर दी. कुछ ही देर में पुलिस को सूचना मिली कि सुनील गुप्ता गिरकर घायल हो गया है. सदर पुलिस उसे शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज ले गयी. बेहतर इलाज के लिए सुनील को वहां से आरोग्यम अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
मृतक की पत्नी माला देवी ने सदर थाना में पुलिस पर हत्या का मामला दर्ज कराया. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सदर थाना के एएसआई नसीम सिद्दीकी और अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया है. प्राथमिकी में कहा गया है कि मेरे पति को सदर थाना की पुलिस ने शाम 6:30 बजे पकड़ा. उन्हें अपने साथ ले गयी. मेरे पति को काफी टॉर्चर किया गया. उनके साथ मारपीट भी की गयी, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गयी.
हजारीबाग के पुलिस कप्तान मनोज रतन चोथे ने कहा कि घटना के बाद दो पुलिस पदाधिकारियों को संस्पेंड कर दिया गया है. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी. एसपी ने कहा कि सुनील गुप्ता पर चोरी का सामान खरीदने का आरोप था. पुलिस ने दुकान से उसे पकड़ा. इसके बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था.
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