गोड्डा : लो प्रेशर व साइक्लोन के असर से हथिया नक्षत्र में झमाझम बारिश, लहलहा रही धान की फसल

Updated at : 05 Oct 2023 6:15 AM (IST)
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गोड्डा : लो प्रेशर व साइक्लोन के असर से हथिया नक्षत्र में झमाझम बारिश, लहलहा रही धान की फसल

Hathiya Nakshatra Rain|Jharkhand Weather Today|दो सालों में पहली बार हथिया नक्षत्र में इतनी अच्छी वर्षा हुई है. खेत-खलिहान पानी से लबालब भर गए हैं. मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. भारी बारिश के कारण मौसम भी सुहावना हो गया है. ऊमस भरी गर्मी से निजात मिली है.

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Jharkhand Weather Today|हथिया नक्षत्र में गोड्डा में झमाझम बारिश हो रही है. मंगलवार (3 अक्टूबर) की देर रात तकरीबन दो तीन बजे के बाद से जिले में लगातार रुक-रुक कर वर्षा हो रही है. कमोबेश दिन भर वर्षा होती रही. बुधवार (4 अक्टूबर) को पूरे दिन हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होती रही. वर्षा के कारण जिले भर की नदियां लबालब हो गयीं हैं. तालाब व नाले भी पानी से लबालब भर गए हैं. मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, जिले भर में 48 घंटे में 60 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है. साथ ही बताया कि अगला 48 घंटा भी बारिश के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण है. अक्टूबर माह में अब तक 57 मिमी तक वर्षा हो चुकी है. वहीं, जिले भर में जून माह से 4 अक्टूबर तक कुल 1020 .2 मिमी तक वर्षा हो चुकी है. इस अवधि का सामान्य वर्षापात 937.2 मिमी है. इस बार अब तक समान्य से अधिक वर्षा हुई है. मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि चक्रवाती परिसंचरण का ट्रफ लाइन दक्षिण पश्चिमी झारखंड और गंगेय पश्चिम बंगाल से गुजर रहा है. इसकी वजह से 4 से 6 अक्टूबर तक गोड्डा समेत पूरे संताल परगना में मेघ गरजेंगे. वज्रपात होगी. तेज हवा के साथ भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है. वैसे 8 अक्टूबर तक वर्षा की संभावना जिले भर में बनी हुई है. जानकार बताते हैं कि बीते दो सालों में पहली बार हथिया नक्षत्र में इतनी अच्छी वर्षा हुई है. खेत-खलिहान पानी से लबालब भर गए हैं. मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. भारी बारिश के कारण मौसम भी सुहावना हो गया है. ऊमस भरी गर्मी से निजात मिली है.

वर्षा के बाद लहलहा रही धान की फसल

लगातार हो रहे वर्षा के कारण धान की फसल लहलहा रही है. अधिकांश धान की फसल में गोली आ गई है. कुछ तो फूटने की कगार पर हैं. इस बार बीते दो-तीन सालों में पहली बार ऐसा रहा है कि सभी नक्षत्र में वर्षा होती रही. धान की फसल को पानी का इंतजार नहीं करना पड़ा. जून व जुलाई माह में वर्षा का टोटा रहा, लेकिन अगस्त व सितंबर के बाद अब अक्टूबर माह में भी जमकर वर्षा हुई है. ऐसे में धान की फसल लहलहा रही है. खेतों की हरियाली देखते ही बन रही है. किसान भी लहलहाते धान की फसल को देखकर आनंदित हैं.

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भारी बारिश से रोजाना दिनचर्या पर असर

भारी बारिश से रोजाना की दिनचर्या पर भी असर देखा गया है. लोग वर्षा से बचने के लिए घरों में ही दुबके रहे. जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले. सड़कों पर भी आवाजाही कम देखी गई. लगातार हो रही वर्षा से ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी. मवेशियों के लिए चारा का इंतजाम नहीं हो पाया. वहीं, मवेशियों के रखरखाव को लेकर भी कई कठिनाईयां हुईं. बहरहाल, सड़कों पर वाहन भी कम देखे गए. मौसम विभाग ने 5 अक्टूबर को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी कर रखा है.

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