Hindi Diwas 2022: हिंदी दिवस पर सोशल मीडिया में वायरल हैं ये कूल स्टेटस, आप भी देखें और शेयर करें

Updated at : 14 Sep 2022 5:16 PM (IST)
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Hindi Diwas 2022: हिंदी दिवस पर सोशल मीडिया में वायरल हैं ये कूल स्टेटस, आप भी देखें और शेयर करें

Hindi Diwas 2022 Facebook WhatsApp Status: साल 1949 में 14 सितंबर को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को नवगठित राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था. इसके बाद साल 1953 में पहली बार हिंदी दिवस मनाया गया था.

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Hindi Diwas 2022 Facebook, WhatsApp Status, Wishes, Quotes, Slogan, Images: साल 1949 में 14 सितंबर को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को नवगठित राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था. साल 1949 में भारत सरकार ने अंग्रेजी के बाद देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया. इसके बाद साल 1953 में पहली बार हिंदी दिवस मनाया गया था. इस दिन को मनाने के लिए देश भर में कई सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. आज के दिन स्कूल, कॉलेजों और ऑफिसों में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. हिंदी भाषा का महत्व बताया जाता है. इस मौके पर आप भी अपने दोस्तों और प्रियजनों को तरह-तरह के मैसेज, कोट्स और शायरी भेजकर इस दिन की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

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हम सब का अभिमान है हिंदी

भारत देश की शान है हिंदी

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं.

बिछड़ जाएंगे अपने हमसे,

अगर अंग्रेजी टिक जाएगी

मिट जाएगा वजूद हमारा,

अगर हिंदी मिट जाएगी.

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हिंदी और हिंदुस्तान हमारा है और हम इसकी शान हैं

दिल हमारा एक है और एक हमारी जान है

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं.

हिंदुस्तान की शान है हिंदी,

हर हिंदुस्तानी की पहचान है हिंदी,

एकता की अनुपम परंपरा है हिंदी,

हर दिल का अरमान है हिंदी

हैप्‍पी हिंदी दिवस.

हर कण में है हिंदी बसी

मेरी मां की इसमें बोली बसी

मेरा मान है हिंदी

मेरी शान है हिंदी.

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Why we celebrate Hindi Diwas? Hindi Diwas Importance, Significance: हिंदी केंद्र सरकार की दो आधिकारिक भाषाओं में से एक है. दूसरी भाषा अंग्रेजी है. हिंदी भारत गणराज्य की 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है. कहते हैं कि बोहर राजेंद्र सिंह के प्रयासों से हजारी प्रसाद द्विवेदी, काका कालेलकर, मैथिली शरण गुप्त और सेठ गोविंद दास के साथ हिंदी को दो आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में मान्यता मिली थी. यह बोहर राजेंद्र सिंह के 50वें जन्मदिन पर हुआ था, जिन्होंने भारत के संविधान की मूल अंतिम पांडुलिपि का चित्रण किया था. अंग्रेजी के चलन की वजह से आजकल बच्चे-बड़े तक अंग्रेजी में बात करना पसंद करते हैं. लेकिन हमें अपने देश की भाषा और हिंदी का ज्ञान जरूर होना चाहिए. बच्चों को हिंदी बोलना और पढ़ना आना चाहिए. ऐसे में हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए व्हाट्सऐप और फेसबुक के जरिये अपने दोस्तों, प्रियजनों को हिंदी दिवस के शुभकामना संदेश भेज सकते हैं.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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