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Hanuman Jayanti 2023: हनुमान जयंती पर जरूर करें इन मंत्रों का जाप, मिलेगा शुभ फल

Updated at : 19 Apr 2024 5:04 PM (IST)
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Hanuman Jayanti 2023: हनुमान जयंती पर जरूर करें इन मंत्रों का जाप, मिलेगा शुभ फल

Hanuman Jayanti 2023: प्रत्येक वर्ष हनुमान जयंती चैत्र मास (हिन्दू माह) की पूर्णिमा को मनाई जाती है. इस साल हनुमान जयंती 6 अप्रैल 2023, को मनाई जाएगी. हनुमान जयंती को देश में धूम धाम से मनाया जाता है.

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Hanuman Jayanti 2023:  हनुमान जयंती भगवान हनुमानजी के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भक्तगण बजरंगबली के नाम का व्रत रखते हैं. प्रत्येक वर्ष हनुमान जयंती चैत्र मास (हिन्दू माह) की पूर्णिमा को मनाई जाती है. इस साल हनुमान जयंती 6 अप्रैल 2023, को मनाई जाएगी. हनुमान जयंती को देश में धूम धाम से मनाया जाता है.

शाबर मंत्र का करें पाठ

हनुमान जयंती यानि हनुमान महोत्सव पर शाबर मंत्र का पाठ उत्तम माना गया है. इस मंत्र को सबसे सुरक्षित मंत्र माना गया है. ये सबसे आसान और सबसे सुरक्षित होने के कारण ये अधिक लोकप्रिय हैं. इन मंत्रों को वैदिक मंत्रों की तरह लंबी साधना की जरूरत नहीं होती और न ही तांत्रिक मंत्रों की तरह जटिल होते हैं. शाबर मंत्र की विशेष बात यह है कि यह जिस इष्ट के लिए पढ़ा जा रहा है. उनके भी ईष्ट की दुहाई इन मंत्रों में दी जाती है. यानी उन्हें उनके इष्ट का वास्ता दिया जाता है कि आपको आपके इष्ट का वास्ता कि मेरी प्रार्थना आप जल्द से स्वीकार करें.

सारे प्रयास जब असफल हो जाएं तब करना चाहिए इस मंत्र का प्रयोग

माना जाता है कि बजरंग बाण का उच्चारण तब करना चाहिए जब सभी किए जा रहे उपाय असफल हो जाएं. जब विपदा बहुत प्रबल हो जाती है तब इस पाठ का करना अति शुभ फल देने वाला होता है.

व्रत एवं पूजा विधि

आइए जानते हैं कि हनुमान जयंती को कैसे मनाया जाता है। नीचे व्रत एवं पूजा विधि का विवरण दिया जा रहा है:

1.  इस दिन तात्कालिक तिथि (राष्ट्रव्यापिनि) को लिया जाता है।
2.  व्रत की पूर्व रात्रि को ज़मीन पर सोने से पहले भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ हनुमान जी का स्मरण करें।
3.  प्रात: जल्दी उठकर दोबार राम-सीता एवं हनुमान जी को याद करें।
4.  जल्दी सबेरे स्नान ध्यान करें।
5.  अब हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें।
6.  इसके बाद, पूर्व की ओर भगवान हनुमानजी की प्रतिमा को स्थापित करें।
7.  अब विनम्र भाव से बजरंगबली की प्रार्थना करें।
8.  आगे षोडशोपाचार की विधि विधान से श्री हनुमानजी की आराधना करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. prabhatkhabar.com इसकी पुष्टि नहीं करता है)

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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