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राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के समापन पर बोले गोविंदाचार्य - इंदिरा गांधी थीं सबसे मजबूत पीएम

Updated at : 07 Nov 2023 12:54 PM (IST)
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राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के समापन पर बोले गोविंदाचार्य - इंदिरा गांधी थीं सबसे मजबूत पीएम

राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक व चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने कहा प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मजबूत नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया था, परंतु देश में आपातकाल लगाकर उन्होंने अति कर दी थी.

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  • इंदिरा गांधी थीं सबसे मजबूत पीएम, लेकिन आपातकाल लगाना था अतिवादी कदम : गोविंदाचार्य

पूर्वी टुंडी : राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक व चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने कहा प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मजबूत नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया था, परंतु देश में आपातकाल लगाकर उन्होंने अति कर दी थी. उनके सलाहकारों ने उन्हें गुमराह कर दिया था. इंदिरा और जय प्रकाश नारायण में सुलह के लिए चंद्रशेखर तन-मन से लगे हुए थे. परंतु सलाहकारों के कारण इंदिरा गांधी का रुख अड़ियल रहा और तालमेल नहीं हो पायी. कहा कि इंदिरा गांधी ने जब पाकिस्तान का विभाजन कराकर बांग्लादेश का उदय कराया था, तो देशभर में उनकी जय-जय कार हुई थी, परंतु आपातकाल लगाकर उन्होंने अपनी छवि मटियामेट करा ली थी. कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को अहम नहीं करना चाहिए. कहा कि आज देश की आर्थिक स्थिति पर गंभीरता से विचार करना होगा.

गोविंदाचार्य ने कहा कि काम करने का तरीका अलग-अलग हो सकता है, परंतु अटल-आडवाणी और मोदी अमित-शाह की कार्यशैली में कोई खास फर्क नहीं है. राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के पूर्वी भारत कार्यकर्ता सम्मेलन के समापन सत्र के पूर्व चेतना महाविद्यालय सहराज में पत्रकारों को केएन गोविंदाचार्य सोमवार को संबोधित कर रहे थे. समापन सत्र की शुरुआत एकलव्य विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत के साथ की, जबकि वंदना झा ने देशभक्ति गीत गाकर माहौल बना दिया. चेतना शोध संस्थान के संस्थापक एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के पूर्वी भारत संरक्षक शैलेंद्र व महाविद्यालय निर्माण में सहयोग करने वाले सदस्यों को गोविंदाचार्य ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया.

प्रकृति केंद्रित विकास पर दिया जोर

समापन सत्र में संगठन के कार्यकारी संयोजक सुरेंद्र सिंह बिष्ट एवं भाजपा नेता हरिप्रकाश लाटा ने प्रकृति केंद्रित विकास पर जोर दिया. तृतीय सत्र में राष्ट्रीय सह-संयोजक पटना हाइकोर्ट के अधिवक्ता अरुण सत्यमूर्ति एवं विलियम हांसदा ने परिचय सत्र में कर्तव्यों और अधिकारों का बोध कराया. शिविर में बिहार एवं झारखंड के कुल 69 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. कार्यक्रम को समाजसेवी मधु सिंह, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुबई खान, कृष्ण लाल रुंगटा, महेंद्र अग्रवाल, प्रसून हेंब्रम, एससन लाल त्यागी आदि ने संबोधित किया. तीन दिवसीय आयोजन में किरीट चौहान, सरोज महतो, रमेश रूज, पदो मरांडी, हेनो लाल हेंब्रम, रवींद्र मुर्मू, रूपलाल हेम्ब्रम, अनिल मुर्मू, सुखदेव प्रसाद, डॉ श्रीनिवास मेहता, हजरत अली, सुबोधन मुर्मू, तुरसा बेसरा आदि थे.

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