फेक न्यूज वाले यूट्यूब चैनलों पर सरकार की डिजिटल स्ट्राइक, कर दिया ब्लॉक
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 05 Dec 2023 7:50 AM
गूगल ने भी 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भारत में फर्जी न्यूज और अफवाह फैलाने वाले चैनल्स और कंटेंट को लेकर सख्ती दिखाई है. यूट्यूब इंडिया ने भी इस तरह के फर्जी न्यूज चैनल और कंटेंट पर एक्शन लेने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.
केंद्र की मोदी सरकार ने फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए डिजिटल स्ट्राइक की है. खबर है कि सरकार ने झूठी खबरें और अफवाह फैलाने वाले 100 से ज्यादा यूट्यूब चैनल्स को बैन कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये यूट्यूब चैनल्स क्लिकबेट वाले थंबनेल लगाकर फर्जी खबरें चलाते थे. दूसरी ओर, गूगल ने भी 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भारत में फर्जी न्यूज और अफवाह फैलाने वाले चैनल्स और कंटेंट को लेकर सख्ती दिखाई है. यूट्यूब इंडिया ने भी इस तरह के फर्जी न्यूज चैनल और कंटेंट पर एक्शन लेने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.
सनसनीखेज और नकली थंबनेल
सरकार ने इस तरह के फर्जी अफवाह फैलाने वाले यूट्यूब चैनल्स पर एक्शन तेज कर दिया है. यूट्यूब पर ट्रैफिक बढ़ाने और अधिक पैसा कमाने के लिए क्लिकबेट और सनसनीखेज और नकली थंबनेल का उपयोग काफी बढ़ गया है. इसी वजह से भारत सरकार फर्जी खबरों से होने वाले अवैध मुनाफे को एक गंभीर समस्या मानती है. इसके चलते सख्त कदम उठाते हुए सरकार ने एक बार फिर इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है.
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फर्जी चैनलों पर पहले भी हुई है कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम के प्रावधानों के तहत 100 से अधिक यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक किया है. इससे पहले भी सरकार ने यूट्यूब चैनल्स के जरिये फर्जी खबरों से की जाने वाली कमाई से जुड़ी चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने की बात कही थी. पिछले साल में फर्जी खबरें देनेवाले यूट्यूब चैनलों का पर्दाफाश किया गया है, जो लगातार अफवाह फैलाते हैं.
फर्जी न्यूज से लड़ने का लक्ष्य
यूट्यूब इंडिया के डायरेक्टर ईशान चटर्जी ने कहा है कि फर्जी खबरों और अफवाहों को लेकर हमारी पॉलिसी में कहा गया है कि इस तरह के कंटेंट वास्तविक जगत में खतरा है और हम उसके खिलाफ एक्शन लेते रहते हैं. यूट्यूब का कहना है कि हमारा लक्ष्य फर्जी न्यूज से लड़ने का है. हम चाहते हैं कि लोगों के पास हाई क्वालिटी कंटेंट पहुंचे, जिन्हें न्यूज ऑर्गनाइजेशन और फ्रीलांस जर्नलिस्ट बनाते हैं. यूट्यूब लोगों के लिए कंटेंट कंज्यूम करने का बड़ा प्लैटफॉर्म है.
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सरकार दे चुकी है चेतावनी
मालूम हो कि इसे लेकर पिछले ही महीने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यूट्यूब को फर्जी न्यूज चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा था और सलाह दिया था कि जो न्यूज वेरिफाइड नहीं है, उसके लिए डिसक्लेमर लगाया जाए. यूट्यूब की पॉलिसी में भी यह कहा गया है कि इस तरह के कंटेंट वास्तविक जगत में खतरा हैं और गूगल का वीडियो प्लैटफॉर्म उसके खिलाफ एक्शन लेता रहता है.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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