Govardhan Puja 2022 Date: दिवाली के अगले दिन नहीं अब होगी गोवर्धन पूजा, जानें कब मनाया जाएगा ये पर्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 25 Oct 2022 7:43 AM

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Govardhan Puja 2022: इस साल 26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा है. गोवर्धन पूजा या अन्न कूट का त्यौहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार दिवाली के दूसरे दिन मनाया जाता है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. इस बार दिवाली के अगले दिन, यानी 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसके चलते इस दिन गोवर्धन की पूजा नहीं की जा सकती है.

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Govardhan Puja 2022 Puja Vidhi, Muhurat, Time, Samagri, Mantra, Aarti in Hindi :  हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है. इस पर्व का सीधा संबंध प्रकृति और मानव से है. गोवर्धन पूजा या अन्न कूट का त्यौहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानि दिवाली के दूसरे दिन मनाया जाता है. यह त्योहार समस्त भारत में मनाया जाता है लेकिन उत्तर भारत में खासकर ब्रज भूमि (मथुरा, वृंदावन, नंदगांव, गोकुल, बरसाना आदि) पर इसकी भव्यता और बढ़ जाती है, जहां स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने गोकुल के लोगों को गोवर्धन पूजा के लिए प्रेरित किया था और देवराज इंद्र के अहंकार का नाश किया था.

इस दिन होगी गोवर्धन पूजा

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है. इस साल 26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा है. आमतौर पर गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) का त्योहार दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. इस बार दिवाली के अगले दिन, यानी 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसके चलते इस दिन गोवर्धन की पूजा नहीं की जा सकती है.

गोवर्धन पूजा शुभ मुहूर्त- 2022 (Govardhan Puja mahurat 2022)

26 अक्टूबर 2022, बुधवार – 06:29 AM से 08:43 AM तक
अवधि – 02 घण्टे 14 मिनट
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – 25 अक्टूबर, 2022 को 04:18 PM बजे से
प्रतिपदा तिथि समाप्त – 26 अक्टूबर, 2022 को 02:42 बजे तक

गोवर्धन पूजा के नियम और विधि

गोवर्धन पूजा का भारतीय जन जीवन में बड़ा महत्व है. वेदों में इस दिन वरुण, इंद्र, अग्नि आदि देवताओं की पूजा का विधान है. इस दिन गोवर्धन पर्वत, गोधन यानि गाय और भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है. यह त्यौहार मानव जाति को इस बात का संदेश देता है कि हमारा जीवन प्रकृति द्वारा प्रदान संसाधनों पर निर्भर है और इसके लिए हमें उनका सम्मान और धन्यवाद करना चाहिए. गोवर्धन पूजा के जरिए हम समस्त प्राकृतिक संसाधनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं.

 गोवर्धन पूजा के दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर उसे फूलों से सजाया जाता है. गोवर्धन पूजा सुबह या शाम के समय की जाती है. पूजन के दौरान गोवर्धन पर धूप, दीप, नैवेद्य, जल, फल आदि चढ़ाये जाने चाहिए. इसी दिन गाय-बैल और कृषि काम में आने वाले पशुओं की पूजा की जाती है.

गोवर्धन जी गोबर से लेटे हुए पुरुष के रूप में बनाए जाते हैं. नाभि के स्थान पर एक मिट्टी का दीपक रख दिया जाता है. इस दीपक में दूध, दही, गंगाजल, शहद, बताशे आदि पूजा करते समय डाल दिए जाते हैं और बाद में प्रसाद के रूप में बांट दिए जाते हैं.

पूजा के बाद गोवर्धन जी की सात परिक्रमाएं लगाते हुए उनकी जय बोली जाती है. परिक्रमा के वक्त हाथ में लोटे से जल गिराते हुए और जौ बोते हुए परिक्रमा पूरी की जाती है.

गोवर्धन गिरि भगवान के रूप में माने जाते हैं और इस दिन उनकी पूजा घर में करने से धन, संतान और गौ रस की वृद्धि होती है.

गोवर्धन पूजा के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी की जाती है. इस मौके पर सभी कारखानों और उद्योगों में मशीनों की पूजा होती है.

गोवर्धन पूजा की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार इंद्र ने अभिमान में आकर गोकुल में भारी वर्ष की, जिससे सभी लोग परेशान हो गए और चारों तरफ हाहाकार मच गया. ऐसे में लोगों की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगली से उठाकर लोगों की रक्षा की और उसके बाद लोगों से गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा.विभिन्न व्यंजनों को भोग लाकर गोवर्धन पर्वत की पूजा की गई।

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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