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शिक्षक हत्याकांड: भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय दंगे की आग में जहां मिली थी शरण, आज वहीं हो गयी हत्या, खौफ में पंजाबी परिवार

Updated at : 26 May 2021 10:42 AM (IST)
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शिक्षक हत्याकांड: भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय दंगे की आग में जहां मिली थी शरण, आज वहीं हो गयी हत्या, खौफ में पंजाबी परिवार

कटेया थाना क्षेत्र के जमुनहा बाजार में व्यवसायी राजेंद्र सिंह के भाई व शिक्षक दिलीप सिंह उर्फ पंडित की रविवार की सुबह अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दिये जाने के बाद पंजाबी परिवार फिर दहशत में आ गया है. जहां दंगे की आग में कभी इस परिवार को शरण मिली थी, वहीं आज पंजाबी परिवार खौफ से नहीं उबर पा रहा है.

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अजीत द्विवेदी, पंचदेवरी : कटेया थाना क्षेत्र के जमुनहा बाजार में व्यवसायी राजेंद्र सिंह के भाई व शिक्षक दिलीप सिंह उर्फ पंडित की रविवार की सुबह अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दिये जाने के बाद पंजाबी परिवार फिर दहशत में आ गया है. जहां दंगे की आग में कभी इस परिवार को शरण मिली थी, वहीं आज पंजाबी परिवार खौफ से नहीं उबर पा रहा है.

पिछले 74 वर्षों से यह परिवार जमुनहा में है. इस परिवार की कहानी उस समय से जुड़ी हुई है, जब पूरा देश नफरत की आग में जल रहा था. भारत और पाकिस्तान का बंटवारा होने को था. दंगा शुरू हो गया. सांप्रदायिकता की लहर पूरे देश में फैलने लगी. उसी समय अगस्त 1947 में पंजाब प्रांत के गुजरात जिले के कड़ियावाला गांव (यह वर्तमान में पाकिस्तानी पंजाब प्रांत में है) से अपनी जान बचाकर भागते हुए दिलीप सिंह के दादा नंदलाल सिंह अपनी पत्नी वीरकली देवी, दो बेटों तीर्थराम सिंह व मोहन सिंह तथा दो बेटियों प्रेम रानी व जनक रानी के साथ भृंगीचक पहुंचे थे. तब जमुनहा बाजार की बगल में स्थित भृंगीचक गांव के प्रतिष्ठित व्यक्ति स्व कमला मिश्र ने पूरे परिवार की मदद की.

स्व मिश्र ने उस समय नंदलाल सिंह को बाजार में जमीन दिलवायी. नंदलाल सिंह ने यहां कपड़े का व्यवसाय शुरू किया. फिर डीलर बने और अपना व्यवसाय बढ़ाने लगे. लगभग दो दशक में ही इस परिवार ने अपनी एक अलग पहचान बना ली. शिक्षक की हत्या के बाद पंजाबी परिवार असुरक्षित महसूस करने लगा है. व्यवसायी राजेंद्र सिंह ने एसपी आनंद कुमार व हथुआ के एसडीपीओ नरेश कुमार सहित प्रशासन के अन्य वरीय पदाधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगायी है. व्यवसायी का कहना है कि एक साल से परिवार खौफ में जी रहा है.

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मृत शिक्षक दिलीप सिंह के पूर्वज जो मूल रूप से पंजाब के रहने वाले थे. उनकी मौत की सूचना जैसे ही पैतृक गांव पहुंचे, वहां परिजनों में कोहराम मच गया. परिजन तुरंत जमुनहा के लिए रवाना हो गये. मंगलवार को उनलोगों के पहुंचे के बाद शिक्षक का अंतिम संस्कार किया गया. पंजाब से आये लोग इस घटना को लेकर काफी मर्माहत थे. कटेया थाना क्षेत्र के जमुनहा बाजार में शिक्षक दिलीप सिंह रविवार की सुबह अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या तथा Breaking News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें।

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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