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जांच में हुआ खुलासा, जमीन माफिया व अधिकारियों की मिलीभगत से गैरमजरुआ आम जमीन का भी हुआ निबंधन व म्यूटेशन, पढ़िए पूरा मामला

Updated at : 05 Dec 2020 2:08 PM (IST)
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जांच में हुआ खुलासा, जमीन माफिया व अधिकारियों की मिलीभगत से गैरमजरुआ आम जमीन का भी हुआ निबंधन व म्यूटेशन, पढ़िए पूरा मामला

धनबाद : धनबाद जिले में गैरमजरुआ आम जमीन का भी निबंधन व म्यूटेशन कर दिया गया. सरकारी व सीएनटी खातों की जमीन के निबंधन व म्यूटेशन मामले में हुई गड़बड़ी की जांच में यह बात सामने आयी है. इन गड़बड़ियों में आठ अधिकारी सहित 23 कर्मियों के नाम सामने आये हैं, जिसमें धनबाद और गोविंदपुर के सीओ भी शामिल हैं. उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने शुक्रवार को दूसरी जांच रिपोर्ट झारखंड के राजस्व सचिव केके सोन को भेज दी है.

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धनबाद : धनबाद जिले में गैरमजरुआ आम जमीन का भी निबंधन व म्यूटेशन कर दिया गया. सरकारी व सीएनटी खातों की जमीन के निबंधन व म्यूटेशन मामले में हुई गड़बड़ी की जांच में यह बात सामने आयी है. इन गड़बड़ियों में आठ अधिकारी सहित 23 कर्मियों के नाम सामने आये हैं, जिसमें धनबाद और गोविंदपुर के सीओ भी शामिल हैं. उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने शुक्रवार को दूसरी जांच रिपोर्ट झारखंड के राजस्व सचिव केके सोन को भेज दी है.

सामाजिक कार्यकर्ता सह भाजपा नेता रमेश कुमार राही ने राज्य के राजस्व सचिव एवं उपायुक्त से मिल कर जिले के कई अंचलों में जमीन के खरीद-बिक्री तथा म्यूटेशन में हुई गड़बड़ी की शिकायत की थी. राजस्व सचिव के आदेश पर उपायुक्त ने अलग-अलग टीमें गठित कर जांच करायी थी. शुक्रवार को दूसरी जांच रिपोर्ट भेजी गयी. इस टीम ने भाजपा नेता द्वारा की गयी 135 शिकायतों में से लगभग 80 डीड की जांच की. जांच में अधिकांश मामलों में आरोप सही पाये गये, जबकि कुछ मामलों में आरोप गलत पाये गये.

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सूत्रों के अनुसार इन मामलों में आरोपी बने अंचल अधिकारियों ने जांच टीम को बताया कि पंजी टू के आधार पर निबंधन व म्यूटेशन किया गया. खतियान से रिकॉर्ड का मिलान नहीं किया गया. जमीनों के डिजिटाइजेशन में हुई गड़बड़ी का भी हवाला दिया गया है. आरोपियों ने जांच टीम को कहा कि रिकॉर्ड चढ़ाने में गलती हुई. क्रॉस चेक की कोई व्यवस्था नहीं है. सॉफ्टवेयर में भी पंजी टू का ही रिकॉर्ड दिखता है. जांच टीम ने गैर आबाद आम खाता के जमीन बिक्री व म्यूटेशन को गलत बताते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में यह नहीं होना चाहिए था.

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इन पर हैं आरोप : जांच रिपोर्ट में धनबाद के सीओ प्रशांत लायक, पूर्व सीओ प्रकाश कुमार, गोविंदपुर की सीओ वंदना भारती, पूर्व सीओ अनिल कुमार, धनबाद की सब-रजिस्ट्रार श्वेता कुमारी, पूर्व सब-रजिस्ट्रार संतोष कुमार, धनबाद के सीआइ गौरी शंकर प्रसाद, गोविंदपुर के सीआइ यशवंत प्रसाद, धनबाद की राजस्व कर्मचारी नेहा कुमारी, नवीन सिन्हा, नीरोज कुमार, गोविंदपुर के राजस्व कर्मचारी चंदन कुमार, अभय सिन्हा, सुदामा राम, देवेंद्र सिंह, प्रधान लिपिक तपन तिवारी, शैलेश कुमार, संजय दास और निबंधन कार्यालय के प्रधान लिपिक सहित कुल 23 अधिकारियों-कर्मियों को प्रथम दृष्टया दोषी बताया गया है.

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धनबाद के उपायुक्त उमा शंकर सिंह ने कहा कि निबंधन व म्यूटेशन गड़बड़ी मामले में दूसरी जांच रिपोर्ट सरकार को गयी है. कुछ मामलों में आरोप सही हैं तो कई में गलत. व्यवस्थागत खामियां भी दिखीं. यह रिपोर्ट भी सरकार को गयी है. आगे निर्देशानुसार कार्रवाई होगी.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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