बाकी चरणों के प्रचार पर रोक संभव, आखिरी चरण के लिए कोलकाता की सड़कों पर उतरीं ममता
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 15 Apr 2021 3:20 PM
Bengal Election 2021: पूरे देश की तुलना में पश्चिम बंगाल में कोविड-19 महामारी अधिक तेजी से फैलती जा रही है. इसकी वजह है बंगाल विधानसभा चुनाव के समय यहां बड़ी संख्या में जनसभाएं और रोड शो हो रहे हैं. इस वजह से चुनाव आयोग राज्य में बाकी तीन चरणों के लिए चुनाव प्रचार पर रोक लगा सकती है. चुनावी रैलियों में उड़ती कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियों को देखते हुए शुक्रवार (16 अप्रैल) को चुनाव आयोग ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है. इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. इस बैठक में कोरोना संकट को लेकर विचार किया जाएगा.
Bengal Election 2021: पूरे देश की तुलना में पश्चिम बंगाल में कोविड-19 महामारी अधिक तेजी से फैलती जा रही है. इसकी वजह है बंगाल विधानसभा चुनाव के समय यहां बड़ी संख्या में जनसभाएं और रोड शो हो रहे हैं. इस वजह से चुनाव आयोग राज्य में बाकी तीन चरणों के लिए चुनाव प्रचार पर रोक लगा सकती है. चुनावी रैलियों में उड़ती कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियों को देखते हुए शुक्रवार (16 अप्रैल) को चुनाव आयोग ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है. इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. इस बैठक में कोरोना संकट को लेकर विचार किया जाएगा. इसी बीच कोलकाता में ममता बनर्जी ने रोड शो किया.
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खास बात यह है कि चुनाव प्रचार पर रोक संबंधी आशंका के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में सातवें और आठवें चरण के चुनाव के लिए भी प्रचार शुरू कर दिया है. गुरुवार को वो व्हीलचेयर पर बैठकर कोलकाता की सड़कों पर रोड शो करने निकलीं. उनके साथ सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी दिखीं. खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सातवें और आठवें चरण में कोलकाता में वोटिंग होनी है उसके पहले मुख्यमंत्री ने आलोछाया सिनेमा हॉल से बउबाजार तक रोड शो निकाला. उनके रोड शो में भारी भीड़ भी उमड़ी.
बड़ी बात यह है कि ममता के रोड शो में शामिल कई लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं दिखा और सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो भी नहीं किया जा रहा था. इससे कोरोना महामारी के और अधिक बढ़ने की आशंका है. लगातार बढ़ती महामारी के बावजूद नेताओं की जनसभाओं को लेकर लगातार आलोचनाएं हो रही हैं. जीत के इरादे से उतरी सभी पार्टियों ने आयोग की कोरोना गाइडलाइंस की जमकर खिल्ली उड़ाई है. कोई भी पार्टी पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियों में कोरोना गाइडलाइंस को फॉलो करती दिखाई नहीं दे रही हैं.
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बढ़ते कोरोना के मामलों को देखें तो 14 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 5,892 मामले दर्ज किए गए हैं. चुनावी रैलियों के लिहाज से देखें तो बंगाल में पिछले 14 दिन के अंदर कोरोना की रफ्तार में 420 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. आंकड़ों के लिहाज से 16 से 31 मार्च तक सिर्फ 8,062 मरीज मिले थे. दूसरी तरफ 1 से 14 अप्रैल के बीच बढ़कर 41,927 हो गए. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बाकी बचे चुनावों को एक चरण में कराने की मांग की जा रही है. बंगाल चुनाव के बाकी बचे चरणों की बात करें तो पांचवें चरण में 17 अप्रैल को 45, छठे चरण में 22 अप्रैल को 43, सांतवें चरण में 26 अप्रैल को 36 और आंठवें चरण में 29 अप्रैल को 35 सीटों पर वोटिंग होगी. बंगाल में आठ चरणों में मतदान कराए जा रहे हैं. पहले चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है. 29 अप्रैल को अंतिम फेज की वोटिंग के बाद 2 मई को रिजल्ट निकलेगा.
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