ePaper

Saraswati Puja 2021, Precautions: बसंत पंचमी या सरस्वती पूजा के दौरान कहीं आपसे भी न हो जाए ये 6 बड़ी भूल, ज्ञान की देवी हो सकती हैं नाराज, ऐसे बचें

Updated at : 16 Feb 2021 5:28 AM (IST)
विज्ञापन
Saraswati Puja 2021, Precautions: बसंत पंचमी या सरस्वती पूजा के दौरान कहीं आपसे भी 
न हो जाए ये 6 बड़ी भूल, ज्ञान की देवी हो सकती हैं नाराज, ऐसे बचें

Basant Panchami 2021, Vrat, Tithi, Saraswati Puja, Precautions, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Dos And Donts, Vasant Panchami: 16 फरवरी को विद्यार्थियों का सबसे बड़ा पर्व सरस्वती पूजा मनाया जा रहा है. जो हर वर्ष बसंत पंचमी पर मनाया जाता है. यह हर वर्ष माघ मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस बार पंचमी तिथि 16 फरवरी 2021 की सुबह 03 बजकर 36 मिनट से 17 फरवरी 2021 को दोपहर 05 बजकर 46 मिनट तक रहेगी. वहीं, सरस्वती पूजा का शुभ मुहुर्त 16 फरवरी 2021 को सुबह 06:59 से दोपहर 12:35 मिनट तक रहेगा. ऐसे में आप भी यदि व्रत या पूजा पाठ करने की सोच रहे हैं तो कुछ बड़ी भूल आपसे भी हो सकती है. जिससे ज्ञान की देवी आपसे नाराज हो सकती है. तो आइए जानते हैं सरस्वती पूजा के दौरान क्या करने से बचें..

विज्ञापन

Basant Panchami 2021, Vrat, Tithi, Saraswati Puja, Precautions, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Dos And Donts, Vasant Panchami: 16 फरवरी को विद्यार्थियों का सबसे बड़ा पर्व सरस्वती पूजा है. जो हर वर्ष बसंत पंचमी पर मनाया जाता है. यह हर वर्ष माघ मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस बार पंचमी तिथि 16 फरवरी 2021 की सुबह 03 बजकर 36 मिनट से 17 फरवरी 2021 को दोपहर 05 बजकर 46 मिनट तक रहेगी. वहीं, सरस्वती पूजा का शुभ मुहुर्त 16 फरवरी 2021 को सुबह 06:59 से दोपहर 12:35 मिनट तक रहेगा. ऐसे में आप भी यदि व्रत या पूजा पाठ करने की सोच रहे हैं तो कुछ बड़ी भूल आपसे भी हो सकती है. जिससे ज्ञान की देवी आपसे नाराज हो सकती है. तो आइए जानते हैं सरस्वती पूजा के दौरान क्या करने से बचें..

बसंत पंचमी पर भूल कर भी न करें ये छह काम

स्नान और पूजा करना न भूलें: ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा बसंत पंचमी के दिन करने से पहले स्नान जरूर करें तब ही व्रत भी रखें. मां की पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें.

रंग-बिरंगे वस्त्र पहनने से बचें: बसंत पंचमी पर पीले रंग का खास महत्व होता है. अत: व्रत पर बैठने वाले या पूजा-पाठ करने वाले लोग रंग-बिरंगे वस्त्र पहनने से बचें. काले रंग का वस्त्र तो बिलकुल भी नहीं धारण करें. इसे सभी शुभ कार्य में वर्जित माना गया है. इस दिन पीले रंग के वस्त्र ही धारण करें.

प्रकृति के इस पर्व में पेड़-पौधे काटने से बचें: बसंत पंचमी को प्रकृति का पर्व भी कहा जाता है. इस दिन से ही बसंत ऋतु का आगमन होता है. ऐसे में इस दिन पेड़-पौधे काटने की भूल बिल्कुल न करें. कोशिश करें कि फसल की कटाई से भी परहेज करें.

मांस-मदिरा का सेवन भूल कर भी न करें: इस दिन मांस, मछली या मदिरा का सेवन भूल कर भी न करें. आमतौर पर सभी शुभ कार्य में यह वर्जित होता है.

शिक्षा से जुड़ी चीजों का अनादर न करें: इस दिन शिक्षा से जुड़ी चीजों को सम्मान दें, अनादर करने की भूल न करें. मां सरस्वती के चरणों में अपने पुस्तक को जरूर अर्पित करें.

क्रोध या लड़ाई झगड़ा करने से बचें: सरस्वती पूजा के दिन क्रोध या लड़ाई झगड़ा करने से बचें. साथ ही साथ दूसरों को हानि पहुचांने का भी मन में ख्याल न लाएं. शुभ सोचने-विचारने और बोलने का ही प्रयास करें.

Also Read: Basant Panchami 2021: सरस्वती पूजा पर बन रहे ये दो बेहद शुभ संयोग, जानें कब पड़ रहा अति शुभ मुहूर्त, कैसे प्रकट हुई मां और क्या है पूजा विधि, मंत्र व वंदना
Also Read: Saraswati Puja 2021: जानें Basant Panchami में ‘नील सरस्वती’ की पूजा क्यों जरूरी, क्या है इनका महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त
Also Read: Basant Panchami 2021: कल सुबह 06:59 से दोपहर 12:35 तक सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा विधि, मंत्र, वंदना व महत्व

Posted By: Sumit Kumar Verma

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola