अलीगढ़: लखनऊ की घटना के बाद SSP ने कोर्ट के सुरक्षा व्यवस्था को परखा, जेल में बंद कुख्यातों की विशेष निगरानी

अलीगढ़ में न्यायालय की सुरक्षा को लेकर एसएसपी ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान एसएसपी ने 24 घंटे प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध करने के लिए निर्देश दिये है. वहीं कोर्ट परिसर में किसी को भी अवैध शस्त्र के साथ प्रवेश नहीं करने की हिदायत दी है.
Aligarh : लखनऊ के कोर्ट परिसर में संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या करने के बाद अलीगढ़ में न्यायालय की सुरक्षा को लेकर एसएसपी ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान एसएसपी ने 24 घंटे प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध करने के लिए निर्देश दिये है. वहीं कोर्ट परिसर में किसी को भी अवैध शस्त्र के साथ प्रवेश नहीं करने की हिदायत दी है. कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरे को नियमित चेक करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
लखनऊ की घटना के बाद अलीगढ़ न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया. 24 घण्टे प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबन्ध हेतु दिए आवश्यक निर्देश दिये गये. अलीगढ़ एसएसपी कलानिधि नैथानी द्वारा जिला न्यायालय का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण करते हुए अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं. एसएसपी ने प्रवेश द्वार, सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, बंदियों की सुरक्षा आदि पहलुओं का अवलोकन किया.
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एसएसपी कला निधि नैथानी ने निर्दश दिये हैं कि न्यायालय परिसर में प्रवेश द्वार पर विधिवत चेकिंग की जायें. न्यायालय परिसर में प्रवेश करते समय सभी व्यक्तियों की सघन तलाशी ली जायें. जिससे कोई अवांछनीय वस्तु न्यायालय परिसर में न जा सकें. कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से शस्त्र लेकर न्यायालय परिसर में प्रवेश न करें, हवालात व गार्ड ड्यूटी में लगा पुलिस बल सक्रियता व सतर्कता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करें.
न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को नियमित चेक करें. पेशी के समय बन्दीयों की सुरक्षा में मानक के अनुरूप पुलिस बल की ड्यूटी लगाना सुनिश्चित करें. कुख्यात बन्दीयों पर विशेष निगरानी रखी जाएं. न्यायालय एवं बन्दियों की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में ब्रीफ किया जायें. समय समय पर न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की आकस्मिक चेकिंग अवश्य की जायें. छुट्टी पर रिप्लेसमेंट कर्मी तत्काल दिए जाए.
अलीगढ़ में भी न्यायालय परिसर में कई गोलीकांड हो चुका है. 2014 में गोली कांड के बाद से न्यायालय परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किये गये. 2014 में इगलास के कुख्यात अपराधी अरुण उर्फ समीर जाट को जेल से पेशी पर लाया गया था. इसी दौरान उसकी प्रेमिका दीवानी कोर्ट में पिस्टल लेकर पहुंची और खाना खाते समय उसने समीर जाट को पिस्टल थमा दी.
उस पिस्टल से खुद ही सुरक्षा में लगे सिपाहियों को फायरिंग कर समीर अपने साथ एक अन्य अपराधी को लेकर भाग गया. वहीं कुछ दिन बाद समीर ग्वालियर में मुठभेड़ में मारा गया. घटना के बाद न्यायालय के सभी गेटों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए. और दीवानी परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे. वही अब लगेज स्केनर भी लगवाया गया है. दीवानी के अंदर वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित किया गया है. इससे पहले भी दीवानी कोर्ट के अंदर कई हत्याकांड हो चुके हैं .
रिपोर्ट- आलोक, अलीगढ़
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By Prabhat Khabar News Desk
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