10 साल बाद सूर्य-मंगल की युति से मकर राशि में बना आदित्य मंगल राजयोग, इन राशियों के जीवन में दिखेगा बड़ा बदलाव

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Mangal Gochar 2024: सूर्यदेव मंगल ग्रह के साथ आने पर आदित्‍य मंगल राजयोग का निर्माण होता है. आदित्‍य मंगल राजयोग से कुछ राशियों के जातकों के जीवन में बड़ा बदलाव होता है.

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Mangal Gochar 2024 Makar Rashi : मंगल ग्रह फिलहाल मकर राशि में विराजमान है. मंगल ग्रह के मकर राशि में आने के बाद रूचक राजयोग का निर्माण हुआ है, जिसे पंचमहापुरुष योग में से एक माना जाता है. क्योंकि मंगल ग्रह मकर राशि में उच्च के है. मकर राशि में मंगल ग्रह और सूर्य की युति बनी है, जिससे आदित्य मंगल राजयोग का भी निर्माण हुआ है. ऐसा शुभ संयोग 10 साल बाद बना हुआ है, जब सूर्य और मंगल ग्रह एक साथ मकर राशि में विराजमान है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य-मंगल की युति कुंडली में होने पर जातक अत्यधिक ऊर्जावान और महत्वकांक्षी बनता है. सूर्य स्वयं एक बहुत शक्तिशाली ग्रह है और मंगल भी एक अत्यधिक ऊर्जावान ग्रह है. इसलिए कुंडली में इन दोनों ग्रहों की युति से व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ता है. मेष राशि, कर्क राशि, तुला राशि, वृश्चिक राशि, मकर राशि के जातक को आदित्य मंगल राजयोग का शुभ लाभ मिलेगा, इन राशि वालों का भाग्योदय होगा.

आदित्‍य मंगल राजयोग का मिलेगा लाभ

ज्योतिष शास्त्र में सूर्यदेव को ही आदित्‍य के नाम से जाना जाता है. सूर्यदेव मंगल ग्रह के साथ आने पर आदित्‍य मंगल राजयोग का निर्माण होता है. आदित्‍य मंगल राजयोग से कुछ राशियों के जातकों के जीवन में बड़ा बदलाव होता है. मकर राशि में आदित्य मंगल राजयोग के प्रभाव से यह समय अत्यंत शुभ रहने वाला है. ज्योतिष के अनुसार सूर्य-मंगल की युति व्यक्ति अपने जीवन में बड़ी सफलता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध होता है. इस युति के प्रभाव से लोग ऊर्जा को जागृत करने के लिए अपनी भावनाओं को बाहर लाते हैं और खुले दिमाग से नई चुनौतियों का सामना करते हैं. इस युति के कारण व्यक्ति का व्यवहार अक्सर संवेदनशील और उत्तेजनापूर्ण होता है.

मंगल के साथ आने पर सूर्य की स्थिति

सूर्य समय-समय पर अपने स्थान में परिवर्तन करते हैं, जिसके कारण युति, ग्रहण, गोचर आदि जैसी घटनाएं घटित होती रहती है. मंगल ग्रह के साथ जब सूर्य की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं. उस समय ज्योतिष शास्त्र में मंगल प्रमुख और शक्तिशाली ग्रह माना गया है. यह एक क्रूर ग्रह है, जो आक्रामकता, साहस और ऊर्जा का कारक माना जाता है. वहीं सूर्य ग्रह मान-सम्मान, यश, बल, गौरव का प्रतीक हैं. जब सूर्य-मंगल की युति होती है, तो जातक के जीवन पर इसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ता हैं.

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ज्योतिष में सूर्य और मंगल की युति का महत्व

सूर्य देव और मंगल दोनों ग्रहों को ज्योतिष में महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. सूर्य व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और जीवन के उद्देश्य का प्रतिनिधित्व करता है. वहीं मंगल शक्ति, उत्तेजना, अभिरुचि, संघर्ष और सफलता के लिए जाना जाता है. जब इन दोनों ग्रह की युति होती है, तो व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं. कुंडली में सूर्य-मंगल की युति कुंडली में होने पर जातक अत्यधिक ऊर्जावान और महत्वकांक्षी बनता है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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