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YouTube पर क्लिकबेट थंबनेल और टाइटल वाले कंटेंट की खैर नहीं, तुरंत हटेगा ऐसा वीडियो

Updated at : 23 Dec 2024 10:10 AM (IST)
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youtube warns against clickbait videos thumbnails and titles

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Google के स्वामित्व वाले ऑनलाइन वीडियो प्लैटफॉर्म YouTube का कहना है कि इस तरह के तरीकों से व्यूअर्स को ठगे जाने का एहसास हो सकता है.

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YouTube भारत में गुमराह करने वाली सामग्री, खासकर भ्रामक शीर्षक और थंबनेल वाले वीडियो, जिन्हें क्लिकबेट कहा जाता है, के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा. प्लैटफॉर्म ने यह कदम खासकर ब्रेकिंग न्यूज और करेंट इवेंट्स जैसे टॉपिक्स पर आधारित वीडियोज की निगरानी के लिए उठाया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यूअर्स को भ्रमित न किया जाए और वीडियो के कंटेंट से मेल न खाने वाले शीर्षक या थंबनेल की समस्या को हल किया जाए.

भ्रामक कंटेंट से व्यूअर्स को धोखा या निराशा हो सकती है

यूट्यूब का कहना है कि इस प्रकार के भ्रामक कंटेंट से व्यूअर्स को धोखा या निराशा हो सकती है, खासकर जब वे महत्वपूर्ण जानकारी की तलाश में होते हैं. इस पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले वीडियो को आगामी महीनों में हटाया जाएगा. हाल ही में, गूगल के CEO सुंदर पिचाई को एक मानहानि वीडियो हटाने में नाकाम रहने पर मुंबई की अदालत से अवमानना का नोटिस मिला था.

YouTube ने ऐसा कदम क्यों उठाया?

प्लैटफॉर्म का कहना है कि उसका उद्देश्य एक भरोसेमंद अनुभव प्रदान करना है, जहां यूजर्स को सही और प्रामाणिक जानकारी मिल सके. खासकर तब, जब लोग ब्रेकिंग न्यूज या संवेदनशील विषयों पर जानकारी खोज रहे हों.

क्या होता है क्लिकबेट?

क्लिकबेट उस वीडियो को कहेंगे, जिनके शीर्षक या थंबनेल कुछ ऐसा दावा करते हैं, जो वीडियो में दिखाया नहीं गया हो. इनका उद्देश्य केवल लोगों को वीडियो पर क्लिक कराना होता है. खासकर जब मामला ब्रेकिंग न्यूज या ट्रेंडिंग टॉपिक से जुड़ा हुआ हो.

किन वीडियोज को हटाया जाएगा?

करेंट अफेयर्स और ब्रेकिंग न्यूज से जुड़े वीडियो इस पॉलिसी के दायरे में आएंगे. अगर वीडियो दर्शकों को गुमराह करते हैं और उन तक अपेक्षित जानकारी पहुंचा नही नहीं करते, तो यूट्यूब अपने प्लैटफॉर्म से उन्हें हटा सकता है.

YouTube क्या कदम उठाएगा?

यूट्यूब भ्रामक शीर्षक या थंबनेल वाले वीडियो को अपने प्लैटफॉर्म से हटा देगा. लेकिन शुरुआत में चैनलों पर कोई स्ट्राइक नहीं दी जाएगी, ताकि क्रिएटर्स नयी पॉलिसी को समझ सकें. भविष्य में, यूट्यूब यह स्पष्ट करेगा कि ब्रेकिंग न्यूज और भ्रामक कंटेंट को पहचानने के लिए कौन से मानदंड लागू किये जाएंगे.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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