सोशल मीडिया से सबसे बड़ा दर्द क्या है? किशोरों ने खोली डिजिटल दुनिया की सच्चाई, स्टडी में बड़ा खुलासा

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 19 Nov 2025 6:14 PM

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किशोरों की डिजिटल दुनिया

Adolescent Digital Life: वैश्विक स्टडी में खुलासा, किशोर चाहते हैं कि वयस्क उनकी डिजिटल दुनिया को समझें, सपोर्ट करें और ऑनलाइन तनाव से निपटने में मार्गदर्शन दें

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Adolescent Digital Life: दुनिया भर में किशोर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल अपने रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा मानकर करते हैं. लेकिन डिजिटल प्लैटफॉर्म उनके मन और व्यवहार पर क्या असर डालते हैं- इस पर चर्चा में अक्सर उनकी आवाज गायब रहती है. यूनिसेफ समर्थित एक वैश्विक अध्ययन ने पहली बार साफ बताया है कि किशोर अपनी ऑनलाइन दुनिया को लेकर वयस्कों से क्या चाहते हैं.

वैश्विक स्टडी में सामने आयी किशोरों की सच्ची भावनाएं (Adolescent Digital Life)

यह अध्ययन बेल्जियम, चिली, मिस्र, इंडोनेशिया, चीन, स्वीडन, अमेरिका सहित 11 देशों के 490 किशोरों पर आधारित था. नतीजे बताते हैं कि अलग-अलग देशों के युवा डिजिटल व्यवहार पर लगभग एक जैसी भावनाएं साझा करते हैं- जो एक ही प्रकार की वैश्विक डिजिटल संस्कृति को दर्शाता है.

ओवरऑल फीडबैक- वयस्क हमें समझते ही नहीं

अधिकतर किशोरों ने माना कि वयस्क न तो उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को समझते हैं और न ही उनमें रुचि लेते हैं. कई युवाओं ने कहा कि वे डिजिटल स्पेस में भावनात्मक सपोर्ट पाते हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर वयस्कों की मार्गदर्शन भूमिका बहुत कमजोर होती है. चिली के रहनेवाले एक किशोर के शब्दों में- मेरा दोस्त मुझसे रोज बात करता है, अपनी समस्या बताता है, पर अपने माता-पिता को नहीं बता पाता क्योंकि वे उसे समझते नहीं.

सोशल मीडिया की दोहरी दुनिया: मदद भी, तनाव भी

युवाओं ने बताया कि डिजिटल संचार उन्हें दोस्ती, सपोर्ट और सहज बातचीत का स्पेस देता है. लेकिन लगातार तुलना, साइबर बुलीइंग और परफेक्ट दिखने के दबाव से तनाव और चिंता बढ़ जाती है.लड़कियों ने बताया कि लाइक और कमेंट उनके आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं- हालांकि वे जानते हैं कि ऑनलाइन ग्लैमर हमेशा वास्तविक नहीं होता.

ऑनलाइन तुलना: मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर

किशोरों ने कहा कि इन्फ्लुएंसर और सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल से तुलना अवास्तविक उम्मीदें पैदा करती है. यह दबाव खासतौर पर बॉडी इमेज, आर्थिक सफलता और लाइफस्टाइल को लेकर, उन्हें अंदर से थका देता है. डिजिटल पैसिव-स्क्रॉलिंग भी उनके मूड और मानसिक स्थिति को बिगाड़ सकती है.

Adolescent Digital Life: समाधान क्या चाहते हैं किशोर?

युवा चाहते हैं कि वयस्क:

  • डिजिटल दुनिया को बेहतर समझें
  • सलाह दें लेकिन बनावटी नियंत्रण न करें
  • उन्हें सुनें और उनकी ऑनलाइन परेशानियों को गंभीरता से लें
  • डिजिटल साक्षरता बढ़ाएं.

किशोरों ने कहा कि सुरक्षित ऑनलाइन माहौल तभी बनेगा, जब वयस्क और युवा मिलकर डिजिटल गाइडलाइन तैयार करेंगे.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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