Microsoft, Meta, Google छोड़कर ये दिग्गज अपने स्टार्टअप्स से AI की दुनिया में लायेंगे नया तूफान
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 19 Oct 2025 2:17 PM
2025 में जन्मे वो 7 AI स्टार्टअप्स जो 2026 में गेम बदलने वाले हैं!
AI Startups 2025: जानिए 2025 के उन 7 टॉप AI स्टार्टअप्स के बारे में, जो पूर्व OpenAI, Tesla, Meta और Microsoft के लीडर्स ने शुरू किये हैं. Mira Murati, Naveen Rao और अन्य की नयी AI कंपनियों की पूरी जानकारी
AI Startups 2025: टेक दुनिया में एक नया ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, बड़ी कंपनियों के अनुभवी लीडर्स अपनी आरामदेह नौकरी को छोड़कर खुद के AI स्टार्टअप्स शुरू कर रहे हैं. 2025 में कई ऐसे नाम सामने आये हैं जिन्होंने Google, Meta, Microsoft और OpenAI जैसी दिग्गज कंपनियों को छोड़कर अपनी राह चुनी है. आइए जानते हैं इन 7 टॉप AI स्टार्टअप्स और उनके पीछे के दिमागों के बारे में, जो 2026 में टेक इंडस्ट्री में बड़ा धमाका कर सकते हैं.
Naveen Rao : Unconventional AI (Ex-Databricks, Intel)
नवीन राव पहले से ही दो सफल स्टार्टअप्स (Nervana और Mosaic ML) बेच चुके हैं. अब उन्होंने Unconventional AI शुरू किया है, जो AI वर्कलोड्स के लिए कंप्यूटिंग सॉल्यूशंस पर काम करेगा.रिपोर्ट्स की मानें, तो यह स्टार्टअप $5 बिलियन वैल्यूएशन पर $1 बिलियन फंडिंग जुटाने की तैयारी में है. Databricks भी इसमें शुरुआती निवेशक है.
Thomas Dohmke : Stealth Startup (Ex-CEO, GitHub)
GitHub के पूर्व CEO थॉमस डोहम्के ने भी Microsoft छोड़कर अपना नया स्टार्टअप शुरू किया है. हालांकि अभी यह स्टार्टअप स्टेल्थ मोड में है और इसके बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आयी है.डोहम्के पहले भी HockeyApp जैसे प्रोडक्ट्स बना चुके हैं, जिसे Microsoft ने 2015 में खरीदा था.
Mira Murati : Thinking Machines Lab (Ex-CTO, OpenAI)
OpenAI की पूर्व CTO मीरा मुराती ने नया स्टार्टअप Thinking Machines Lab शुरू किया है, जिसने पहले ही $2 बिलियन फंडिंग जुटा ली है. इस कंपनी ने हाल ही में Tinker API नाम से प्रोडक्ट लॉन्च किया है, जो AI रिसर्चर्स को डेटा और एल्गोरिद्म पर फोकस करने में मदद करता है, जबकि कंप्यूट मैनेजमेंट Tinker संभालता है.
Igor Babuschkin : Babuschkin Ventures (Ex-xAI, Google DeepMind)
Elon Musk के साथ xAI के को-फाउंडर इगोर बाबुशकिन अब खुद का वेंचर चला रहे हैं, Babuschkin Ventures. यह स्टार्टअप AI Safety और रिसर्च पर फोकस करेगा ताकि AI को सुरक्षित तरीके से डेवलप किया जा सके. उन्होंने कहा, AI विज्ञान की सबसे बड़ी चुनौतियों को हल करने में मदद कर सकता है.
Liam Fedus : Periodic Labs (Ex-OpenAI)
OpenAI के पूर्व VP लियमफेडस ने Periodic Labs नामक स्टार्टअप शुरू किया है, जो AI Scientists और ऑटोनॉमस लैब्स बना रहा है. यह कंपनी Menlo Park में अपनी बड़ी लैब बना रही है और $300 मिलियन सीड फंडिंग जुटा चुकी है. इस प्रोजेक्ट में Google Deep Mind और Meta के कई एक्स-रिसर्चर्स भी शामिल हैं.
Devi Parikh, Dhruv Batra, Abhishek Das : Yutori (Ex-Meta AI)
MetaAI के तीन अनुभवी एक्सपर्ट्स देवी पारिख, ध्रुव बत्रा और अभिषेक दास ने मिलकर Yutori नाम का स्टार्टअप लॉन्च किया है. Yutori का मकसद ऐसे AI असिस्टेंट्स बनाना है, जो रोजमर्रा के डिजिटल काम जैसे ग्रॉसरी ऑर्डर करना, ट्रैवल प्लान बनाना या रेस्टोरेंट बुकिंग खुद कर सकें. कंपनी ने $15 मिलियन फंडिंग जुटाई है.
Ganesh Venkataramanan : DensityAI (Ex-Tesla Dojo)
Tesla के Autopilot हार्डवेयर टीम के हेड गणेश वेंकटरमणन अब अपने नये स्टार्टअप DensityAI पर काम कर रहे हैं. यह कंपनी AI डेटा सेंटर्स के लिए चिप्स, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर बना रही है और जल्द ही स्टेल्थ मोड से बाहर आने वाली है. इस टीम में लगभग 20 पूर्व Tesla इंजीनियर्स शामिल हैं.
क्या आगे और नाम जुड़ेंगे?
2025 में इन दिग्गजों की यह नयी शुरुआत टेक दुनिया में एक नया दौर लेकर आयी है. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि 2026 में इनके प्रोजेक्ट्स कैसे परफॉर्म करते हैं और क्या ये नये AI यूनिकॉर्न बन पाते हैं या नहीं.
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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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