व्हाट्सऐप विवाद फिर गरमाया, सुप्रीम कोर्ट ने यूजर डेटा प्राइवेसी को लेकर किया आगाह

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 03 Feb 2026 12:37 PM

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व्हाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

सुप्रीम कोर्ट ने मेटा और व्हाट्सऐप को सख्त चेतावनी दी है कि यूजर डेटा विज्ञापन के लिए साझा नहीं किया जा सकता. अदालत ने शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया, अन्यथा मामला खारिज होगा

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भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को मेटाप्लैटफॉर्म्स और उसकी मैसेजिंग सेवा व्हाट्सऐप को कड़ी चेतावनी दी है. अदालत ने साफ कहा कि व्हाट्सऐप यूजर डेटा को विज्ञापन के लिए साझा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने मेटा से एक सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट Undertaking हो कि कंपनी किसी भी तरह से यूजर डेटा का विज्ञापन में उपयोग नहीं करेगी.

अदालत की सख्त टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश सुर्या कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि मेटा शपथपत्र दाखिल करने से पीछे हटता है तो मामला सीधे खारिज कर दिया जाएगा. अदालत ने कहा- “हम एक शब्द भी डेटा साझा करने की इजाजत नहीं देंगे. यह बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए.”

पॉलिसी की भाषा पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सऐप की 2021 प्राइवेसी पॉलिसी की भाषा पर भी सवाल उठाए. अदालत ने कहा कि आम यूजर, खासकर सड़क पर फल बेचने वाली महिला जैसी साधारण नागरिक, इन शर्तों को समझ ही नहीं सकती. कोर्ट ने पॉलिसी को “चालाकी से तैयार किया गया” बताया और कहा कि इसमें ऑप्ट-इन और ऑप्ट-आउट विकल्प आम जनता के लिए समझना मुश्किल है.

लंबा विवाद और जुर्माना

यह विवाद 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ा है, जिसमें व्हाट्सऐप ने यूजर्स को मजबूर किया था कि वे मेटा कंपनियों के साथ अधिक डेटा साझा करें. प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने नवंबर 2024 में मेटा और व्हाट्सऐप पर ₹213.14 करोड़ का जुर्माना लगाया था. एनसीएलएटी ने भी इस जुर्माने को बरकरार रखा, हालांकि पांच साल की डेटा शेयरिंग रोक को हटा दिया. अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जहां अंतिम फैसला होगा कि व्हाट्सऐप यूजर डेटा को किस हद तक साझा कर सकता है.

आगे की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मेटा को एक सप्ताह का समय दिया है. अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि व्हाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी भारतीय यूजर्स के हितों के खिलाफ है या नहीं.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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