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आपके फोन की बैटरी की जिंदगी कितनी बची है? ऐसे करें हेल्थ टेस्ट

Smartphone Battery Health Guide: जानें कैसे एंड्रॉयड और iOS पर बैटरी हेल्थ चेक करके पता करें, आपके स्मार्टफोन की बैटरी कितनी बची है और कब बदलनी चाहिए.

Smartphone Battery Health Guide: आपके फोन की बैटरी की जिंदगी कितनी बची है? ऐसे करें हेल्थ टेस्ट स्मार्टफोन की बैटरी ही उसकी असली ताकत होती है, लेकिन अक्सर यूजर्स को यह पता नहीं चलता कि उनकी बैटरी कितनी कमजोर हो चुकी है. बैटरी हेल्थ की जानकारी न होने से फोन अचानक बंद हो सकता है या चार्जिंग के दौरान खतरा भी पैदा हो सकता है.एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लैटफॉर्म अब बैटरी की स्थिति जानने का आसान तरीका देते हैं. यह खबर उन सभी यूजर्स के लिए अहम है जो अपने फोन की परफॉर्मेंस और सुरक्षा को लेकर सजग हैं.

रिमूवेबल बनाम सील्ड बैटरी

पहले के जमाने में बैटरी रिमूवेबल होती थी और उसकी हालत आंखों से देखी जा सकती थी. लेकिन अब सील्ड बैटरी डिजाइन के कारण यूजर्स सीधे बैटरी की स्थिति नहीं जान पाते. यही वजह है कि बैटरी हेल्थ चेक करने का फीचर स्मार्टफोन सेटिंग्स में दिया गया है.

हादसे का कारण भी बन सकती है कमजोर बैटरी

बैटरी हेल्थ जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह सीधे फोन की परफॉर्मेंस और सुरक्षा से जुड़ाहै. कमजोर बैटरी न सिर्फ जल्दी डिस्चार्ज होती है बल्कि ओवरहीटिंग और चार्जिंग के दौरान हादसे का कारण भी बन सकती है. बैटरी हेल्थ चेक करके यूजर समय रहते बैटरी रिप्लेसमेंट का फैसला ले सकता है.

सेटिंग्स में बैटरी हेल्थ का ऑप्शन

एंड्रॉयड में सेटिंग्स के अंदर बैटरी सेक्शन में जाकर बैटरी हेल्थ का विकल्प मिलता है. यहां बैटरी की कैपेसिटी दिखाई जाती है, जो बताती है कि नयी बैटरी के मुकाबले अब उसकी क्षमता कितनी बची है.iOSप्लैटफॉर्म इस मामले में और आगे है, जहां बैटरी हेल्थ के साथ चार्जिंग साइकिल और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट की भी जानकारी मिलती है.

ई-वेस्ट कम करने में भी मददगार है यह ट्रेंड

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैटरी हेल्थ फीचर यूजर्स को स्मार्टफोन की असली स्थिति समझने में मदद करता है. कई कंपनियां अब बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम भी चला रही हैं ताकि यूजर्स को नया फोन खरीदने की बजाय बैटरी बदलने का विकल्प मिले. यह ट्रेंड ई-वेस्ट कम करने में भी मददगार साबित हो रहा है.

बैटरी हेल्थ का एआई एनालिसिस

भविष्य में बैटरी हेल्थ फीचर और भी एडवांस हो सकता है. कंपनियां AI आधारित एनालिसिस जोड़ सकती हैं जो बैटरी की गिरती क्षमता का अनुमान पहले से दे सके. इससे यूजर्स को बैटरी बदलने का सही समय पता चलेगा और स्मार्टफोन की सुरक्षा और परफॉर्मेंस दोनों बेहतर होंगी.

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Rajeev Kumar
Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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