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SIM Card New Rule: सिम कार्ड खरीदते समय हुई यह गलती, करा सकती है 3 साल की जेल

Updated at : 28 Feb 2025 2:39 PM (IST)
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SIM Card New Rule

SIM Card New Rules / AI Image

SIM Card New Rule: सरकार की ओर से सख्ती इसलिए की गई है ताकि साइबर अपराध और फर्जी पहचान के मामलों पर रोक लगायी जा सके. ऐसे में, सिम कार्ड खरीदते समय सतर्क रहें और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें.

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SIM Card New Rule: आज के डिजिटल युग में सिम कार्ड हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन, क्या आपको पता है कि सिम कार्ड खरीदने में की गई एक छोटी सी गलती आपको जेल तक पहुंचा सकती है? भारत सरकार ने सिम कार्ड से जुड़ी धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त नियम बनाये हैं. अगर इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो तीन साल तक की जेल या भारी जुर्माना हो सकता है.

SIM Card New Rule: फर्जी डॉक्यूमेंट्स से सिम खरीदना पड़ सकता है भारी

सिम कार्ड खरीदते समय असली पहचान पत्र (ID Proof) देना अनिवार्य है. अगर कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सिम कार्ड खरीदता है, तो यह भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत अपराध माना जाता है. इसके तहत तीन साल की जेल की सजा या आर्थिक दंड का प्रावधान है. सरकार ने इन नियमों को इसलिए लागू किया है ताकि सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल रोका जा सके.

SIM Card New Rule: सिम कार्ड खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

मूल पहचान प्रमाण प्रस्तुत करें: सिम कार्ड खरीदने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें.
अपना केवाईसी (KYC) पूरा कराएं: सिम खरीदने से पहले अपना पूरा केवाईसी सत्यापन कराएं. बिना केवाईसी के खरीदी गई सिम अवैध मानी जाएगी.
रजिस्टर्ड सिम ही इस्तेमाल करें: हमेशा अपने नाम से रजिस्टर की गई सिम का ही उपयोग करें. किसी और के नाम पर ली गई सिम से अवैध गतिविधियों में फंसने का खतरा बढ़ जाता है.
ऑथराइज्ड स्टोर से सिम खरीदें: अधिकृत विक्रेता या टेलीकॉम कंपनी के स्टोर से ही सिम कार्ड खरीदें.

SIM Card New Rule: नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें

सरकार की ओर से सख्ती इसलिए की गई है ताकि साइबर अपराध और फर्जी पहचान के मामलों पर रोक लगायी जा सके. ऐसे में, सिम कार्ड खरीदते समय सतर्क रहें और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें. किसी भी संदेहजनक गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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