आधा भारत नहीं जानता ऑफिस में क्यों होती है एसी को लेकर तकरार? सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग है असली विलेन

Edited by Rajeev Kumar
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Office AC Fight

Office AC Fight: ऑफिस में कोई ठंड से कांपता है, तो कोई पसीने-पसीने क्यों होता है? एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि सेंट्रल एसी सिस्टम कैसे बन रहा है स्वास्थ्य और प्रोडक्टिविटी में गिरावट की वजह. जानिए पूरी कहानी

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Office AC Fight | Centralised Air Conditioner | Health Impact | Productivity Issues | Hindi News : क्या आपने कभी ऑफिस में महसूस किया है कि आपका एक सहयोगी को ठंड से कांपता दिखता है, जबकि आप खुद पसीने से तर-बतर होते हैं? अगर हां, तो इसका जिम्मेदार है – सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंगसिस्टम. विशेषज्ञों की मानें तो यह ‘वनटेम्परेचर फॉर ऑल’ वाला सिस्टम न सिर्फ असहजता बढ़ाता है, बल्कि आपकी सेहत और प्रोडक्टिविटी पर भी सीधा असर डालता है.

सेंट्रल एसी से क्यों बिगड़ती है बॉडी की बैलेंसिंग?

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञ बताते हैं कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है – किसी का मेटाबॉलिज्म तेज होता है तो कोई जल्दी ठंड पकड़ लेता है. लेकिन सेंट्रल एसी पूरे ऑफिस के लिए एक समान तापमान तय करता है. ऐसे में कोई व्यक्ति ज्यादा ठंड महसूस करता है, तो कोई पसीना-पसीना हो जाता है.

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सेहत पर असर क्या असर होता है?

लगातार ठंडे वातावरण में रहने से साइनस, जुकाम और थकान की शिकायत बढ़ती है

कुछ लोगों को सिरदर्द, बॉडी पेन और एलर्जी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं

महिलाएं अक्सर पुरुषों की तुलना में ज्यादा ठंड महसूस करती हैं – और यही ऑफिस में झगड़ों की एक बड़ी वजह बनता है.

काम पर असर क्या पड़ता है?

थर्मल अनकंफर्ट से ध्यान भटकता है और काम में मन नहीं लगता.

बार-बार पसीना या ठंड से परेशान लोग जल्दी थक जाते हैं.

इससे न सिर्फ काम की गुणवत्ता घटती है, बल्कि टीम वर्क पर भी असर पड़ता है.

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इसका समाधान क्या है?

कंपनियों को चाहिए कि वे जोन-वाइज टेम्परेचर सिस्टम अपनाएं.

स्मार्ट एसी या वर्कस्टेशन-वाइज एयरफ्लो सिस्टम जैसे विकल्प उपयोग में लाये जा सकते हैं.

कर्मचारियों को भी चाहिए कि वे अपने बैठने की जगह और कपड़ों का चुनाव मौसम के अनुसार करें.

तो क्या किया जाना चाहिए?

आज की हाई-टेक ऑफिस बिल्डिंग्स में सेंट्रल एसी आराम का प्रतीक मानी जाती हैं, लेकिन यह आराम सभी के लिए नहीं होता. अब वक्त आ गया है कि कंपनियां कर्मचारियों की पर्सनल जरूरतों को समझें और एक हेल्दी, प्रोडक्टिव वर्क एनवायरमेंट तैयार करें.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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