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70 घंटे काम के बाद अब AI पर नारायण मूर्ति का युवाओं को संदेश- सीखो और आगे बढ़ो

Updated at : 27 Feb 2026 12:49 PM (IST)
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narayana murthy

Infosys संस्थापक का संदेश: मेहनत और AI से बनेगा भविष्य / फाइल फोटो पीटीआई से

इंफोसिस संस्थापक नारायण मूर्ति ने युवाओं को सलाह दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खतरे की तरह नहीं देखें. मेहनत, अनुशासन और सीखने की आदत के साथ AI को साधें और करियर में आगे बढ़ें.

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इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने एक बार फिर युवाओं को बड़ा संदेश दिया है. कुछ महीने पहले उनके “70 घंटे काम” वाले बयान ने देशभर में बहस छेड़ दी थी. अब उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं पर अपनी राय रखी है. मूर्ति का कहना है कि युवाओं को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें इस तकनीक को समझकर अपने करियर में इस्तेमाल करना चाहिए.

AI को दुश्मन नहीं, साथी मानें

मूर्ति ने साफ कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खतरे की तरह नहीं देखना चाहिए. यह एक ऐसा टूल है जो सही तरीके से इस्तेमाल करने पर आपकी कैपेसिटी और प्रोडक्टिविटी को कई गुना बढ़ा सकता है. मनीकंट्रोल से बात करते हुए उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करने पर यह साफ दिखता है कि जो लोग तेज सोचते हैं और जल्दी सीखते हैं, वही इससे सबसे ज्यादा फायदा उठा पाते हैं.

मेहनत और अनुशासन ही असली हथियार

उनका मानना है कि तकनीक तभी काम आती है जब उसे अनुशासन, मेहनत और लगातार सीखने की आदत के साथ जोड़ा जाए. मूर्ति ने युवाओं को सलाह दी कि वे AI को सिर्फ सहायक साधन मानें और इसे अपने कौशल के साथ मिलाकर इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा, इसलिए युवाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

निवेशकों की चिंता और कंपनियों पर असर

AI की तेजी से बढ़ती ताकत ने निवेशकों को भी परेशान कर दिया है. हाल ही में अमेरिकी कंपनी Anthropic ने अपने Claude प्लैटफॉर्म के जरिये ऐसे टूल लॉन्च किये हैं जो लॉ, फिनांस, एचआर और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर्स में कॉम्प्लेक्स प्रॉसेस को ऑटोमेट कर सकते हैं. इससे आईटी सर्विस कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए हैं. IBM के शेयर तो एक ही दिन में दो दशक की सबसे बड़ी गिरावट झेल गए.

भविष्य की तस्वीर

AI अब पुराने प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे COBOL को भी समझकर मॉडर्नाइज करने में सक्षम हो रहा है. यह काम पहले सालों तक चलता था और कंपनियों को भारी खर्च करना पड़ता था. अब जब AI इसे कुछ ही समय में कर सकता है, तो आईटी सर्विस इंडस्ट्री को अपनी स्ट्रैटेजी नये सिरे से सोचनी होगी.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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