Y2K से AI तक: भारतीय IT के लिए नया निर्णायक मोड़; खतरा नहीं, सुनहरा मौका
पीयूष गोयल ने कहा कि एआई से आईटी सेक्टर में नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बल्कि नये अवसर पैदा होंगे. भारतीय कंपनियों को अधिक मुनाफा, बेहतर कामकाज और वैश्विक व्यापार में बढ़त मिलेगी.
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कृत्रिम मेधा (AI) को लेकर आईटी सेक्टर में नौकरियों के खत्म होने की आशंकाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है. मुंबई में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में उन्होंने कहा कि एआई भारतीय कंपनियों के लिए खतरा नहीं बल्कि नये अवसरों का दरवाजा खोलेगा. गोयल ने इसे आईटी उद्योग के लिए वैसा ही निर्णायक मोड़ बताया जैसा वर्ष 2000 में वाई2के संकट के बाद देखने को मिला था.
एआई को लेकर आशंकाएं और हकीकत
गोयल ने स्पष्ट किया कि एआई से रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ने की चिंता निराधार है. उनका कहना है कि जितना अधिक हम तकनीक से जुड़ेंगे, उतनी ही मानव कौशल और प्रतिभा की मांग बढ़ेगी. यानी एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा बल्कि नये अवसर पैदा करेगा.
भारतीय आईटी उद्योग के लिए सुनहरा मौका
भारत का आईटी सेक्टर 315 अरब डॉलर का है और इसमें करीब 60 लाख लोग काम करते हैं. गोयल का मानना है कि एआई से कंपनियों को अधिक मुनाफा, बेहतर कामकाज और निर्यात के नये रास्ते मिलेंगे. देश के 23 लाख STEM स्नातक इस बदलाव का लाभ उठा सकते हैं.
वैश्विक व्यापार समझौते और भारत की भूमिका
गोयल ने हाल के वर्षों में हुए मुक्त व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने 38 विकसित देशों के साथ साझेदारी की है, जो वैश्विक जीडीपी का दो-तिहाई हिस्सा रखते हैं. इन समझौतों से भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं और नवाचार नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा.
चीन से सीख, लेकिन भारतीय मूल्यों के साथ
गोयल ने कहा कि भारत चीन की दक्षता और पैमाने से सीख सकता है, लेकिन आगे बढ़ते समय मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देगा. उद्योगपति सज्जन जिंदल ने भी इस मौके पर कहा कि भारत को बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं में चीन से सीख लेकर तेजी दिखानी चाहिए.
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By राजीव कुमार
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