कैसे काम करती है Ball Tracking, LBW और UltraEdge? जानिए इसके पीछे की टेक्नोलॉजी

Updated at : 28 Mar 2026 6:00 PM (IST)
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IPL 2026 Ball Tracking Technology

बॉल ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी (Photo: AI Generated)

IPL 2026: क्रिकेट मैच में अब फैसले सिर्फ अंपायर नहीं, टेक्नोलॉजी भी तय कर रही है. Hawk-Eye बॉल की दिशा बताता है, UltraEdge हल्का सा एज पकड़ लेता है और स्मार्ट स्टंप्स तुरंत सिग्नल देते हैं. आइए इनके बारे में डिटेल में जानते हैं.

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IPL 2026 की शुरुआत आज से हो रही है. फैंस एक बार फिर रोमांच से भरे मुकाबलों के लिए तैयार हैं. मैदान पर जहां एक तरफ धुआंधार बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी देखने को मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ एडवांस टेक्नोलॉजी भी खेल को और ज्यादा फेयर और दिलचस्प बनाएगी. खासकर जब बात आती है LBW जैसे करीबी फैसलों की, तो अब सिर्फ अंपायर की नजर ही नहीं, टेक्नोलॉजी भी पूरा साथ देती है. आइए आपको एक-एक कर बताते हैं कि कौन-कौन सी टेक्नोलॉजी किस काम आती है.

हॉक-आई (Hawk-Eye)

सबसे पहले बात करते हैं हॉक-आई की. हॉक-आई एक एडवांस्ड कंप्यूटर सिस्टम है. स्टेडियम में लगे कई हाई-स्पीड कैमरे बॉल की हर मूवमेंट को रियल टाइम में ट्रैक करते हैं. इसके बाद हॉक-आई उस डेटा की मदद से गेंद की 3D ट्रैजेक्टरी तैयार करता है और ये बताता है कि बॉल स्टंप्स पर लगती या नहीं. यही वजह है कि थर्ड अंपायर को एकदम सटीक विजुअल्स मिलते हैं और फैसले भी पहले से कहीं ज्यादा सही और भरोसेमंद हो जाते हैं.

अल्ट्राएज (UltraEdge) या स्निकोमीटर (Snickometer)

जब मैदान पर फैसला बेहद करीब का होता है, यानी बॉल बैट या पैड को हल्का सा छूकर निकली है या नहीं, तब काम आता है अल्ट्राएज (UltraEdge) या स्निकोमीटर (Snickometer). ये टेक्नोलॉजी कुछ खास ऑडियो सेंसर और हाई-स्पीड कैमरों की मदद से बॉल और बैट के बीच होने वाले बेहद हल्के से कॉन्टैक्ट को भी पकड़ लेती है. जैसे ही कोई टच होता है, स्क्रीन पर ग्राफ में एक छोटा सा स्पाइक दिखता है. यह अंपायर को साफ संकेत देता है कि एज लगा है या नहीं. खासकर LBW रिव्यू और कैच-बिहाइंड जैसे फैसलों में ये सिस्टम गेम-चेंजर साबित होता है.

स्टंप सेंसर्स (Stump sensors)

आजकल क्रिकेट के स्टंप्स भी हाई-टेक हो चुके हैं. अब इनमें LED या माइक्रोचिप सेंसर लगे होते हैं. यह बॉल लगते ही तुरंत सिग्नल भेज देते हैं. जैसे ही बॉल स्टंप से टकराती है, ये सेंसर रियल टाइम में थर्ड अंपायर और ब्रॉडकास्ट टीम को जानकारी दे देते हैं. इसका फायदा ये है कि अब बोल्ड या रन-आउट जैसे फैसले लेने में न तो देरी होती है और न ही ज्यादा कन्फ्यूजन.

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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