बजट 2026: भारत ने आईटी और टेलीकॉम पर लगाया बड़ा दांव, देखिए अमेरिका-चीन-रूस-पाकिस्तान के आगे कितना दमदार
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 01 Feb 2026 5:55 PM
बजट 2026: भारत बनाम दुनिया, आईटी और टेलीकॉम खर्च की तुलना
भारत ने बजट 2026 में आईटी और टेलीकॉम पर 74,560 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव किया है. जानिए अमेरिका, चीन, रूस और पाकिस्तान के मुकाबले भारत कहां खड़ा है और डिजिटल भविष्य के लिए क्या रणनीति है.
भारत सरकार ने बजट 2026 में आईटी और टेलीकॉम सेक्टर को नई रफ्तार देने के लिए खास प्रावधान किए हैं. जहां टेलीकॉम के लिए 74,560 करोड़ रुपये (8 बिलियन डॉलर) का सीधा आवंटन किया गया है, वहीं आईटी सेक्टर को विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए 20 साल का टैक्स हॉलीडे जैसी बड़ी राहत दी गई है. यह कदम भारत को डिजिटल इकोनॉमी में मजबूती देने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
भारत का डिजिटल निवेश
भारत ने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और एआई इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए बजट में बड़ा हिस्सा रखा है. सरकार का मकसद है कि देश में 5G और भविष्य की तकनीकों का विस्तार तेजी से हो और भारत आईटी सेवाओं के साथ-साथ डिजिटल प्रोडक्ट्स में भी वैश्विक ताकत बने.
| देश | खर्च (USD) | मुख्य फोकस |
| भारत | 8B | टेलीकॉम इंफ्रा, एआई, क्लाउड टैक्स हॉलीडे |
| अमेरिका | 2.9T | एआई, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड, टेलीकॉम मॉडर्नाइजेशन |
| चीन | 2.8T | 5G, एज कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता |
| रूस | 70B | आईसीटी सर्विसेज, टेलीकॉम, सीमित ग्रोथ |
| पाकिस्तान | 0.1B | डिजिटल स्टार्टअप्स, कनेक्टिविटी, फ्रीलांस इकोनॉमी |
अमेरिका की तुलना
2026 में आईटी और टेक्नोलॉजी पर अमेरिका में लगभग 2.9 ट्रिलियन डॉलर खर्च अनुमानित है. इसमें एआई, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड और टेलीकॉम मॉडर्नाइजेशन शामिल है. यह आंकड़ा भारत से कई गुना ज्यादा है और साफ दिखाता है कि अमेरिका तकनीकी नेतृत्व बनाए रखने के लिए भारी निवेश कर रहा है.
चीन की रणनीति
चीन ने 2026 के लिए अनुमानित 2.7-2.8 ट्रिलियन डॉलर आईटी और टेलीकॉम पर खर्च अनुमानित है. उसका फोकस 5G, एज कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता पर है. चीन का यह निवेश उसे आने वाले दशक में अमेरिका के बराबर खड़ा करने की कोशिश है.
रूस और पाकिस्तान की स्थिति
रूस का आईसीटी खर्च लगभग 6-7 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है, लेकिन युद्ध और प्रतिबंधों के कारण उसकी ग्रोथ सीमित है. वहीं पाकिस्तान ने 2026 में आईसीटी प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 29,914 मिलियन रुपये (लगभग 1 बिलियन डॉलर) का बजट रखा है. पाकिस्तान का ध्यान डिजिटल स्टार्टअप्स और कनेक्टिविटी पर है, लेकिन उसका स्तर भारत और चीन से काफी पीछे है.
नई दिशा देने की कोशिश
भारत ने बजट 2026 में आईटी और टेलीकॉम को नई दिशा देने की कोशिश की है. हालांकि अमेरिका और चीन के मुकाबले भारत का खर्च अभी छोटा है, लेकिन नीति आधारित प्रोत्साहन और टैक्स राहत से भारत डिजिटल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ सकता है.
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