घर के काम में जुटा था पति और टीवी देख रही बीमार पत्नी अचानक हुई गायब, 2 साल बाद गूगल ने सुलझाई गुत्थी
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 04 Jan 2025 12:01 PM
Belgium Woman Paulette Landrieux and Marcel Taret News / X (Twitter)
मार्सेल ने अपनी पत्नी पॉलिट को कुछ मिनटों के लिए अकेला छोड़ दिया ताकि वह कपड़े सुखाने की लाइन पर कपड़े टांग सकें. यह आखिरी बार था जब उन्होंने अपनी पत्नी को जीवित देखा. जानिए क्या हुआ आगे-
पॉलिट लैंड्रिएक्स एक बुजुर्ग महिला, जो अल्जाइमर रोग से पीड़ित थीं, अचानक गायब हो गईं. इससे उनके पति मार्सेल टेरेट और परिवार परेशान हो गए थे. पॉडकास्टर मिस्टर बैलन ने हाल ही में एक वीडियो में बताया कि पॉलिट के पति, मार्सेल, उनकी देखभाल करने वाले अकेले व्यक्ति थे और यह उनके लिए एक फुल-टाइम काम था. पॉलिट को दवाइयों और खाने के समय की याद दिलानी पड़ती थी, और कभी-कभी वह बिना बताये घर से बाहर भी चली जाती थीं. दो साल बाद, गूगल मैप्स की मदद से पॉलिट की गुमशुदगी की गुत्थी सुलझी.
जब आखिरी बार पत्नी को जीवित देखा
2 नवंबर 2020 को, मार्सेल ने अपनी पत्नी पॉलिट को कुछ मिनटों के लिए अकेला छोड़ दिया ताकि वह कपड़े सुखाने की लाइन पर कपड़े टांग सकें. यह आखिरी बार था जब उन्होंने अपनी पत्नी को जीवित देखा. काम करने से पहले, मार्सेल ने अपनी पत्नी को टीवी के सामने अच्छा लंच देकर बैठाया था और सोचा था कि जब वह वापस आयेंगे, तो पॉलिट अपने पसंदीदा शो को देखकर खुश होंगी. लेकिन जब वह वापस आये, तो हैरानी की बात यह थी कि पॉलिट वहां नहीं थीं.
खूब ढूंढ़ा, नहीं मिली पत्नी
मार्सेल भय से कांपते हुए अपनी पत्नी पॉलिट को कमरे-से-कमरे ढूंढते रहे. जब वह उन्हें घर के बाहर भी नहीं मिलीं, तो उन्होंने पड़ोसियों के दरवाजे भी खटखटाये, लेकिन किसी ने पॉलिट को नहीं देखा था. घबराए हुए मार्सेल ने पुलिस को सूचना दी और एक घंटे से भी कम समय में, राहत की सांस ली जब उन्होंने बेल्जियम के एंडेन में अपने घर के ऊपर एक सर्च और रेस्क्यू हेलीकॉप्टर को मंडराते देखा. मार्सेल को यकीन था कि वह जल्द ही अपनी पत्नी के बारे में कुछ जानकारी प्राप्त कर लेंगे.
महीने और साल गुजर गए
रात हो गई, लेकिन पॉलिट का कोई पता नहीं चला. अगले कुछ दिनों और हफ्तों तक भी पॉलिट का कोई सुराग नहीं मिला. महीनों गुजर गए और फिर दो साल हो गए, लेकिन पॉलिट का कोई भी पता नहीं चला. इस दौरान, मार्सेल ने लगभग मान लिया था कि वह शायद अपनी पत्नी के बारे में सच्चाई जाने बिना ही जीवन खत्म कर देंगे.
अद्भुत संयोग ने सुलझाया रहस्य
पॉलिट के गायब होने के रहस्य को एक अद्भुत संयोग ने सुलझा दिया. जिस दिन पॉलिट गायब हुईं, उसी दिन गूगल की स्ट्रीटव्यू कैमरा कार एंडेन में आई थी. 2022 में, मार्सेल के एक पड़ोसी ने इस संबंध को समझा और उस गली की तस्वीरें देखीं, जहां यह दंपती रहता था. तस्वीरों में पॉलिट को अपने घर से दूर सड़क पर चलते हुए देखा गया, जबकि उनके पीछे मार्सेल को देखा जा सकता था, जो कपड़े धो रहे थे.
झाड़ियों में मिला पॉलिट का शव
जांचकर्ताओं ने उस रास्ते का अनुसरण किया, जिसपर पॉलिट जा रही थीं, और आखिरकार उनका पता चल गया. सड़क के उस पार एक खड़ी पहाड़ी थी, जो मोटी झाड़ियों की ओर जाती थी. झाड़ियों के अंदर पॉलिट का शव पाया गया. बैलेन ने बताया कि जब पॉलिट की इतनी बड़ी तलाश चल रही थी, तो वह संभवत: वहीं फंस गई होंगी. उन्हें समझ में नहीं आया कि क्या हो रहा है, और शायद वह मदद के लिए चिल्ला नहीं पाईं, इसलिए वहीं फंसे हुए उनकी मौत हो गई.
Google Maps का Street View फीचर अब भारत में भी, बदल के रख देगा पूरा यूजर एक्सपीरियंस
Alexa ने बंदरों के झुंड से बचायी मासूम बच्चियों की जान, काम आयी यूजर की सूझबूझ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










