हबल ने खोजा ब्रह्मांड का सबसे दूरस्थ तारा, पृथ्वी तक इसकी रोशनी पहुंचने में लगे नौ अरब साल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Apr 2018 10:00 PM

विज्ञापन

वाशिंगटन : नासा की हबल अंतरिक्ष दूरबीन ने अभी तक का सबसे सुदूरवर्ती तारा खोजा है. ब्रह्मांड के बीच में स्थित नीले रंग के इस विशाल तारे का नाम इकारस है. यह तारा इतना दूर है कि इसकी रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में नौ अरब साल लग गये. दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन से […]

विज्ञापन

वाशिंगटन : नासा की हबल अंतरिक्ष दूरबीन ने अभी तक का सबसे सुदूरवर्ती तारा खोजा है. ब्रह्मांड के बीच में स्थित नीले रंग के इस विशाल तारे का नाम इकारस है.

यह तारा इतना दूर है कि इसकी रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में नौ अरब साल लग गये. दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन से भी यह तारा बहुत धुंधला दिखाई देगा.

हालांकि ग्रेवीटेशनल लेंसिंग नाम की प्रक्रिया होती है जो तारों की धुंधली चमक को तेज कर देती है, जिससे खगोलविज्ञानी दूर के तारे को भी देख सकते हैं.

बर्केले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया मेंइस शोध का नेतृत्व करने वाले पैट्रिक केली ने कहा, यह पहली बार है कि जब हमने एक विशाल और अपनी तरह का अकेला तारा देखा है.

केली ने कहा, आप वहां पर कई आकाशगंगाओं को देख सकते हैं लेकिन यह तारा उस तारे से कम से कम 100 गुना दूर स्थित है, जिसका हम अध्ययन कर सकते हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola