WhatsApp मैसेज खुल कर नहीं कर पायेंगे फॉरवर्ड, जानिए इसके पीछे का Corona कनेक्शन

Author : Rajeev Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 08 Apr 2020 11:00 AM

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WhatsApp reduces Forward Message Limit to one Chat at a Time to fight Fake News During COVID 19 Outbreak नयी दिल्ली : व्हाट्सऐप ने कोरोना वायरस संकट के बीच गलत खबरें और जानकारियां फैलने की समस्या से निपटने के लिए संदेश फॉरवर्ड (साझा करने) के नियमों में बदलाव किया है और अब ज्यादा फॉरवर्ड होने वाले संदेशों को एक बार में एक जगह भेजने की सीमा लगा दी है. अभी तक यह सीमा सीमा पांच लोगों या समूहों तक की थी.

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WhatsApp reduces Forward Message Limit to one Chat at a Time to fight Fake News During COVID 19 Outbreak नयी दिल्ली : व्हाट्सऐप ने कोरोना वायरस संकट के बीच गलत खबरें और जानकारियां फैलने की समस्या से निपटने के लिए संदेश फॉरवर्ड (साझा करने) के नियमों में बदलाव किया है और अब ज्यादा फॉरवर्ड होने वाले संदेशों को एक बार में एक जगह भेजने की सीमा लगा दी है. अभी तक यह सीमा सीमा पांच लोगों या समूहों तक की थी.

फेसबुक के स्वामित्व वाली मेसेंजिंग ऐप व्हाट्सऐप मंगलवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, हम नया फीचर पेश कर रहे हैं. इससे अब संदेशों को एक बार में केवल एक चैट में फॉरवर्ड किया जा सकेगा. हमने संदेशों के फॉरवर्ड होने की संख्या में उल्लेखनीय बढ़त देखी है. इस नये फीचर से उपयोक्ता भ्रामक जानकारियों को फैलने से रोकने में योगदान कर सकते हैं.

पिछले साल व्हाट्सऐप ने संदेश के साथ यह जानकारी देने की शुरुआत भी की थी कि इसे फॉरवर्ड किया गया है या नहीं. यह कदम उसने फर्जी खबरों को फैलने से रोकने के लिए विभिन्न देशों की सरकार के दबाव बनाने के बाद उठाया था.

कोरोना वायरस के सामुदायिक फैलाव को रोकने के लिए किये गए लॉकडाउन (सार्वजनिक पाबंदी) के दौरान व्हाट्सऐप जैसे ऐप का उपयोग बढ़ा है. कंपनी ने कहा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोग सामुदायिक दूरी (सोशल डिसटेंसिंग) का पालन कर रहे हैं. इस वजह से वह अपने दोस्तों, परिवारों से दूर हैं और उनसे बातचीत करने या वीडियो चैट करने के लिए व्हाट्सऐप पर निर्भर कर रहे हैं.

लोग डॉक्टर, शिक्षक या पृथक रह रहे परिजनों से व्हाट्सऐप पर बातचीत कर रहे हैं. ऐसे में फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए कंपनी की ओर से यह कदम उठाया गया है. ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, कंपनी का मानना है कि इस तरह के संदेशों के प्रसार को सीमित करना अहम है ताकि व्हाट्सऐप लोगों के लिए एक निजी वार्तालाप की जगह बनी रहे.

कंपनी ने कहा कि संदेश फॉरवर्ड को सीमित करने के उसके पिछले कदमों से फॉरवर्ड किये गए संदेशों में 25 प्रतिशत की कमी लाने में मदद मिली है. भारत में व्हाट्सऐप का उपयोग करने वालों की संख्या 40 करोड़ से अधिक है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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