बंगाल में EFR कैंप पर माओवादी हमला मामले में 14 साल बाद आया फैसला, 23 दोषी करार, 24 जवानों की गई थी जान

खड़गपुर, जीतेश बोरकर : चौदह साल पहले पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम के शिलदा में ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स के कैंप पर माओवादी हमले और 24 जवानों की हत्या के मामले में पश्चिमी मेदिनीपुर जिला अदालत ने 23 आरोपियों को दोषी करार दिया है. अदालत जल्द ही सजा सुनायेगी. गौरतलब है कि राज्य में वाममोर्चा के शासन […]
खड़गपुर, जीतेश बोरकर : चौदह साल पहले पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम के शिलदा में ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स के कैंप पर माओवादी हमले और 24 जवानों की हत्या के मामले में पश्चिमी मेदिनीपुर जिला अदालत ने 23 आरोपियों को दोषी करार दिया है. अदालत जल्द ही सजा सुनायेगी.
गौरतलब है कि राज्य में वाममोर्चा के शासन के दौरान 15 फरवरी 2010 को झाड़ग्राम के शिलदा इलाके में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मौजूद इएफआर कैंप पर माओवादियों ने अचानक हमला कर दिया. माओवादियों के हमले में इएफआर के 24 जवान शहीद हो गये.
इएफआर अस्त्र भंडार को लूटने के बाद कैंप में लगा दी थी आग
हमलावरों ने इएफआर अस्त्र भंडार को लूटने के बाद कैंप में आग लगा दी थी. जवानों की जवाबी कार्रवाई में पांच माओवादी भी मारे गये थे. पुलिस कारवाई के दौरान कुछ माओवादियों को गिरफ्तार किया गया था,जबकि कुछ ने आत्मसमर्पण कर दिया. माओवादी नेता किशनजी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद माओवादी सुचित्रा महतो ने आत्मसमर्पण कर दिया और वह सरकारी गवाह बन गयी.
हमले से जुड़ी खास बातें
- मेदिनीपुर जिला अदालत में लंबे समय तक चली सुनवाई
- इएफआर कैंप पर हमले में 24 जवान हो गये थे शहीद
- शस्त्र भंडार को हमलावरों ने लूट लिया था
- जवाबी कार्रवाई में मारे गये थे पांच माओवादी
- झाड़ग्राम से मामले को पश्चिमी मेदिनीपुर किया गया था ट्रांसफर
- 70 लोगों की हुई गवाही, 23 माओवादी दोषी करार
- एक आरोपी माओवादी की पहले ही हो चुकी है मौत
इन्हें दिया गया है दोषी करार, घटना के बाद से हैं जेल में बंद
मनसाराम हेम्ब्राम,ठाकुरमनी हेम्ब्राम,कल्पना माइति, मानस महतो, काजल महतो,मंगल सोरेन, सनातन सोरेन,सुखलाल सोरेन,कन्हाई हांसदा,राजेश हांसदा,श्यामचरण हांसदा,राजेश मुंडा,रंजन मुंडा. गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर रहने वाले आरोपियों के नाम: इंद्रजीत कर्मकार (जमानत मिलने के बाद दूसरे मामले में जेल में बंद), लोचन सिंह सरदार,चूनाराम बास्के,आशीष माहतो,धृतिरंजन माहतो,विष्णु सोरेन,अर्नब दाम,रामसाई हांसदा,प्रशांत पात्र और बुद्धेश्वर माहतो है.
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मामले को लेकर सरकारी वकील का बयान
सरकारी वकील देवाशीष माइति ने बताया कि घटना को लेकर 24 लोगों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में जमा हुई थी. मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी माओवादी नेता सुदीप चोंगदार उर्फ कंचन की मौत हो गयी.13 आरोपी जेल में बंद थे ,जबकि 10 आरोपी जमानत पर थे. मंगलवार को सभी आरोपियों को मेदिनीपुर जिला अदालत में पेश किया गया.
जज के सामने 22 आरोपियों को पेश किया गया. एक आरोपी की तबीयत खराब होने के कारण उसे अदालत परिसर में एम्बुलेंस में सुलाकर रखा गया था.70 लोगों की गवाही लेने के बाद इन आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया. बुधवार और गुरुवार को 23 दोषियों का पक्ष सुनने के बाद सजा सुनायी जायेगी.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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