चांदनी अगर दीपाली है, तो चांदनी कहां है

Updated at :04 Mar 2017 7:40 AM
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चांदनी अगर दीपाली है, तो चांदनी कहां है

जलपाईगुड़ी: दीपाली अगर चांदनी है, तो बीते साल 7 जुलाई को चंदना चक्रवर्ती के आश्रय होम की अधीक्षक दीप्ति घोष ने चांदनी नामक जिस तीन साल की बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया था वह चांदनी कहां गयी? यह सवाल जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन से लेकर जलपाईगुड़ी सीडब्ल्यूसी सदस्यों तक को परेशान […]

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जलपाईगुड़ी: दीपाली अगर चांदनी है, तो बीते साल 7 जुलाई को चंदना चक्रवर्ती के आश्रय होम की अधीक्षक दीप्ति घोष ने चांदनी नामक जिस तीन साल की बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया था वह चांदनी कहां गयी? यह सवाल जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन से लेकर जलपाईगुड़ी सीडब्ल्यूसी सदस्यों तक को परेशान कर रहा है.

गत रविवार को बीरपाड़ा के दलगांव के निवासी बासफोर दंपती अपनी तीन साल की बच्ची दीपाली को लेने के लिए दार्जिलिंग सीडब्ल्यूसी का लिखित आदेश लेकर जलपाईगुड़ी सीडब्ल्यूसी के सामने पहुंचे. इसके बाद यह सामने आया कि चंदना के विमला शिशु गृह में चांदनी नामक एक बच्ची थी जिसे सरकारी निर्देश पर गत 22 जनवरी को दक्षिण दिनाजपुर के हिली होम में स्थानांतरित कर दिया गया है. दीपाली का चेहरा उस बच्ची से काफी मिलता है. बासफोर दंपती ने इसी चांदनी को अपनी दीपाली बताया है. इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि वह चांदनी कहां है, जिसे गत जुलाई महीने में होम में लाया गया था और सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया था.

बीते साल 30 जून को जलपाईगुड़ी शहर के ग्रीन सिटी नामक एक सामाजिक संगठन की ओर से जिले के एडीएम को एक चिट्ठी दी गयी थी, जिसमें कहा गया था कि बीते साल फरवरी महीने में जिला प्रशासन और जलपाईगुड़ी वेलफेयर आर्गनाइजेशन के सहयोग से करला नदी पार इलाके से सुकनी दास नामक एक महिला को बरामद कर अस्पताल में भरती कराया गया था. महिला के दो बच्चों सात साल के विश्वजीत और तीन साल की चांदनी को आश्रय होम में रखा गया. लेकिन 18 जुलाई को जब सामाजिक संगठन के सदस्य बच्चों का हाल जानने पहुंचे, तो पता चला कि विश्वजीत को दो महीने पहले ही कोलकाता भेजा जा चुका है. कोलकाता में किस जगह भेजा गया है, वहां का पता और टेलीफोन नंबर आश्रय होम के लोग नहीं बता पाये. होम पक्ष की ओर से यह भी बताया गया कि विश्वजीत की बहन चांदनी को सिलीगुड़ी भेज दिया गया है. इसके बाद जब इस बारे में जिला प्रशासन के साथ संपर्क किया गया, तो दो भाई-बहन को वापस जलपाईगुड़ी लाकर विमला शिशु गृह में रखा गया.

ग्रीन सिटी की ओर से सामाजिक कार्यकर्ता पार्थसारथी राय ने बताया कि उक्त चिट्ठी की प्रतिलिपि जिला जज, प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों और सीडब्ल्यूसी को दी गयी. उन्होंने कहा कि बासफोर दंपती की दीपाली को रिकॉर्ड में चांदनी नाम से दिखाया गया. हमने जिस चांदनी को होम को दिया था, यह वह चांदनी नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सुकनी दास की बेटी चांदनी को कहीं बेच दिया गया है.

इधर ग्रीन सिटी की ओर से मिली चिट्ठी के आधार पर जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन और सीडब्ल्यूसी छानबीन कर रहे थे. अब दीपाली उर्फ चांदनी के सामने आने से मामला और साफ हो गया है. जलपाईगुड़ी सीडब्ल्यूसी सूत्रों ने बताया कि ग्रीन सिटी की चिट्ठी मिलने के बाद चंदना चक्रवती को चिट्ठी दी गयी कि क्यों सुकनी दास के दोनों बच्चों विश्वजीत और चांदनी को सीडब्ल्यूसी के सामने हाजिर नहीं किया गया. 5 जुलाई की इस चिट्ठी में दोनों बच्चों को अविलंब सीडब्ल्यूसी के सामने हाजिर करने का निर्देश भी दिया गया. इसके बाद 7 जुलाई को चंदना ने दोनों बच्चों को सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया. इसी के साथ दोनों बच्चों का नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हुआ. दोनों बच्चों का रजिस्टर नंबर 3488 और 3489 है.

इस बीच बीते साल 5 मार्च को सुकनी दास को चंदना के आश्रय होम से नदिया के कृष्णनगर के पंकज आचार्य महिला निवास भेज दिया गया. आश्रय होम का दावा है कि यह काम सरकारी निर्देश पर किया गया, लेकिन सवाल है कि बच्चों से मां को अलग क्यों किया गया. चांदनी मामले में जलपाईगुड़ी जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन दफ्तर भी सवालों के घेरे में है. जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर सास्मिता घोष ने बताया कि सरकारी निर्देश पर चांदनी नामक एक बच्ची को विमला शिशु गृह से हिली होम में भेजा गया. लेकिन बासफोर दंपती की संतान दीपाली उर्फ चांदनी के सामने आने से पूरे मामला संदेह के घेरे में आ गया है. हिली होम में भेजी गयी चांदनी नामक बच्ची अगर दीपाली है, तो सुकनी दास की बेटी चांदनी कहां है. इसे लेकर छानबीन की जा रही है.

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