पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विशिष्ट शिक्षकों को मिला जिला चुनने का अधिकार, सरकार का आदेश रद्द

Updated at :13 May 2026 9:55 PM
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patna highcourt on teacher

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Teacher News: पटना हाईकोर्ट ने विशिष्ट शिक्षकों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए उन्हें अपने मनचाहे जिले में पदस्थापन का अधिकार बरकरार रखा है. कोर्ट ने सरकार द्वारा नियम बदलकर नियुक्ति प्रक्रिया रोकने के आदेश को निरस्त कर दिया है.

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Bihar Teacher News: पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि फरवरी 2024 में दक्षता परीक्षा पास कर औपबंधिक रूप से नियुक्त हुए विशिष्ट शिक्षकों को अपने पदस्थापन के लिए जिला चुनने का अधिकार है. कोर्ट ने साफ किया कि सरकार बाद में नियम बदलकर उनका यह अधिकार खत्म नहीं कर सकती.

न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने 350 से अधिक विशिष्ट शिक्षकों की याचिकाओं को मंजूर कर लिया. इन शिक्षकों ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी और उन्हें पुराने स्थान पर भेजने की बात कही गई थी.

क्या है पूरा मामला?

बिहार में 2023 में ‘विशिष्ट शिक्षक नियुक्ति और सेवा शर्त नियमावली’ लागू की गई थी. इसके तहत पहले से काम कर रहे नियोजित शिक्षकों को दक्षता परीक्षा पास करके विशिष्ट शिक्षक बनने का मौका दिया गया. इस प्रक्रिया में शिक्षकों को अपने मनचाहे जिले के लिए तीन विकल्प चुनने की सुविधा दी गई थी. इसी आधार पर परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी हुई और कई शिक्षकों को औपबंधिक नियुक्ति भी मिल गई.

सरकार ने बदला नियम, बढ़ा विवाद

बाद में राज्य सरकार ने 19 दिसंबर 2024 को नियमों में बदलाव कर दिया और जिले चुनने का अधिकार खत्म कर दिया. इसके बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने 21 दिसंबर 2024 को आदेश जारी कर कई शिक्षकों की औपबंधिक नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें पुराने स्थान पर वापस भेजने का निर्देश दिया.

हाईकोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट में यह भी बताया गया कि चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, सिर्फ स्कूल आवंटन बाकी था. ऐसे में शिक्षकों को पहले से ही वैध अधिकार मिल चुका था. कोर्ट ने कहा कि बाद में किया गया बदलाव पहले से पूरी हो चुकी प्रक्रिया पर लागू नहीं किया जा सकता.

हाईकोर्ट के इस फैसले से हजारों विशिष्ट शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है. अब उन्हें अपने चुने हुए जिले में पदस्थापन का अधिकार मिलेगा और सरकार का रद्द किया गया आदेश लागू नहीं होगा.

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Abhinandan Pandey

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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