किसानों से सीधे धान खरीदने की प्रक्रिया शुरू

Updated at :28 Feb 2017 8:33 AM
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किसानों से सीधे धान खरीदने की प्रक्रिया शुरू

मालदा. किसानों से सीधे धान खरीदने की प्रक्रिया मालदा में शुरू कर दी गई है. सरकार के इस पहल से जिले के किसान भी खुश हैं और वह सरकार को ही फसल बेचना चाहते हैं. सोमवार को यह बात मालदा के जिला अधिकारी शरद द्विवेदी ने कही. वह संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने […]

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मालदा. किसानों से सीधे धान खरीदने की प्रक्रिया मालदा में शुरू कर दी गई है. सरकार के इस पहल से जिले के किसान भी खुश हैं और वह सरकार को ही फसल बेचना चाहते हैं. सोमवार को यह बात मालदा के जिला अधिकारी शरद द्विवेदी ने कही. वह संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इस साल दो लाख 56 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य इस जिले में रखा गया है. शुरू में किसानों से धान खरीदने में थोड़ी जटिलता थी.

अब वह परेशानी दूर कर ली गई है. धान खरीद की प्रक्रिया को राज्य सरकार ने सरल कर दिया है. फरवरी महीने में 40 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है. उल्लेखनीय है कि मालदा जिले में धान खरीदने की प्रक्रिया को लेकर कृषि विभाग के सचिव अलापन बनर्जी दो बार मालदा जिले का दौरा कर चुके हैं. उन्होंने धान खरीदने के केन्द्रों का भी दौरा किया था.

जिले के खाद्य नियंत्रक सुदेक्ष पोद्दार ने भी कहा है कि धान खरीदने की जटिलता को राज्य सरकार ने खत्म कर दिया है. पहले एक कृषक 45 मीट्रिक टन से अधिक धान की बिक्री नहीं कर सकते थे. इस नियम को अब खत्म कर दिया गया है. किसान चाहे जितना धान सरकार को बेच सकता है. पैसे भी सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दिये जायेंगे. किसान चाहे तो चेक से भी भुगतान ले सकते हैं. जल्दी भुगतान मिल जाने की वजह से जिले के किसान भी सरकार को ही धान बेचने चाहते हैं. इधर, प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में धान खरीदने की प्रक्रिया थोड़ी देर से शुरू हुई है. पिछले साल दो लाख 100 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी. इस साल दो लाख 56 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है.

31 अगस्त तक धान की खरीद होगी. इस काम में विभिन्न कॉपरेटिव सोसायटी तथा सेल्फ हेल्प ग्रुप को भी लगाया गया है. इसके सदस्य घर-घर जा रहे हैं. किसानों को सरकार को ही धान बेचने के लिए समझा रहे हैं. किसान भी इस बात को समझ रहे हैं. सूत्रों ने आगे बताया कि बाजार में किसानों को धान की कीमत प्रति क्विंटल 1320 रुपये से लेकर 1350 रुपये मिलती है. वहीं सरकार 1470 रुपये प्रति क्विंटल के दर से धान खरीद रही है.

अगर सेंटर में धान की बिक्री हो, तो 20 रुपये प्रति क्विंटल अलग से दिये जाते हैं. गाजल के एक किसान सुबल मंडल का कहना है कि पहले धान खरीद की प्रक्रिया काफी कठिन थी. इसी वजह से किसान सरकार को धान नहीं बेचना चाहते थे. अब प्रक्रिया को सरल कर दिया गया है. किसानों को बाजार दर से अधिक पैसे भी मिल रहे हैं. इसी वजह से सरकार को धान बेचने में किसानों की दिलचस्पी बढ़ गई है. इधर, खाद्य नियंत्रक सुदेक्षा पोद्दार का कहना है कि किसानों से धान खरीदने के बाद सरकार 22 मिलों को इसकी आपूर्ति करेगी. उन मिलों से तैयार चावल को रखने के लिए 13 गोदाम भी बनाये गये हैं.

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