निजी अस्पतालों के खिलाफ यूथ कांग्रेस ने खोला मोरचा

Updated at :24 Feb 2017 7:56 AM
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निजी अस्पतालों के खिलाफ यूथ कांग्रेस ने खोला मोरचा

सिलीगुड़ी: राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होमों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है. इसको लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कोलकाता में तमाम बड़े नर्सिंग होम के मालिकों के साथ एक बैठक की थी और उन्हें मानवीय होने के लिए कहा था. उसके एक दिन बाद ही यूथ […]

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सिलीगुड़ी: राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होमों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है. इसको लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कोलकाता में तमाम बड़े नर्सिंग होम के मालिकों के साथ एक बैठक की थी और उन्हें मानवीय होने के लिए कहा था. उसके एक दिन बाद ही यूथ कांग्रेस ने भी निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होमों के खिलाफ मोरचा खोल दिया है.

सिलीगुड़ी तथा इसके आसपास के इलाकों में स्थित निजी नर्सिंग होमों पर नकेल लगाने की मांग को लेकर सिलीगुड़ी विधानसभा यूथ कांग्रेस ने दार्जिलिंग के जिला अधिकारी (डीएम) को एक ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में कहा गया है कि निजी अस्पताल मरीजों के इलाज के अधिक उसकी जेब से अधिक से अधिक पैसा निकालने की फिराक में लगे रहते हैं. गरीब तथा आम लोग बड़ी मुश्किल से पैसा जुटाकर इलाज कराने के लिए इन अस्पतालों में जाते हैं.

वहां मरीजों के गैर वाजिब टेस्ट के नाम पर पैसे लिये जाते हैं. इसके अलावा जरूरी नहीं होने पर भी मरीजों को आइसीयू अथवा वेंटीलेटर पर रखकर बिल बढ़ाया जाता है. ज्ञापन में आगे कहा गया है कि सिलीगुड़ी के निजी डॉक्टरों का भी यही हाल है. डॉक्टर की कोई फीस निर्धारित नहीं है. 400 से लेकर 800 रुपये रोगी देखने का डॉक्टर ले रहे हैं. ऐसे डॉक्टरों से गरीब लोग चिकित्सा करा पाने में सक्षम नहीं हैं. ज्ञापन में निजी डॉक्टरों के फीस निर्धारित करने की मांग की गई है.
ज्ञापन में आगे कहा गया है कि रात के समय निजी नर्सिंग होमों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं होते. आरएमओ को रखकर रात में काम चलाया जाता है. विशेष प्रशिक्षण प्राप्त नहीं होने की वजह से ऐसे आरएमओ से इलाज कराने पर जान को भी खतरा हो सकता है. यदि रात को किसी गंभीर मरीज को नर्सिंग होम में भरती कराय जाता है, तो इसकी सूचना आरएमओ द्वारा स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दी जाती है. डॉक्टरों को घर से बुलाया जाता है. कभी-कभी डॉक्टरों के आने में देरी की वजह से मरीज की जान भी चली जाती है. ज्ञापन में आगे आरोप लगाया गया है कि सिलीगुड़ी के अधिकांश नर्सिंग होमों में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है.

इसकी वजह से न केवल मरीज एवं उनके परिजन को, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी होती है. मरीज के परिजन जहां-तहां गाड़ी रख देते हैं, इससे जाम की समस्या उत्पन्न होती है. ज्ञापन देने के बाद यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रशांत सिंहल ने बताया कि निजी नर्सिंग होमों पर प्रशासन द्वारा नकेल कसने की कोई कोशिश नहीं की गई तो आने वाले दिनों में वह लोग और भी बड़ा आंदोलन करेंगे. निजी नर्सिंग होम की लूट-खसोट की वजह से आम लोग काफी परेशान हो रहे हैं. एक तो बेहतर चिकित्सा उपलब्ध नहीं होती, ऊपर से पैसे भी काफी ले लिये जाते हैं. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी नर्सिंग होम में चिकित्सा से संबंधित चार्ज की कोई जानकारी नहीं दी जाती. नर्सिंग होमों में उन्होंने रेट चार्ट लगाने की भी मांग की. ज्ञापन देने वालों में प्रदेश यूथ कांग्रेस के महासचिव एएस चौहान तथा छात्र परिषद के महासचिव शाहनवाज हुसैन भी शामिल थे.

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